कोरोना वायरस के मद्देनजर पुडुचेरी में नये वर्ष के आयोजनों के खिलाफ किरन बेदी

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  दिसंबर 31, 2020   09:34
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कोरोना वायरस के मद्देनजर पुडुचेरी में नये वर्ष के आयोजनों के खिलाफ किरन बेदी

मुख्यमंत्री ने कहा कि नये साल का जश्न बीच रोड पर,रेस्तराओं एवं होटलों में आयोजित होगा। उन्होंने कहा कि राज्य आपदा प्रबंधन अथॉरिटी के निर्णय के अनुरूप बेहद सख्ती के बीच इसका आयोजन किया जायेगा।

पुडुचेरी। नये वर्ष के स्वागत से जुड़े कार्यक्रमों को अनुमति देने के कांग्रेस सरकार के फैसले के खिलाफ जाते हुये पुडुचेरी की उपराज्यपाल किरन बेदी ने बुधवार को लोगों से अपील कि वह घरों में रह कर 2021 का स्वागत करें और सार्वजिनक स्थानों पर जमा होकर कोरोना वायरस के सुपर स्प्रेडर बनने से बचें। मुख्यमंत्री वी नारायणसामी ने हालांकि, जोर देकर कहा कि होटलोंएवं बीच पर नये साल के जश्न का आयोजन कोविड-19 सुरक्षा के नियमों का सख्ती से पालन करते हुये किया जायेगा। उन्होंने कहा कि पुडुचेरी की फ्रांसीसी संस्कृति को इस तरह के समारोहों के साथ जोड़ा गया था। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि नये साल का जश्न बीच रोड पर,रेस्तराओं एवं होटलों में आयोजित होगा। उन्होंने कहा कि राज्य आपदा प्रबंधन अथॉरिटी के निर्णय के अनुरूप बेहद सख्ती के बीच इसका आयोजन किया जायेगा। संघ शासित क्षेत्र दरअसल पहले फ्रांस का उपनिवेश था, जहां पूरे साल बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं खास तौर से नये साल की पूर्व संध्या पर आयोजित होने वाले समारोहों के लिये। इस बीच बेदी ने एक संदेश में कहा है कि यह बहुत अच्छा और सुरक्षित होगा कि लोग घर में ही रह कर नये साल का स्वागत करें और दूसरों को प्रभावित नहीं होने दें। भारतीय पुलिस सेवा की पूर्व अधिकारी रह चुकी किरन बेदी ने कहा कि गृह मंत्रालय कह चुका है कि नये साल के जश्न में बड़ी संख्या में लोगों का एकत्र होना और जमा होना कोरोना वायरस के बड़े स्तर पर प्रसार का कारण बन सकता।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


असम में महागठबंधन की सरकार बनी तो सोनोवाल एवं हिमंत के खिलाफ आरोपों की जांच होगी: बघेल

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 27, 2021   14:18
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असम में महागठबंधन की सरकार बनी तो सोनोवाल एवं हिमंत के खिलाफ आरोपों की जांच होगी: बघेल

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं राहुल गांधी के करीबी बघेल को अखिल भारतीय कांग्रेस समिति ने आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पार्टी की असम इकाई का पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। इस राज्य में मार्च-अप्रैल में विधानसभा चुनाव होंगे।

गुवाहाटी। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि अगर कांग्रेस नीत ‘महागठबंधन’ की सरकार असम में बनती है तो मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल और वित्तमंत्री हिमंत बिस्व सरमा सहित भाजपा सरकार एवं उसके मंत्रियों पर लगे भ्रष्टाचार के सभी आरोपों की जांच कराई जाएगी। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं राहुल गांधी के करीबी बघेल को अखिल भारतीय कांग्रेस समिति ने आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर पार्टी की असम इकाई का पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। इस राज्य में मार्च-अप्रैल में विधानसभा चुनाव होंगे। बघेल से जब पूछा गया कि क्या महागठबंधन निवर्तमान सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच, सत्ता में आने पर कराएगा? इस पर उन्होंने कहा, ‘‘निश्चित तौर पर आरोपों की जांच कराई जाएगी और संविधान एवं कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।’’ 

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने हालांकि, कहा कि सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सदस्यों के खिलाफ ‘बदले की भावना’ से कार्रवाई नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘ गलत हमेशा गलत होता है। भ्रष्टाचार के सभी आरोपों की जांच कराई जाएगी। जब हमारी पार्टी की सरकार आएगी तो संविधान का पालन किया जाएगा। हम संविधान का पालन करेंगे और किसी के खिलाफ व्यक्तिगत द्वेष की भावना से काम नहीं करेंगे। अगर किसी ने गलत किया होगा तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।’’ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने अपने असमी समकक्ष पर आरोप लगाया कि वह लगभग सभी प्रमुख क्षेत्रों जैसे मवेशी, कोयला, मछली, अंडा और सुपारी का सिंडिकेट चलाने में सीधे तौर पर शामिल हैं। बघेल ने आरोप लगाया, ‘‘ सर्वानंद सोनोवाल सिंडिकेट चला रहे हैं। वह मुख्यमंत्री बनने से पहले सिंडिकेट में शामिल थे और सत्ता में आने के बाद भी उसे जारी रखा। वह सीधे तौर पर सिंडिकेट में शामिल है और उनके संरक्षण में यह हो रहा है।’’ 

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अपने पूर्व पार्टी सहकर्मी रहे सरमा को इंगित करते हुए बघेल ने कहा कि भाजपा ने उन पर तमाम भ्रष्टचार के आरोप लगाए थे जब वह तरुण गोगोई सरकार में थे। उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा में शामिल होते ही उनके सभी पाप धुल गए। क्यों पिछले पांच साल से सीबीआई (शारदा चिट फंड घोटाला मामले में)उनकी जांच नहीं करती?’’ बघेल ने दावा करते हुए कहा, ‘‘भाजपा की नीति ‘पहले धमकाओं और फिर पार्टी में शामिल करो’ है। यह वह परिपाटी है जो भाजपा पूरे देश में और सभी के साथ कर रही है। जो भयभीत हो जाते हैं वे उनसे जुड़ जाते हैं और फिर उन्हें संरक्षण मिल जाता है।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि सरमा ने शारदा चिट फंड एवं लुइस बर्जर रिश्वत कांड मामलों में अपने बचाव के लिए कांग्रेस छोड़ी और भाजपा में शामिल हुए। पिछले महीने से चौथी बार असम में कांग्रेस की चुनावी तैयारियों का मुआयना करने आए बघेल भाजपा सरकार के खिलाफ, खासतौर पर सोनोवाल के खिलाफ भ्रष्टाचार के मुद्दे पर मुखर हैं। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस इस बार असम विधानसभा चुनाव में महागठबंधन के साथ उतर रही है जिसमें एआईडीयूएफ, माकपा, भाकपा, आंचलिक गण मोर्चा शामिल हैं।





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जम्मू में कांग्रेस के G-23 नेताओं का जमावड़ा, कर सकते हैं बड़ा ऐलान!

  •  अभिनय आकाश
  •  फरवरी 27, 2021   14:07
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जम्मू में कांग्रेस के G-23 नेताओं का जमावड़ा, कर सकते हैं बड़ा ऐलान!

जम्मू में जैसे ही कांग्रेस के इन दिग्गजों का जमावड़ा शुरू हुआ तो खबरें आने लगी की ये नेता जम्मू में कुछ बड़ा धमाका कर सकते हैं। ये सभी नेता कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जनक राज गुप्ता की श्रद्धांजलि सभा के लिए जमा हुए हैं। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद से रिटायर होने के बाद आजाद शुक्रवार को जम्मू पहुंचे।

कांग्रेस में कलह की तस्वीर और बढ़ती नजर आ रही है। कांग्रेस के कुछ असंतुष्ट नेता आज कुछ बड़ा ऐलान कर सकते हैं। गुलाम नबी आजाद, भूपेंद्र सिंह हुड्डा, आनंद शर्मा, कपिल सिब्बल, राज बब्बर जम्मू पहुंचे हैं। आज किसी बड़े ऐलान की संभावना जताई जा रही। संभावना जताई जा रही है कि ये असंतुष्टी कांग्रेस के भीतर कलह को किस तरह से और सामने रख सकती है। 

पांच राज्यों में कांग्रेस के प्रदर्शन पर ये बोले आजाद

जम्मू में जैसे ही कांग्रेस के इन दिग्गजों का जमावड़ा शुरू हुआ तो खबरें आने लगी की ये नेता जम्मू में कुछ बड़ा धमाका कर सकते हैं। ये सभी नेता कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ‘शांति सम्मेलन’ के लिए जमा हुए हैं। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद से रिटायर होने के बाद आजाद शुक्रवार को जम्मू पहुंचे। यहां उनके स्वागत में भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उमड़े। इस दौरान जब आजाद से पांच राज्यों में कांग्रेस के प्रदर्शन की संभावना पर पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अभी हम ये कैसे कह सकते हैं लेकिन कांग्रेस पार्टी का पूरा प्रयास होगा कि पांच राज्यों में हम चुनाव लड़ेंगे और अच्छा प्रदर्शन करेंगे।

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जी-23 और गांधी परिवार  

अगस्त 2020 में कांग्रेस के 23  नेताओं ने सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखी थी। 

सोनिया गांधी से संगठन में बदलाव की मांग की थी। 

दिसंबर 2020 में चिट्ठी लिखने वाले कुछ नेताओं से सोनिया गांधी ने मुलाकात की थी। 

फरवरी 2021 में कांग्रेस नेताओं ने फिर सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखी और संगठन में बदलाव की मांग की। 

कांग्रेस के नेताओं ने कुछ बड़ी शर्तें भी रखी।   

जम्मू में असंतुष्ट धड़े का जमावड़ा

कांग्रेस के अंसतुष्ट नेताओं के समूह को जी-23 के नाम से भी जाना जाता है जिन्होंने कांग्रेस के नेतृत्व को लेकर सवाल खड़े किए थे और सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखी थी। इन नेताओं में गुलाम नबी आजाद, कपिल सिब्बल, मनीष तिवारी, भूपेंद्र सिंह हुड्डा, पृथ्वीराज चव्हाण, विवेक तन्खा और राज बब्बर जैसे नेता शामिल हैं। जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद समेत हरियाणा, पंजाब, हिमाचल औऱ मध्य प्रदेश के आधा दर्जन से अधिक दिग्गज कांगेस नेताओं का जमावड़ा बीती शुक्रवार से ही जम्मू में है। 

गौर करने वाली बात ये है कि कांग्रेस के इन दिग्गज नेताओं का जमावड़ा ऐसे वक्त में हुआ है जब दक्षिण में राहुल गांधी पार्टी की जड़े मजबूत करने की कवायद में लगे हैं। जिसके बाद से जी-23 नेताओं के जम्मू में जमावड़े को लेकर कई मायने निकाले जा रहे हैं। माना जा रहे हैं कि ये नेता जम्मू से राहुल गांधी के बयान पर कोई बड़ा संदेश दे सकते हैं जिसमें उन्होंने उत्तर भारत की राजनीति को दक्षिण भारत की राजनीति से अलग बताया था। 





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गुजरात के चार प्रमुख शहरों में 15 दिन के लिए बढ़ाया गया रात्रिकालीन कर्फ्यू

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 27, 2021   13:38
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गुजरात के चार प्रमुख शहरों में 15 दिन के लिए बढ़ाया गया रात्रिकालीन कर्फ्यू

शुक्रवार रात जारी एक बयान में कहा गया कि कोरोना वायरस संक्रमण के मामले हाल में बढ़ने के बाद सरकार ने चार नगर निगमों में रात का कर्फ्यू 15 दिन और बढ़ाने का फैसला किया है।

अहमदाबाद। गुजरात सरकार ने हाल ही में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ने के बाद अहमदाबाद सहित राज्य के चार प्रमुख शहरों में लगाया गया रात का कर्फ्यू 15 दिन और बढ़ाने का निर्यण किया है। अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा और राजकोट में रात के कर्फ्यू की अवधि 28 फरवरी को समाप्त हो रही थी। शुक्रवार रात जारी एक बयान में कहा गया कि कोरोना वायरस संक्रमण के मामले हाल में बढ़ने के बाद सरकार ने चार नगर निगमों में रात का कर्फ्यू 15 दिन और बढ़ाने का फैसला किया है। गौरतलब है कि पिछले वर्ष दीपावली के बाद इन शहरों में संक्रमण के मामले बढ़ने के बाद पहली बार रात का कर्फ्यू लगाया गया था और यह पांचवीं बार है जब रात्रि कर्फ्यू की अवधि को बढ़ाया गया है। 

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यह कर्फ्यू आधी रात से शुरू हो कर सुबह छह बजे तक चलता है, लेकिन बयान में यह नहीं बताया गया है कि बढ़ाए गए रात्रिकालीन कर्फ्यू का वक्त क्या रहेगा। मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने शुक्रवार को गुजरात में संक्रमण के हालात की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की थी, जिसके बाद यह बयान जारी किया गया है। बयान के अनुसार राज्य में कोविड-19 टीकाकरण अभियान के प्रथम चरण में कुल 4.82 लाख स्वास्थ्य कर्मियों में से 4.07 लाख से अधिक को टीके की पहली खुराक दी गई थी। इसमें कहा गया कि अब तक 1.23 लाख स्वास्थ्य कर्मियों को टीके की दूसरी खुराक दी जा चुकी है।





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