UP में पिछले 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 21 नये मामले आये, अब तक कुल 6,68,47,318 को लगाई गई वैक्सीन

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पिछले विगत 24 घंटे में कोविड-19 के 21 नये मामले आये है तथा 27 लोग कोविड-19 से ठीक हुये है। अब तक 16,86,083 लोग कोविड-19 से ठीक हुये है।

मुख्यमंत्री के 3टी ट्रेस, ट्रैक और ट्रीट अभियान के साथ-साथ अभिनव प्रयोग का परिणाम है उत्तर प्रदेश में कोरोना नियंत्रित है जबकि अन्य प्रदेश में मामले बढ़े है। प्रदेश में 30 अप्रैल, 2021 के एक्टिव मामले 03 लाख 10 हजार से घटकर आज 329 हो गये है प्रतिदिन के मामले घटकर आज 21 रह गये है। विगत 24 घंटे में कोविड-19 के 21 नये मामले आये है तथा 27 लोग कोविड-19 से ठीक हुये। अब तक 16,86,083 लोग कोविड-19 से ठीक हुये है, कोविड-19 से ठीक होने वाले लोगों को प्रतिशत 98.6 है। प्रदेश में सक्रिय मामले कम होने पर भी कोविड-19 के टेस्ट करने की संख्या घटाई नहीं की जा रही है, ताकि संक्रमित व्यक्ति की पहचान करके त्वरित इलाज किया जा सके। कल विगत 24 घंटे में 2,32,028 कोविड सैम्पल टेस्टिंग की गयी तथा अब तक 7,15,21,631 सैम्पल की टेस्टिंग की गयी। 18 जनपदों में एक्टिव केस शून्य है, विगत 24 घंटे में हुयी टेस्टिंग में 61 जनपदों में संक्रमण का एक भी नया केस नहीं पाया गया है,। प्रदेश में कोविड टीकाकरण का कार्य तेजी से किया जा रहा है। प्रदेश में कल 7,41,523 वैक्सीन की डोज लगायी गई। पहली डोज 5,62,19,796 तथा दूसरी डोज 1,06,27,522 लगायी गयी। अब तक कुल 6,68,47,318 डोज लगायी गयी। अन्य प्रदेशों में कोविड संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है कोविड संक्रमण अभी समाप्त नहीं हुआ है, इसलिए कोविड प्रोटोकाल का पालन अवश्य करें

अपर मुख्य सचिव ‘सूचना’ श्री नवनीत सहगल ने बताया कि मुख्यमंत्री जी के 3टी ट्रेस, ट्रैक और ट्रीट अभियान के साथ-साथ अभिनव प्रयोग का परिणाम है कि उत्तर प्रेदश में कोरोना नियंत्रित है जबकि अन्य प्रदेश में मामले बढ़े है। उत्तर प्रदेश में 30 अप्रैल, 2021 के एक्टिव मामले 03 लाख 10 हजार से घटकर आज 329 हो गये है। प्रतिदिन के मामले घटकर आज 21 रह गये है। उन्होंनें बताया कि विगत 24 घंटे में कोविड-19 के 21 नये मामले आये है तथा 27 लोग कोविड-19 से ठीक हुये है। अब तक 16,86,083 लोग कोविड-19 से ठीक हुये है। कोविड-19 से ठीक होने वाले लोगों को प्रतिशत 98.6 है। सहगल ने बताया कि प्रदेश में सक्रिय मामले कम होने पर भी कोविड-19 के टेस्ट करने की संख्या घटाई नहीं की जा रही है, ताकि संक्रमित व्यक्ति की पहचान करके त्वरित इलाज किया जा सके। कल विगत 24 घंटे में 2,32,028 कोविड सैम्पल टेस्टिंग की गयी तथा अब तक 7,15,21,631 सैम्पल की टेस्टिंग की गयी है। उन्होंने बताया कि 18 जनपदों में एक्टिव केस शून्य है, विगत 24 घंटे में हुयी टेस्टिंग में 61 जनपदों में संक्रमण का एक भी नया केस नहीं पाया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में कोविड टीकाकरण का कार्य तेजी से किया जा रहा है। प्रदेश में कल 7,41,523 वैक्सीन की डोज लगायी गई। पहली डोज 5,62,19,796 तथा दूसरी डोज 1,06,27,522 लगायी गयी। उन्होंने बताया कि अब तक कुल 6,68,47,318 डोज लगायी गयी हैं। उन्होंने बताया कि अन्य प्रदेशों में कोविड संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है कोविड संक्रमण अभी समाप्त नहीं हुआ है। इसलिए कोविड प्रोटोकाल का पालन अवश्य करें।

उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण तथा न्यायिक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, लखनऊ के संयुक्त तत्वाधान में कल 28 अगस्त, 2021 को पूर्वाहन 10ः00 बजे न्यायिक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, गोमती नगर के प्रेक्षागृह में विधिक सेवाओं से सम्बन्धित जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मा0 उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश एवं कार्यपालक अध्यक्ष, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली, श्री यू0यू0 ललित होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मा0 उच्च न्यायालय, इलाहाबाद के मुख्य न्यायाधीश एवं कार्यपालक अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, श्री मुनीश्वर नाथ भण्डारी द्वारा की जायेगी। अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य श्री अमित मोहन प्रसाद की अध्यक्षता में राजकीय चिकित्सालयों में गुणवत्ता सुधार हेतु ‘नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैण्डर्ड एवं ‘सर्टिफिकेशन‘ विषय पर प्रदेश के समस्त जिलाधिकारियांे एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारियों का ’’अभिमुखीकरण‘‘ किया गया जिलाधिकारी जनपद एवं विकास खण्ड स्तर के प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा चिकित्सा इकाईयों का भ्रमण कर गैप-क्लोजर एवं सर्टिफिकेशन प्रक्रिया में चिकित्सा प्रशासन को सहयोग प्रदान करें। राजकीय चिकित्सा इकाईयों में क्वॉलिटी सर्टिफिकेशन से मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी तथा मरीजों की संतुष्टि का स्तर एवं जन-अनुभूति में सकारात्मक बदलाव आयेगा

उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण श्री अमित मोहन प्रसाद की अध्यक्षता में आज राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अन्तर्गत राजकीय चिकित्सालयों में गुणवत्ता सुधार हेतु ‘नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैण्डर्ड एवं ‘सर्टिफिकेशन‘ विषय पर प्रदेश के समस्त जिलाधिकारियांे एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारियों का वीडियों कान्सफ्रेंसिंग के माध्यम से ’’अभिमुखीकरण‘‘ किया गया। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि वे जनपद एवं विकास खण्ड स्तर के प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा चिकित्सा इकाईयों का भ्रमण कर गैप-क्लोजर एवं सर्टिफिकेशन प्रक्रिया में चिकित्सा प्रशासन को सहयोग प्रदान करें। उन्होंने कहा कि अन्तर्विभागीय समन्वय द्वारा चिकित्सा इकाईयों की स्थिति में गुणात्मक सुधार किया जा सकता है। राजकीय चिकित्सा इकाईयों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा ’नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस सर्टिफिकेशन‘, लक्ष्य सर्टिफिकेशन तथा कायाकल्प-अवार्ड स्कीम का क्रियान्वयन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राजकीय चिकित्सा इकाईयों में क्वॉलिटी सर्टिफिकेशन से मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी तथा मरीजों की संतुष्टि का स्तर एवं जन-अनुभूति में सकारात्मक बदलाव आयेगा। क्वालिटी सर्टिफिकेशन से चिकित्सालयों की स्थिति भी बदलेगी।

अभिमुखीकरण कार्यशालाा में एडवाइजर-क्यू0 आई0, एन0 एच0 एस0आर0सी0, नई दिल्ली भारत सरकार डा0 जे. एन. श्रीवास्तव, ने क्वालिटी स्टैण्डर्ड, स्टेटुटरी रिक्वायरमेंट, असेसमेंट प्रक्रिया तथा चिकित्सालयों में गुणवत्ता बढाने हेतु जिलाधिकारियों की भूमिका पर विस्तृत जानकारी दी। प्रोफेसर माइक्रो-बायोलॉजी, सफदरजंग चिकित्सालय, नई दिल्ली डा0 मालिनी कपूर, द्वारा बॉयोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट के अन्तर्गत चिकित्सा इकाईयों में बायोमेडिकल वेस्ट के सेग्रीगेसन, बायोमेडिकल के ऑन-साइट सेग्रीगेशन हेतु कलर कोटेड बिन की उपलब्धता, बायोमेडिकल वेस्ट के संग्रहण हेतु कमरे की व्यवस्था तथा 48 घंटे में चिकित्सा इकाईयों से बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण किये जाने पर जानकारी प्रदान की। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की मिशन निदेशक श्रीमती अपर्णा उपाध्याय ने कहा कि जिलाधिकारी क्वालिटी एश्योरेंस समिति की नियमित बैठक करें। क्लीनिंग एवं गार्डिनिग, बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण एवं लाण्ड्री सेवाओं हेतु अनुबंधित सेवा-प्रदाताओं का नियमित अनुश्रवण करते हुए सुधारात्मक कार्यवाही करें। उन्हांेेने कहा कि चिकित्सा इकाईयों के क्वॉलिटी सर्टिफिकेशन में गतिशीलता लाने हेतु क्षमतायुक्त इकाईयों का चिन्हीकरण एवं गैप-क्लोजर कराते हुए सुधारात्मक कार्यवाही किया जाना है। उन्होंने बताया कि नेशनल क्वालिटी एश्योरेस सर्टिफिकेशन में प्रदेश की देश में 7वीं रैंक है। राज्य स्तर पर क्वालिटी एश्योरेंस अनुभाग महाप्रबंधक डा0 अर्चना वर्मा ने बताया कि वर्ष 2014 से प्रारम्भ हुए क्वालिटी एश्योरंेस सर्टिफिकेशन, लक्ष्य सर्टिफिकेशन एवं कायाकल्प अवार्ड- स्कीम के अर्न्तगत उपलब्धि में निरन्तर वृद्वि हुई है। प्रदेश की 44 चिकित्सा इकाईयां नेशनल क्वालिटी एश्योरेस  सर्टिफिकेशन तथा 20 चिकित्सा इकाईयां ’लक्ष्य’- सर्टिफिकेशन प्राप्त कर चुकी हैं। साथ ही 2020-21 में कायाकल्प अवार्ड योजना के अन्तर्गत 800 चिकित्सा इकाईयां अवार्ड की अर्हता प्राप्त कर चुकी हैं।

दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के अन्तर्गत संचालित डॉ0 शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय देश का पहला राष्ट्रीय विश्वविद्यालय है, जहां दिव्यांगजन को समाज की मुख्यधारा में शामिल करने एवं उच्चस्तरीय शिक्षा के साथ-साथ पुनर्वसन के उद्देश्य को दृष्टिगत रखते हुए विश्वविद्यालय परिसर में ही कृत्रिम अंग एवं पुनर्वास केन्द्र की स्थापना की गई है। दिव्यांगजन को गुणवत्तापूर्ण पुनर्वास सेवाएं उपलब्ध कराने की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए वर्तमान में उच्च तकनीक पर आधारित गुणवत्तापूर्ण कृत्रिम उपकरणों का निर्माण एवं फिटमेंट का कार्य किया जा रहा है। इसके अन्तर्गत दिव्यांगजनों की मांग के अनुसार कृत्रिम अंगों का निर्माण, कैलीपर तैयार करना एवं सहायक उपकरणों की आवश्यकतानुसार मरम्मत का कार्य निःशुल्क किया जा रहा है। यह जानकारी विश्वविद्यालय के कुलसचिव, श्री अमित कुमार सिंह ने आज यहां दी। उन्होंने बताया कि कृत्रिम अंग एवं पुनर्वास केन्द्र में दूर-दराज एवं ग्रामीण अंचल से आने वाले सभी दिव्यांगजनों को प्रत्येक कार्य दिवस में उनकी आवश्यकतानुसार यथासम्भव उसी दिन निःशुल्क कृत्रिम उपकरण प्रदान किए जाते हैं। इच्छुक दिव्यांगजन को कृत्रिम पैर, कैलीपर एवं कृत्रिम उपकरण निःशुल्क प्राप्त किये जाने हेतु दिव्यांगता प्रमाण-पत्र की छायाप्रति, आधार कार्ड की छायाप्रति, आय प्रमाण-पत्र एवं दिव्यांगता को प्रदर्शित करते हुए फोटो आदि प्रपत्रों को साथ लाना अनिवार्य होगा।

परीक्षा सम्बन्धी विस्तृत विवरण परिषद की वेबसाइट पर उपलब्ध

प्रदेश में स्थित सभी राजकीय, अनुदानित एवं निजी क्षेत्र की पालीटेक्निक संस्थाओं में शैक्षिक सत्र 2021-22 में प्रवेश हेतु आयोजित होने वाली आनलाइन/सी0बी0टी0 प्रवेश परीक्षाएं 31 अगस्त, 2021 से 04 सितम्बर, 2021 तक तीन पालियों (प्रातः 08 से 10ः30 बजे तक, दोपहर 12 से 03 बजे तक तथा सांय 04 से 06ः30 बजे तक) में सम्पन्न करायी जानी है। यह जानकारी उ0प्र0, संयुक्त प्रवेश परीक्षा परिषद, के प्रभारी सचिव, श्री राम रतन ने दी। उन्होंने बताया कि अभ्यर्थियों हेतु आनलाइन/सी0बी0टी0 प्रवेश परीक्षाओं से सम्बन्धित विस्तृत विवरण, अभ्यर्थियों हेतु आनलाइन मॉक टेस्ट की सुविधा/प्रक्रिया के साथ ही अभ्यर्थियों के प्रवेश-पत्र भी परिषद की वेबसाइट रममबनचण्दपबण्पद तथा रममबनचण्वतह पर अपलोड कर दिये गये है, जिसे अभ्यर्थी डाउनलोड कर सकते हैं। अभ्यर्थी परिषद की वेबसाइट रममबनचण्दपबण्पद तथा रममबनचण्वतह पर उपलब्ध मॉक टेस्ट में अपनी सुविधानुसार कई बार शामिल हो सकता है। मॉक टेस्ट में आने वाली परेशानियों हेतु अभ्यर्थी ईमेल नचरमम2021/हउंपसण्बवउ व हेल्पलाइन नम्बर-7829207426, 7829207346 पर सम्पर्क कर अपनी परेशानियों एवं जिज्ञासाओं का निवारण कर सकते हैं। परीक्षार्थी को अपने आवंटित केन्द्र पर परीक्षा प्रारम्भ होने से 01ः30 घण्टे पहले पहुॅचना होगा। साथ ही अभ्यर्थी को अपने साथ परीक्षा केन्द्र पर फेस मास्क, प्रवेश-पत्र और एक फोटोयुक्त आई0डी0 मूल रूप में लाना होगा। अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी परिषद की वेबसाइट को नियमित देखते रहें।

मौदहा बांध कैनाल प्रणाली के अन्तर्गत बांधुर माइनर-5 की लम्बाई विस्तार तथा छानी हेड/क्रास रेगुलेटर की मरम्मत हेतु 01 करोड़ 40 लाख रूपये स्वीकृत

सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा मौदहा बांध कैनाल प्रणाली के अन्तर्गत बांधुर माइनर-5 की लम्बाई विस्तार तथा छानी हेड/क्रास रेगुलेटर की मरम्मत की परियोजना हेतु प्रवाधानित धनराशि 141.27 लाख रूपये में से 01 करोड़ 40 लाख मात्र परियोजना के कार्याें पर औपचारिक रूप से वहन किये जाने हेतु प्रमुख अभियन्ता एवं विभागाध्यक्ष सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग उत्तर प्रदेश लखनऊ के निवर्तन पर रखे जाने की स्वीकृति प्रदान की गयी है। इस संबंध में विशेष सचिव सिंचाई श्री मुश्ताक अहमद की ओर से 24 अगस्त, 2021 को आवश्यक शासनादेश जारी करते हुए निर्देशित किया गया है कि परियोजना पर सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त करने के बाद ही कार्य शुरू कराया जाये। इसके साथ ही समस्त वैधानिक अनापत्तियां एवं पर्यावरणीय क्लीयरेंश सक्षम स्तर से प्राप्त करके ही निर्माण कार्य प्रारम्भ कराया जाये। इसके अलावा परियोजना का निर्माण कार्य समय से पूरा कराने के साथ ही धनराशि व्यय करते समय शासन द्वारा समय-समय पर जारी सुसंगत शासनादेशों का अनुपालन अनिवार्य रूप से किया जाये। धनराशि का व्यय स्वीकृत परियोजनाओं पर ही किया जाये ऐसा न किये जाने पर किसी प्रकार की अनियमितता के लिए विभाग की जिम्मेदारी होगी।

गुन्टा मुख्य नहर एवं अल्पिकाओं के पक्के कार्यों की मरम्मत की परियोजना हेतु 40 लाख 09 हजार रूपये स्वीकृत

सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा गुन्टा मुख्य नहर एवं अल्पिकाओं के पक्के कार्यों की मरम्मत की परियोजना हेतु प्रावधानित धनराशि 40 लाख 09 हजार रूपये परियोजना के कार्याें पर औपचारिक रूप से वहन किये जाने हेतु प्रमुख अभियन्ता एवं विभागाध्यक्ष सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग उत्तर प्रदेश लखनऊ के निवर्तन पर रखे जाने की स्वीकृति प्रदान की गयी है। इस संबंध में विशेष सचिव सिंचाई श्री मुश्ताक अहमद की ओर से 24 अगस्त, 2021 को आवश्यक शासनादेश जारी करते हुए निर्देशित किया गया है कि परियोजना पर सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त करने के बाद ही कार्य शुरू कराया जाये। इसके साथ ही समस्त वैधानिक अनापत्तियां एवं पर्यावरणीय क्लीयरेंश सक्षम स्तर से प्राप्त करके ही निर्माण कार्य प्रारम्भ कराया जाये। इसके अलावा परियोजना का निर्माण कार्य समय से पूरा कराने के साथ ही धनराशि व्यय करते समय शासन द्वारा समय-समय पर जारी सुसंगत शासनादेशों का अनुपालन अनिवार्य रूप से किया जाये। धनराशि का व्यय स्वीकृत परियोजनाओं पर ही किया जाये ऐसा न किये जाने पर किसी प्रकार की अनियमितता के लिए विभाग की जिम्मेदारी होगी।

गंगा सिंचाई पुरम स्टाफ कालोनी तेलीबाग लखनऊ में टाइप-3 के 18 आवासों के निर्माण की परियोजना हेतु 112.41 लाख रूपये स्वीकृत

सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा गंगा सिंचाई पुरम स्टाफ कालोनी तेलीबाग लखनऊ में टाइप-3 के 18 आवासों के निर्माण की परियोजना हेतु अवशेष धनरराशि 268.11 लाख रूपये में से 112.41 लाख रूपये परियोजना के कार्याें पर औपचारिक रूप से वहन किये जाने हेतु प्रमुख अभियन्ता एवं विभागाध्यक्ष सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग उत्तर प्रदेश लखनऊ के निवर्तन पर रखे जाने की स्वीकृति प्रदान की गयी है। इस संबंध में विशेष सचिव सिंचाई श्री मुश्ताक अहमद की ओर से 25 अगस्त, 2021 को आवश्यक शासनादेश जारी करते हुए निर्देशित किया गया है कि परियोजना पर सक्षम स्तर से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त करने के बाद ही कार्य शुरू कराया जाये। इसके साथ ही समस्त वैधानिक अनापत्तियां एवं पर्यावरणीय क्लीयरेंश सक्षम स्तर से प्राप्त करके ही निर्माण कार्य प्रारम्भ कराया जाये। इसके अलावा परियोजना का निर्माण कार्य समय से पूरा कराने के साथ ही धनराशि व्यय करते समय शासन द्वारा समय-समय पर जारी सुसंगत शासनादेशों का अनुपालन अनिवार्य रूप से किया जाये। धनराशि का व्यय स्वीकृत परियोजनाओं पर ही किया जाये ऐसा न किये जाने पर किसी प्रकार की अनियमितता के लिए विभाग की जिम्मेदारी होगी।

वितरण की अन्तिम तिथि 31 अगस्त को मोबाइल ओ.टी.पी. वेरीफिकेशन के माध्यम से वितरण

प्रदेश सरकार द्वारा कोविड-19 से उत्पन्न परिस्थितियों के कारण गरीबों और जरूरतमंदों को राहत पहुंचाने के लिए सभी राशन कार्डधारकों को 03 माह (जून, जुलाई व अगस्त) की अवधि तक निःशुल्क राशन वितरित कराया जा रहा है। इस योजना के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अन्तर्गत आच्छादित अन्त्योदय तथा पात्र गृहस्थी लाभार्थियों को द्वितीय चक्र के वितरण में आगामी 31 अगस्त, 2021 तक खाद्यान्न का निःशुल्क वितरण किया जायेगा। अन्त्योदय कार्डधारकों को 35 किग्रा0 खाद्यान्न (20 किग्रा0 गेहूँ और 15 किग्रा0 चावल) तथा पात्र गृहस्थी राशन कार्डों से सम्बद्ध यूनिटों पर 05 किग्रा0 खाद्यान्न प्रति यूनिट (03 किग्रा0 गेहूँ व 02 किग्रा0 चावल) का वितरण किया जा रहा है। यह जानकारी अपर खाद्य आयुक्त, श्री अनिल कुमार दुबे ने आज यहां देते हुए बताया कि इस माह के वितरण में अब तक अन्त्योदय कार्डधारकों को 119756.611 मीट्रिक टन तथा पात्र गृहस्थी कार्डधारकों को 553811.813 मीट्रिक टन खाद्यान्न का वितरण किया गया है। इस योजना से हर माह लगभग 188 करोड़ रूपये का व्यय भार राज्य सरकार पर पड़ रहा है।

श्री दुबे ने बताया कि वितरण की अन्तिम तिथि 31 अगस्त, 2021 निर्धारित की गयी है। जिस दिन आधार प्रमाणीकरण के माध्यम से खाद्यान्न प्राप्त न कर सकने वाले उपभोक्ताओं हेतु मोबाइल ओ.टी.पी. वेरीफिकेशन के माध्यम से वितरण सम्पन्न किया जा सकेगा। उन्हांेने बताया कि कोविड-19 से उत्पन्न परिस्थितियों के दृष्टिगत आवश्यक वस्तुओं का निर्बाध रूप से वितरण सुनिश्चित कराने के लिए उचित दर दुकानदारों द्वारा द्वितीय चक्र के वितरण के दौरान भी खाद्यान्न का वितरण का कार्य प्रातःकाल 6ः00 बजे से रात्रि 09ः00 बजे तक किया जा रहा है।  

फसलों के उपज के अनुमान का सही आंकलन हेतु फसल कटाई प्रयोगों का  अधिक से अधिक संख्या में निरीक्षण कराये जाने के निर्देश

उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश की प्रमुख फसलों के उत्पादन, क्षेत्रफल एवं उत्पादकता का आंकलन किये जाने हेतु समस्त मण्डलायुक्त एवं जिलाधिकारियों को निर्देश जारी करते हुये कहा है कि राजस्व विभाग के लेखपालों द्वारा प्रत्येक मौसम में फसलों की पड़ताल की जाती है और पड़ताल से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर फसलों के क्षेत्रफल का आंकलन सुनिश्चित किया जाता है। ऐसी स्थिति में जनपद स्तर पर फसलों के पड़ताल की अधिक से अधिक जनपदीय अधिकारियों से जांच करायी जाये और समय-समय पर इसकी समीक्षा भी की जाए। अपर मुख्य सचिव कृषि, डॉ0 देवेश चतुर्वेदी की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि फसलों की उपज के अनुमान के आधार पर प्रदेश में संचालित फसल बीमा योजना के अंतर्गत बीमित किसानों की फसलों की क्षति का आंकलन करते हुये क्षतिपूर्ति प्रदान की जाती है, इसलिए फसलों के उपज के अनुमान का सही आंकलन किया जाना अत्यन्त आवश्यक है। इस हेतु जनपदीय अधिकारियों से फसल कटाई प्रयोगों का अधिक से अधिक संख्या में निरीक्षण कराये जाने के निर्देश दिये गये हैं। जारी आदेश में कहा गया है कि प्रदेश तथा भारत सरकार द्वारा फसलों के आच्छादन, उत्पादन तथा उत्पादकता में वृद्धि हेतु कई महत्वाकांक्ष्ी योजनायें चलाई जा रही हैं। इन योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु प्रभावी रणनीति बनाना तभी संभव हो सकेगा, जब फसलों के आच्छादन की सही-सही पड़ताल करते हुये क्षेत्रफल का आंकलन किया जाए तथा फसलों पर सही-सही फसल कटाई प्रयोगों का सम्पादन कराते हुये उपज का सही अनुमान आंकलित किये जाएं।

न्यायिक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान में कल पूर्वाहन 10ः00 बजे विधिक सेवाओं से सम्बन्धित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण तथा न्यायिक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, लखनऊ के संयुक्त तत्वाधान में कल 28 अगस्त, 2021 को पूर्वाहन 10ः00 बजे न्यायिक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, गोमती नगर के प्रेक्षागृह में विधिक सेवाओं से सम्बन्धित जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। सचिव, उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण श्री सुदीप कुमार जायसवाल ने यह जानकारी देते हुये बताया कि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मा0 उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश एवं कार्यपालक अध्यक्ष, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली, श्री यू0यू0 ललित होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मा0 उच्च न्यायालय, इलाहाबाद के मुख्य न्यायाधीश एवं कार्यपालक अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, श्री मुनीश्वर नाथ भण्डारी द्वारा की जायेगी।

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29 अगस्त को अयोध्या में राष्ट्रपति करेंगे रामायण कान्क्लेव का शुभारम्भ

महामहिम राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद 29 अगस्त को अयोध्या में पर्यटन एवं संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित ’जन-जन के राम’ रामायण कान्क्लेव का शुभारम्भ करेंगे। रामायण कान्क्लेव के अवसर पर संस्कृति विभाग द्वारा विविध कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। राष्ट्रपति की आगवानी के लिए संस्कृति विभाग ने अयोध्या में चार स्थानों पर कलाकारों की प्रस्तुतियां तैयार की है। 29 अगस्त से अयोध्या से शुरू होने वाला रामायण कान्क्लेव 16 शहरों अयोध्या, गोरखपुर, बलिया, वाराणसी, विन्ध्याचल, चित्रकूट, श्रंृगवेरपुर, बिठूर, ललितपुर, गढ़मुक्तेश्वर बिजनौर, गाजियाबाद, बरेली सहारनपुर, मथुरा तथा लखनऊ में आयोजित किया जा रहा है। इस कान्क्लेव में रामायण एवं रामकथा पर आधारित वैचारिक संवाद, रामायण के विभिन्न प्रसंगों पर आधारित गायन, वादन एवं नृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियां, राम लीला मंचन के साथ-साथ नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से रामायण के विभिन्न प्रसंगों को रूपायित किया जायेगा, जिससे आमजन को अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराया जा सके। रामायण कान्क्लेव के अंतर्गत संगीत नाटक अकादमी द्वारा 29 अगस्त से 01 नवम्बर, 2021 के मध्य रामचरितमानस गान प्रतियोगिता का आयोजन किया जायेगा, जिसमें 10 वर्ष से 18 वर्ष की आयु के बच्चे प्रतिभाग कर सकेगें। इस कान्क्लेव में लगभग 2500 कलाकारों को अपनी प्रस्तुतियां देने का अवसर प्राप्त होगा।

लोक कलाओं एवं लोक कलाकारों के कलारूपों के दस्तावेजीकरण/अभिलेखीकरण हेतु स्वीकृत किये गये रूपये 25.00 लाख

लोक कलाओं एवं लोक कलाकारों के कलारूपों के दस्तावेजीकरण/अभिलेखीकरण हेतु रू0 25.00 लाख (रूपये पच्चीय लाख मात्र) की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति शासन द्वारा की गयी है। उक्त कार्य संस्कृति विभाग के नियंत्रणाधीन लोक एवं जनजाति कला एवं संस्कृति संस्थान लखनऊ द्वारा कराया जायेगा। स्वीकृत धनराशि लोक एवं जनजाति कला एवं संस्कृति संस्थान को उपलब्ध करायी जायेगी, जिनके द्वारा नियमानुसार कार्यवाही पूर्ण कर, कराये गये कार्यों तथा व्यय का पूर्ण विवरण शासन को उपलब्ध कराया जायेगा।

उक्त स्वीकृति इस प्रतिबन्ध के अधीन प्रदान की गई है कि स्वीकृत धनराशि का आहरण नियमानुसार किया जायेगा और धनराशि स्वीकृत मदों पर ही व्यय किया जायेगा, अन्य मदों अथवा व्यय की नई मदों पर व्यय हेतु कदापि उपयोग नहीं की जायेगी और स्वीकृत धनराशि में से यदि कोई धनराशि अवशेष बचती है तो उसे तत्काल राजकोष में जमा किया जायेगा।

उपर्युक्त स्वीकृति धनराशि के संबंध में वित्त विभाग के मितव्ययता संबंधी आदेशों तथा व्यय पर नियंत्रण के संबंध मंे निर्गत शासनादेश का भी अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा। इसके साथ-साथ राजकीय धन व्यय करने में उ0प्र0 बजट मैनुअल के प्रस्तर-12 में दी गई शर्तो की पूर्ति तथा वित्तीय औचित्य के मानकों (स्टैण्डडर्स आफ फाइनेशियल प्रोप्राइटरी) का अनुपालन भी सुनिश्चित किया जाएगा।

सरकारी भवनों में लगभग 34,898 वर्ग मीटर की छत के क्षेत्रफल को  रूफटाप रेनवाटर हार्वेस्ंिटंग प्रणाली से स्थापित

प्रदेश के अनेक जनपदों में भूजल गुणवत्ता विभिन्न रसायनिक धातुओं से प्रभावित है और ऐसे प्रदूषित भूजल का दुष्प्रभाव जन स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। वर्ष 2020-21 हेतु घाघरा बेसिन के अन्तर्गत विभिन्न जनपदों के चयनित विकासखण्डों के प्री-मानसून अवधि में 338 नं0, एवं पोस्ट मानसून अवधि के 338 नं0, इस प्रकार कुल 676 नं0 भूजल नमूनों का परीक्षण कराते हुए सी0एस0आई0आर0 भारतीय विषविज्ञान अनुसंधान संस्थान (आई0आई0टी0आर0) लखनऊ प्रयोगशाला से रसायनिक विश्लेषण का कार्य कराया गया है। भूगर्भ जल विभाग से उपलब्ध जानकारी के अनुसार विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2020-21 में उपलब्ध संसाधनों से शासकीय भवनों में लगभग 34,898 वर्ग मीटर की छत के क्षेत्रफल को आच्छादित करते हुये रूफटाप रेनवाटर हार्वेस्ंिटंग प्रणाली की स्थापना करायी गयी।

राज्य योजना (सामान्य) के अन्तर्गत विभिन्न जनपदों के 19 चालू सेतुओं के निर्माण हेतु रू 12 करोड़ 87 लाख 46 हजार की धनराशि की गयी अवमुक्त। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशों के क्रम में राज्य योजना (सामान्य) के अन्तर्गत विभिन्न जनपदों के 19 चालू सेतुओं के निर्माण हेतु रू 12 करोड़ 87 लाख 46 हजार की धनराशि अवमुक्त की गयी है। इस संबंध में उत्तर प्रदेश शासन लोक निर्माण विभाग द्वारा आवश्यक शासनादेश जारी कर दिया गया है। इन 19 सेतुओं में जनपद पीलीभीत, हरदोई, सहारनपुर, गोरखपुर, बलियां तथा चन्दौली के चालू कार्य सम्मिलित हैं। जारी शासनादेश में निर्देश दिये गये हैं कि धनराशि केवल निर्धारित परियोजनाओं पर मानक और विशिष्टयों के अनुरूप ही व्यय की जाए तथा कार्यों को ससमय पूर्ण किया जाय।

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