LJP को बड़ा झटका, चिराग की MLC बीजेपी में शामिल

  •  अभिनय आकाश
  •  फरवरी 22, 2021   20:20
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LJP को बड़ा झटका, चिराग की MLC बीजेपी में शामिल

बीजेपी नेता और मंत्री नीरज कुमार बबलू की पत्नी हैं नूतन सिंह। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने नूतन सिंह को पार्टी की सदस्यता दिलाई। लगातार लोजपा से नेताओं का पार्टी छोड़कर जाना लगा हुआ है।

लोक जनशक्ति पार्टी को झटके पर झटका लग रहा है। इसी क्रम में लोजपा को करारा झटका देते हुए विधान परिषद सदस्य नूतन सिंह बीजेपी में शामिल हो गईं। पूर्व लोजपा की एमएलसी नूतन सिंह ने बिहार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल की मौजूदगी में बीजेपी में शामिल हुई। बीजेपी नेता और मंत्री नीरज कुमार बबलू की पत्नी हैं नूतन सिंह। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने नूतन सिंह को पार्टी की सदस्यता दिलाई। लगातार लोजपा से नेताओं का पार्टी छोड़कर जाना लगा हुआ है। 

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बिहार की राजनीति के दिग्गज नेता माने जाने वाले केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के निधन के बाद से ही लोजपा में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। पार्टी के भीतर चिराह पासवान के फैसलों से कई नेता नाखुश बताए जा रहे हैं। जिसके चलते बीते दिनों पार्टी छोड़कर नेताओं का जाना शुरू हुआ है। 

बीते दिनों लोजपा सांसद चंदन सिंह ने सीएम नीतीश कुमार से मुलाकात की थी। जिसके बाद से ही उनके जदयू में शामिल होने की अटकलें लगाई जा रही है। जिसके पीछे सांसद के भाई और लोजपा नेता सूरजभान सिंह का कई बार नीतीश की बड़ाई करना दिया जा रहा है। सांसद चंदन सिंह लोजपा के दूसरे सांसद डाॅ महबूब अली कैंसर के भी नाराज होने की खबर है।

लोजपा के कई नेता जदयू में हुए शामिल 

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष आर सी पी सिंह ने चिराग पासवान की पार्टी लोजपा के 208 नेताओं के जदयू में शामिल होने का दावा करते हुए बीते दिनों  कहा कि उनकी पार्टी समाजवादी विचारधारा पर चलने वाली देश की एकमात्र पार्टी है जिसमें परिवारवाद और वंशवाद की कोई जगह नहीं। सिंह ने जदयू के प्रदेश मुख्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान लोजपा के प्रदेश महासचिव केशव सिंह सहित पासवान की पार्टी के 208 नेताओं के जदयू में शामिल होने की घोषणा की।  





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दिल्ली में शुक्रवार को 27 हजार से अधिक लोगों को कोविड-19 टीके लगाए गए

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 6, 2021   10:17
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दिल्ली में शुक्रवार को 27 हजार से अधिक लोगों को कोविड-19 टीके लगाए गए

दिल्ली में शुक्रवार को14,874 वरिष्ठ नागरिकों समेत 27 हजार से अधिक लोगों को कोविड-19 टीके लगाए गए। अधिकारियों द्वारा साझा किये गए आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है।

नयी दिल्ली। दिल्ली में शुक्रवार को14,874 वरिष्ठ नागरिकों समेत 27 हजार से अधिक लोगों को कोविड-19 टीके लगाए गए। अधिकारियों द्वारा साझा किये गए आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि 45 से 59 आयु वर्ग के 2,020 लाभार्थियों को टीके लगाए गए।

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उन्होंने कहा कि दिल्ली में 5,100 से अधिक वरिष्ठ नागरिकों को सोमवार को टीकाकरण अभियान का दूसरा चरण शुरू होने पर टीके की पहली खुराक दी गई थी। अधिकारी ने कहा, आज, 27,057 लोगों को टीके लगाए गए। इनमें 60 या उसे अधिक आयु के 14,874 लोग शामिल हैं।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


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केंद्र सरकार पर अखिलेश यादव का निशाना, कहा- अहंकार ने दिल्‍ली के शासकों को अंधा और बहरा बना दिया

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 6, 2021   10:11
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केंद्र सरकार पर अखिलेश यादव का निशाना, कहा- अहंकार ने दिल्‍ली के शासकों को  अंधा और बहरा  बना दिया

समाजवादी पार्टी के अध्‍यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्‍ता के अहंकार ने दिल्‍ली में बैठे शासकों को ‘अंधा और बहरा’ बना दिया है और उन्‍हें देश के लाखों किसानों की पीड़ा का भान नहीं है।

अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश)। समाजवादी पार्टी के अध्‍यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्‍ता के अहंकार ने दिल्‍ली में बैठे शासकों को ‘अंधा और बहरा’ बना दिया है और उन्‍हें देश के लाखों किसानों की पीड़ा का भान नहीं है। केंद्र के नये कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में टप्‍पल की किसान महापंचायत को संबोधित करते हुए यादव ने कहा कि आंदोलन के दौरान दो सौ से अधिक किसानों ने अपनी जान गंवाई है लेकिन मोदी सरकार अभी भी अपने किसानों के साथ ऐसा व्‍यवहार कर रही है कि मानों वे देश की सीमाओं पर खड़े दुश्‍मन हों।

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न्‍होंने कहा, ‘‘सरकार इस बात से बेखबर है कि इन विनम्र किसानों के पास सत्‍ता की कुर्सी से अहंकारी शासकों को हटाने की शक्ति है।’’ उत्‍तर प्रदेश के पूर्व मुख्‍यमंत्री ने किसान समुदाय से आग्रह किया कि वे इतिहास की घटनाओं को देखें और जानें कि कैसे ब्रिटिश संसद ने एक एकल कानून के जरिये ईस्‍ट इंडिया कंपनी को अंधाधुंध शक्तियां दी जिसने भारत की संपत्ति को अपने लाभ के लिए लूटा और आज इतिहास खुद को दोहरा रहा है। उन्‍होंने आरोप लगाया कि सरकार कॉरपोरेट घरानों को सशक्‍त बना रही है। उन्‍होंने कहा कि किसान विरोधी कानूनों के बाद अब सरकार किसानों और आम लोगों के घावों पर नमक रगड़ रही है।

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यादव ने चेतावनी दी कि सरकार किसानों को जितना अधिक अपमानित करेगी किसान उतना ही अधिक दृढ़सं‍कल्पित हो रहे हैं। समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्‍यालय से जारी बयान के अनुसार यादव ने कहा है कि किसान आंदोलन को 100 दिन हो गए हैं और किसानों की घोषणा है कि यह ‘संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक तीन काले कृषि कानून वापस नहीं होते। उन्‍होंने आरोप लगाया, देश की अर्थव्यवस्था की हालत पतली है। भाजपा के लोग खेती नहीं करते हैं और किसान का धान 900 से 1100 सौ रूपये में लूट लिया गया। पूर्व मुख्‍यमंत्री ने कहा, भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार कई रूप में जनता को दिख रहा है, पुलिस और तहसील के भ्रष्टाचार से जनमानस त्रस्त है। कोरोना काल से उपजे आर्थिक संकट की मार से जनता की कमर टूट गई है। डीजल-पेट्रोल के दाम बेलगाम है। रसोई गैस की बढ़ी कीमतों ने लोगों का बजट खराब कर दिया है। नौजवानों के सामने रोजगार का संकट बना हुआ है। यादव ने कहा, भाजपा सरकार को यह जान लेना चाहिए कि किसानों का उत्पीड़न कर कोई सत्ता में नहीं टिक सकता। जनता परिवर्तन के लिए बस 2022 के विधानसभा चुनावों का इंतजार बेसब्री से कर रही है और सबकी निगाहें समाजवादी पार्टी पर लगी हैं।





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नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


ममता बनर्जी ने 291 सीटों के लिए पार्टी उम्मीदवारों की सूची जारी की, 114 नए चेहरों को मौका

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 6, 2021   10:05
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ममता बनर्जी ने 291 सीटों के लिए पार्टी उम्मीदवारों की सूची जारी की, 114 नए चेहरों को मौका

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर 291 सीटों के लिए तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवारों की सूची शुक्रवार को जारी की। टिकटों के बंटवारे में युवाओं, अल्पसंख्यकों, महिलाओं और पिछड़े समुदायों पर जोर दिया गया है।

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर 291 सीटों के लिए तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवारों की सूची शुक्रवार को जारी की। टिकटों के बंटवारे में युवाओं, अल्पसंख्यकों, महिलाओं और पिछड़े समुदायों पर जोर दिया गया है। सूची में 114 नए चेहरों को जगह दी गई है। सूची जारी होने के साथ ही बनर्जी ने नंदीग्राम विधानसभा सीट से अपनी उम्मीदवारी की पुष्टि की। पार्टी ने पांच मंत्रियों सहित 28 मौजूदा विधायकों को टिकट नहीं दिया है।

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हालांकि, इसके लिए उनकी बढ़ती उम्र और खराब सेहत का हवाला दिया गया है। तृणमूल कांग्रेस के सहयोगी दल गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) के बिमल गुरुंग गुट के उम्मीदवार दार्जिलिंग की शेष तीन सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। नंदीग्राम सीट से अपनी उम्मीदवारी की पुष्टि करते हुए बनर्जी ने कोलकाता में अपनी पारंपरिक भवानीपुर सीट के लिए शोभनदेव चट्टोपाध्याय पर भरोसा जताया है। राज्य चुनावों के लिए तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवारों की सूची जारी करते हुए बनर्जी ने कहा, ‘‘मैं नंदीग्राम विधानसभा सीट से चुनाव लड़ूंगी, जबकि शोभनदेव चट्टोपाध्याय भवानीपुर सीट से चुनाव लडेंगे।’’ उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘‘हम नौ मार्च को अपना घोषणा पत्र जारी करेंगे। दस मार्च को मैं नंदीग्राम सीट से अपना नामांकन पत्र दाखिल करूंगी।’’

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बनर्जी ने जनवरी में घोषणा की थी कि वह नंदीग्राम सीट से चुनाव लड़ेंगी। जब उनसे भाजपा में शामिल हुए शुभेन्दु अधिकारी के नंदीग्राम में उनके खिलाफ उतरने की संभावना के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। बनर्जी पहली बार नंदीग्राम विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगी। इस सीट का प्रतिनिधित्व 2016 में शुभेन्दु अधिकारी ने किया था जबकि 2011 में तृणमूल कांग्रेस के एक अन्य उम्मीदवार ने किया था। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘इस बार हमने युवाओं और महिला उम्मीदवारों पर जोर दिया है। सूची में50 महिलाओं, 42 मुस्लिमों, 79 अनुसूचित जाति (एससी) और 17 अनुसूचित जनजाति (एसटी) उम्मीदवारों के नाम हैं।’’ लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटने का दावा करते हुए बनर्जी ने इसे ‘‘सबसे आसान’’ चुनाव करार दिया। यह पूछे जाने पर कि क्या 1998 में तृणमूल कांग्रेस की स्थापना के बाद से पार्टी का यह सबसे कठिन चुनाव होने वाला है तो उन्होंने कहा, ‘‘यह हमारे लिए आसान चुनाव होगा। हम इसे जीतेंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘सत्ता में आने के बाद हम विधान परिषद का गठन कराएंगे ताकि वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं को समायोजित किया जा सके। हम हर किसी को, विशेष रूप से 80 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को समायोजित नहीं कर सकते थे।’’

उम्मीदवारों के नाम बताते हुए, बनर्जी ने राज्य के लोगों से आशीर्वाद मांगा और उन पर विश्वास करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, ‘‘मैं लोगों का आशीर्वाद चाहती हूं। मुझ पर विश्वास रखें, हम राज्य की रक्षा करेंगे और इसे नयी ऊंचाइयों पर ले जायेंगे।’’ तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ने कहा कि राज्य के वित्त मंत्री अमित मित्रा खराब स्वास्थ्य के कारण चुनाव नहीं लड़ेंगे। कैबिनेट मंत्री पूर्णेंदु बोस, अब्दुर रज्जाक और राज्य मंत्री रत्न घोष कार और बच्चू हांसदा का नाम भी तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवारों की सूची में नहीं हैं। बनर्जी ने कहा, ‘‘हम पर्वतीय क्षेत्रों में जीजेएम का समर्थन करेंगे और वे मैदानी क्षेत्रों में हमारा समर्थन करेंगे।’’ मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह को चुनौती दी कि वे जितना चाहें केंद्रीय बल तैनात करें, लेकिन जीत तृणमूल कांग्रेस की ही होगी। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस को समर्थन देने के लिए झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के हेमंत सोरेन और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के शरद पवार को भी धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्रीय जनता दल (राजद), समाजवादी पार्टी (सपा) और शिवसेना के बाद तृणमूल कांग्रेस को बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए झामुमो और राकांपा का भी समर्थन मिला है।’’ पार्टी ने अभिनेत्री सयांतिका बनर्जी, कौशनी मुखर्जी, फिल्म निर्देशक राज चक्रवर्ती के साथ कई अन्य अभिनेताओं और अभिनेत्रियों को चुनाव मैदान में उतारा है।

क्रिकेटर मनोज तिवारी हावड़ा जिले की शिबपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे। प्रमुख मंत्रियों पार्थ चटर्जी, फरहाद हाकिम और सुब्रत मुखर्जी को उनकी पारंपरिक सीटों से ही टिकट दिये गये हैं। बनर्जी ने अपनी पार्टी के उम्मीदवारों की सूची कालीघाट स्थित अपने आवास में उसी कक्ष से जारी की जहां से उन्होंने 2011 और 2016 विधानसभा चुनावों में किया था। तृणमूल कांग्रेस के सूत्रों ने बताया कि चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर और आई-पैक के सर्वेक्षण ने भी टिकट बंटवारे में अहम भूमिका अदा की है।

इस बीच, सूची जारी होने के बाद नाम नहीं शामिल होने वाले कई विधायकों के समर्थकों ने राज्य में कई स्थानों पर सड़के जाम करके विरोध जताया। टिकट की इच्छा रखने वाले कई नेताओं ने पार्टी छोड़ने की बात भी कही है। उधर, बंगाल की भाजपा इकाई के अध्यक्ष दिलीप घोष ने तृणमूल कांग्रेस की सूची पर निशाना साधते हुए कहा कि ममता बनर्जी का अधिकतर नए चेहरों को मैदान में उतारने का फैसला इस बात का संकेत है कि उन्हें पार्टी के पुराने नेताओं पर भरोसा नहीं रह गया।





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नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


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