ओबीसी के लिए राजनीतिक कोटा पर गंभीर नहीं है महा विकास आघाडी सरकार: पंकजा मुंडे

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मुंडे ने दावा किया एमवीए सरकार में ओबीसी मंत्री अपने समुदाय को राजनीतिक आरक्षण देने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं कर रहे हैं। महाराष्ट्र की पूर्व मंत्री ने मंगलवार को बीड जिले में अपने गृह नगर परली जाने से पहले औरंगाबाद हवाई अड्डे पर संवाददाताओं से बातचीत में यह कहा।
औरंगाबाद (महाराष्ट्र)। भारतीय जनता पार्टी की महासचिव पंकजा मुंडे ने कहा है कि महाराष्ट्र की शिवसेना नीत महा विकास आघाडी सरकार स्थानीय निकाय के चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग को आरक्षण देने के प्रति गंभीर नहीं है। मुंडे ने दावा किया एमवीए सरकार में ओबीसी मंत्री अपने समुदाय को राजनीतिक आरक्षण देने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं कर रहे हैं। महाराष्ट्र की पूर्व मंत्री ने मंगलवार को बीड जिले में अपने गृह नगर परली जाने से पहले औरंगाबाद हवाई अड्डे पर संवाददाताओं से बातचीत में यह कहा। 

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अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) कोटा मुद्दे पर मुंडे ने कहा, “राज्य सरकार कह रही है कि मॉनसून के दौरान स्थानीय निकाय के चुनाव नहीं हो सकते… सरकार को इस समय का उपयोग ओबीसी आरक्षण पर ध्यान केंद्रित करने के लिए करना चाहिए।” उन्होंने कहा, “राज्य में (स्थानीय निकायों में) ओबीसी के लिए आरक्षण खोने का खतरा पैदा हो गया है क्योंकि सरकार उनके लिए राजनीतिक कोटा बहाल करने के प्रति गंभीर नहीं है। इस संबंध में ओबीसी मंत्रियों का प्रयास पर्याप्त नहीं है।” 

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उच्चतम न्यायालय ने महाराष्ट्र राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की अंतरिम रिपोर्ट को खारिज कर दिया था जिसमें स्थानीय निकाय में ओबीसी के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण का सुझाव दिया गया था। अदालत ने राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग से पिछड़ा वर्ग आयोग के सुझावों पर अमल नहीं करने को कहा था।

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