देश के 50 धार्मिक स्थलों में शामिल महाकाल मंदिर भी अब बनेगा चाईल्ड फ्रेंडली

  •  दिनेश शुक्ल
  •  मार्च 8, 2021   17:10
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देश के 50 धार्मिक स्थलों में शामिल महाकाल मंदिर भी अब बनेगा चाईल्ड फ्रेंडली

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो द्वारा स्टेक होल्डर्स की बैठक को संबोधित करते हुए कहा गया कि सिंहस्थ-2016 के दौरान चाईल्ड फ्रेंडली वातावरण का प्रारम्भ उज्जैन जिले से किया गया था। जिसकी तर्ज पर अन्य राज्यों में आयोजित मेले के दौरान चाईल्ड फ्रेंडली पैटर्न को अपनाया गया।

उज्जैन। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने बृहस्पति भवन में आयोजित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग उज्जैन परिक्षेत्र में बाल भिक्षावृति, बाल श्रम, बाल शोषण की रोकथाम हेतु विभिन्न स्टेक होल्डर्स की बैठक प्रात: 11 बजे ली गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य स्ट्रीट चिल्ड्रन प्लान के तहत राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, नई दिल्ली की मंशानुसार उज्जैन के विशेषकर महाकाल मंदिर परिक्षेत्र को चाईल्ड फ्रेंडली निर्मित करने हेतु देश के 50 धार्मिक स्थलों में से चयन किया गया है। जिसके यह सुनिश्चित किया जायेगा की कोई भी बालक-बालिका फुटपाथ पर न रहे। किसी भी बालक के परिवार को सहायता की आवश्यकता होने पर शासन के विभिन्न विभागों द्वारा चलायी जा रही योजनाओ से उसे जोड़ा जायेगा।

 

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राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, अध्यक्ष  प्रियंक कानूनगो द्वारा स्टेक होल्डर्स की बैठक को संबोधित करते हुए कहा गया कि सिंहस्थ-2016 के दौरान चाईल्ड फ्रेंडली वातावरण का प्रारम्भ उज्जैन जिले से किया गया था। जिसकी तर्ज पर अन्य राज्यों में आयोजित मेले के दौरान चाईल्ड फ्रेंडली पैटर्न को अपनाया गया। जिससे मिसिंग चाईल्ड के केस दर्ज नहीं हुए। बालक के संरक्षण एवं बालको के हित हेतु पारिवारिक व्यवस्था को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। आयोग द्वारा तैयार की गई एसओपी में सड़क पर रहने वाले बालको के बाल देखरेख संस्था में प्रवेश को अंतिम उपाय के रूप में मानने पर जोर दिया गया है। परिवार में ही बालक का सर्वोत्तम हित हो एवं भारत सरकार की विभिन्न योजना से परिवार को जोड़कर उन्हें सक्षम बनाया जा सकता है।  इस हेतु आवश्यक है कि  पहले आइडेंटिफिकेशन करे फिर मेपिंग की जाकर मेचिंग किया जाए कि किस योजना से लाभान्वित किया जा सकता है द्य यह सभी स्टेकहोल्डर्स का दायित्व है।

 

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कलेक्टर आशीष सिह ने बताया  कि संयुक्त टीम द्वारा निरंतर रेस्क्यू ओपरेशन किए जा रहे हैं। साथ ही उनका फॉलोअप भी किया जा रहा है एवं स्ट्रीट चिल्ड्रन प्लान के तहत जो भी आयोग द्वारा प्रोटोकाल जारी किये गये है। तदुनुसार सम्बन्धित विभागों द्वारा एसओपी में जारी निर्देशों का पालन किया जाकर योजना क्रियान्वित की जायेगी। आयोग के तकनीकी विशेषज्ञ परेश शाह ने बैठक में बताया कि आयोग द्वारा बाल श्रम बाल दुर्व्यवहार एवं बाल भिक्षावृति विषय बालकों के अधिकारों का हनन एवं निराश्रित बालक एवं बाल अपराधों की घटना के बढ़ते हुए क्रम को देखते हुए विभिन्न स्टेकहोल्डर्स के माध्यम से पर्यटन स्थलों में चाइल्ड फ्रेंडली वातावरण निर्मित किया जायेगा। बैठक में एसपी सत्येन्द्र शुक्ल,एडीएम एवं प्रशासक महाकाल मंदिर नरेंद्र सूर्यवंशी भी उपस्थित थे।





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