एकनाथ शिंदे ने जीता सदन का विश्वास, फिर बिखरा उद्धव खेमा, लगे ED-ED के नारे

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महाराष्ट्र विधानसभा में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शह और मात के खेल की अंतिम लड़ाई भी जीत ली है। इसी के साथ ही नई सरकार आगे बढ़ने के लिए तैयार है और उन्होंने अपने सामने मौजूद तमाम बाधाओं से पार पा लिया है। इससे पहले भाजपा-शिंदे कैंप को अध्यक्ष पद चुनाव में भी सफलता मिली थी।

मुंबई। महाराष्ट्र विधानसभा में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शह और मात के खेल की अंतिम लड़ाई भी जीत ली है। इसी के साथ ही नई सरकार आगे बढ़ने के लिए तैयार है और उन्होंने अपने सामने मौजूद तमाम बाधाओं से पार पा लिया है। सदन में विपक्षी विधायकों के ध्वनिमत से बहुमत साबित करने की बात पर ऐतराज जताए जाने के बाद हेडकाउंट किया गया। इस दौरान उद्धव खेमे के कई विधायकों ने एकनाथ शिंदे के समर्थन में वोट किया।

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एकनाथ शिंदे ने फ्लोर टेस्ट पास कर लिया है। उनके पक्ष में 164 वोट पड़े। जबकि उनके खिलाफ महज 99 विधायकों ने ही मतदान किया। जबकि 4 विधायकों को वोट करने का मौका नहीं मिला क्योंकि वह देरी से पहुंचे, जिसकी वजह से उन्हें विधानसभा की कार्यवाही में शामिल नहीं होने दिया गया। इसमें कांग्रेस अशोक चव्हाण, विजय वडेट्टीवार और एनसीपी के अन्ना बंसोडे, संग्राम जगताप शामिल हैं।   

सदन में हुआ हंगामा

फ्लोर टेस्ट पर वोटिंग के दौरान सदन में हंगामा देखने को मिला। क्योंकि उद्धव खेमे के एक विधायक ने एकनाथ शिंदे के समर्थन में वोट किया। जिसके बाद विपक्षी विधायकों ने ईडी-ईडी के नारे लगाए।

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समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, महाराष्ट्र विधानसभा में भाजपा के सुधीर मुनगंटीवार और शिवसेना के भरत गोगावले ने विश्वास मत प्रस्तावित किया। ध्वनि मत के बाद विश्वास मत के प्रस्ताव पर विपक्ष ने वोट बंटवारे की मांग की अध्यक्ष ने जिसकी अनुमति दे दी। वोट विभाजन के लिए सदस्यों को खड़े होने के लिए कहा। एक अन्य विधायक श्यामसुंदर शिंदे विश्वास मत से ठीक पहले एकनाथ शिंदे समूह में शामिल हुए। आदित्य ठाकरे अभी तक सदन में नहीं पहुंचे हैं।

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