धरने पर बैठे विपक्षी विधायकों की मांग, बजट लीक की हो साइबर जांच

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राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता जयंत पाटिल ने राज्य विधानसभा में कहा कि वित्त मंत्री द्वारा निचले सदन में बजट पेश किये जाने से पहले ही उसके प्रावधानों के बारे में बाहर लोगों को पता था।

मुंबई। विपक्षी विधायकों ने बुधवार को यहां महाराष्ट्र के बजट प्रावधानों को सदन में पेश किए जाने से पहले ही वित्तमंत्री सुधीर मुनगंटीवार के ट्विटर हैंडल पर कथित तौर पर लीक होने के विरोध में धरना दिया और मामले की जांच की मांग की। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता जयंत पाटिल ने राज्य विधानसभा में कहा कि वित्त मंत्री द्वारा निचले सदन में बजट पेश किये जाने से पहले ही उसके प्रावधानों के बारे में बाहर लोगों को पता था। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस और मुनगंटीवार को ट्वीट को उचित ठहराने पर उनकी आलोचना की। 

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फड़णवीस और मुनगंटीवार ने बजट “लीक” होने के आरोपों को मंगलवार को खारिज करते हुए कहा था कि वित्त मंत्री द्वारा सदन में बजट भाषण शुरू करने के 15 मिनट बाद प्रावधानों को ट्विटर पर डाला गया था। पाटिल ने कहा, ‘यह न्यायोचित नहीं है’ और मांग की कि साइबर अपराध जांच शाखा इस कथित लीक की जांच करे। विधानसभा अध्यक्ष हरिभाऊ बागडे ने कहा कि अगर पर्याप्त साक्ष्य पेश किये जाएंगे तो वह जांच की मांग स्वीकार करने के लिये तैयार हैं। 

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इससे पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अजित पवार, जयंत पाटिल और धनंजय मुंडे समेत कई विधायकों ने विधानसभा परिसर में इस मुद्दे को लेकर प्रदर्शन किया। मुंडे ने कहा कि मंगलवार को मुनगंटीवार द्वारा सदन में बजट पेश किये जाने से पहले ही सरकार ने बजट को ट्विटर पर लीक कर दिया। हम सरकार के इस गैरजिम्मेदाराना रुख की आलोचना करते हैं और उसके खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। हम साइबर सेल द्वारा इस मामले की जांच चाहते हैं।

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