Signature Forgery केस में CID का बड़ा एक्शन, Abhishek Banerjee के Kolkata आवास पर पहुंची टीम।

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ANI
अभिनय आकाश । Jun 12 2026 7:07PM

TMC विधायक मदन मित्रा ने ANI को बताया कि अभिषेक बनर्जी जाँच में सहयोग कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे। उन्होंने कहा, 'वे (CID) आए हैं; यह उनका काम है, इसलिए वे आए हैं। वे अभिषेक बनर्जी से सहयोग चाहते हैं और अभिषेक बनर्जी सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने पहले भी सहयोग किया है और आगे भी सहयोग करते रहेंगे।'

कोलकाता में शुक्रवार को सिग्नेचर फ़ॉर्जरी (हस्ताक्षर में हेराफेरी) के मामले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के घर CID (क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट) के अधिकारियों की एक टीम पहुँची। अभिषेक बनर्जी के वकील भी उनके घर पहुँचे। इससे पहले गुरुवार को CID ने कोलकाता के अलीपुर इलाके में स्थित अपने हेडक्वार्टर 'भवानी भवन' में अभिषेक बनर्जी से सिग्नेचर फ़ॉर्जरी के मामले में करीब साढ़े 5 घंटे तक पूछताछ की थी। TMC विधायक मदन मित्रा ने ANI को बताया कि अभिषेक बनर्जी जाँच में सहयोग कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे। उन्होंने कहा, "वे (CID) आए हैं; यह उनका काम है, इसलिए वे आए हैं। वे अभिषेक बनर्जी से सहयोग चाहते हैं और अभिषेक बनर्जी सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने पहले भी सहयोग किया है और आगे भी सहयोग करते रहेंगे।"

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देबाशीष राय ने कहा कि CID ने उन्हें अपनी इस विज़िट के मकसद के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है। सीआईडी ने हमें कोई सूचना नहीं दी है। हमारे पास कोई जानकारी नहीं है। जब हमें कुछ जानकारी मिलेगी और हम नियमों का पालन कर लेंगे, तब हम आपको और बताएंगे... हमें नहीं पता कि वे यहां क्यों हैं। यह मामला पश्चिम बंगाल विधानसभा में पेश किए गए एक प्रस्ताव में गड़बड़ी की शिकायत से जुड़ा है। इस प्रस्ताव में राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता (LoP) के तौर पर शोभनदेब चट्टोपाध्याय, डिप्टी LoP के तौर पर आसिमा पात्रा और नैना बंद्योपाध्याय, और चीफ व्हिप के तौर पर फिरहाद हकीम की नियुक्ति की बात कही गई थी।

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अभिषेक बनर्जी ने 9 मई को पश्चिम बंगाल विधानसभा के स्पीकर को बताया कि पार्टी ने ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC) लेजिस्लेटिव पार्टी की बैठक में पदाधिकारियों की नियुक्ति का फैसला किया था। इसके बाद, 18 मई को पश्चिम बंगाल विधानसभा के प्रधान सचिव ने अभिषेक बनर्जी को पत्र लिखकर बैठक के मिनट्स और प्रस्ताव, साथ ही फैसला लेने की प्रक्रिया के दौरान मौजूद विधायकों के हस्ताक्षर मांगे। 20 मई को अभिषेक ने बैठक के प्रस्ताव की कॉपी और उस बैठक में मौजूद सदस्यों के हस्ताक्षर वाली अटेंडेंस शीट जमा की। इसमें बताया गया था कि 6 मई को हुई बैठक में 70 विधायक मौजूद थे।

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