Manipur में सुरक्षा समीक्षा: CM Y Khemchand Singh ने दिए संवेदनशील इलाकों में तैनाती के निर्देश

इंफाल में मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में राज्य की सुरक्षा व्यवस्था और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा की गई। तमेंगलोंग और नोनी जिलों में हालिया हिंसक घटनाओं के बाद अधिकारियों को नए संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त बल तैनात करने और विकास कार्यों को सुरक्षा देने को कहा गया है।
मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने बृहस्पतिवार को वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक कर राज्य में कानून-व्यवस्था कायम रखने के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर चर्चा की। यह बैठक तमेंगलोंग और नोनी जिले में अलग-अलग घटनाओं में चार महिलाओं समेत छह लोगों की गोली मारकर हत्या किए जाने के कुछ दिन बाद हुई। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री सचिवालय में हुई सुरक्षा समन्वय बैठक में राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठाने और नए संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां सुरक्षा कर्मियों की तैनाती पर विस्तार से चर्चा की गई।
विज्ञप्ति में कहा गया कि निर्माण के लिए उपयुक्त मौसम नजदीक आने के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग एवं बुनियादी ढांचा विकास निगम लिमिटेड (एनएचआईडीसीएल) के अधिकारी अगले छह महीनों में काम तेज करने की तैयारी कर रहे हैं। राज्य सरकार को बुनियादी ढांचे के विकास में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद है। इसमें कहा गया, ‘‘सुरक्षा एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि चल रहे बुनियादी ढांचा विकास कार्यों में बाधा न आए और पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।’’ बैठक में राज्य के गृह मंत्री गोविंदास कोंथौजाम, पुलिस महानिदेशक मुकेश सिंह, सुरक्षा सलाहकार कुलदीप सिंह और असम राइफल्स (दक्षिण) के महानिरीक्षक मेजर जनरल गौरव शर्मा समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।
पुलिस ने बताया था कि 13 सितंबर को तमेंगलोंग और लॉन्गपी में संदिग्ध उग्रवादियों ने गांवों पर हमला किया था, जिसमें दो महिलाओं समेत चार लोग मारे गए थे। उन्होंने कहा कि दो दिन बाद हथियारबंद उग्रवादियों ने लीसांगफाई के एक गांव में जलावन की लकड़ी लेने खेत गईं दो महिलाओं की गोली मारकर हत्या कर दी। मई 2023 से जारी मणिपुर के जातीय संघर्ष में अब तक कम से कम 306 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 49 लोग अब भी लापता हैं और हजारों लोग बेघर हुए हैं।
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