मनोज तिवारी ने कृषि कानूनों पर शंकाएं दूर करने के लिए CM केजरीवाल को अपने निवास पर किया आमंत्रित

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  दिसंबर 26, 2020   16:28
मनोज तिवारी ने कृषि कानूनों पर शंकाएं दूर करने के लिए CM केजरीवाल को अपने निवास पर किया आमंत्रित

मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए तिवारी ने कहा कि केजरीवाल किसी को भी अपने घर में प्रवेश नहीं करने देते और जन प्रतिनिधियों से मिलने से परहेज करते हैं। हाल ही में, भाजपा शासित नगर निगमों के तीन महापौर और अन्य नेता मुख्यमंत्री आवास के बाहर 13 दिनों तक धरने पर बैठे रहे।

नयी दिल्ली। भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने शनिवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को अपने निवास पर आमंत्रित किया और केंद्र के तीन नये कृषि कानूनों के लाभ बताने तथा उनके संदेहों को दूर करने की पेशकश की। आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक केजरीवाल ने शुक्रवार को दावा किया था कि नए कृषि कानूनों से किसानों को किसी भी तरह का लाभ नहीं होगा बल्कि नुकसान ही होगा। मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए तिवारी ने कहा कि केजरीवाल किसी को भी अपने घर में प्रवेश नहीं करने देते और जन प्रतिनिधियों से मिलने से परहेज करते हैं। हाल ही में, भाजपा शासित नगर निगमों के तीन महापौर और अन्य नेता मुख्यमंत्री आवास के बाहर 13 दिनों तक धरने पर बैठे रहे। लेकिन केजरीवाल ने उनसे मुलाकात नहीं की थी। तिवारी ने केजरीवाल को ट्वीट कर उन्हें रविवार की दोपहर तीन बजे लुटियंस दिल्ली में मदर टेरेसा क्रेसेंट के अपने आधिकारिक निवास पर आमंत्रित किया और मीडिया के सामने कृषि कानूनों का लाभ बताने की पेशकश की। 

इसे भी पढ़ें: दिल्ली में कोरोना के 758 नए मामले, चार महीनों में सबसे कम संख्या

भाजपा नेता ने अपने ट्वीट में कहा, आइए, किसानों के हित के लिए रचनात्मक राजनीति करें। केजरीवाल और उनकी पार्टी ने कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों का समर्थन किया है। केजरीवाल ने शुक्रवार को ट्वीट किया था, ‘‘भाजपा कहती है कि इन कानूनों से किसानों को नुकसान नहीं होगा। लेकिन उनका क्या लाभ है...। ’’ दिल्ली भाजपा के पूर्व अध्यक्ष तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कृषि कानूनों के लाभ के बारे में बताया तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने बार-बार आश्वासन दिया है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और मंडियां बनी रहेंगी। तिवारी ने कहा, इसके बाद भी, अगर अरविंद केजरीवाल को तीनों कृषि कानूनों में कोई लाभ नहीं दिखता है और उन्हें कुछ संदेह हैं, तो वह मेरा निमंत्रण स्वीकार कर सकते हैं। मुझे उन्हें कृषि कानूनों का लाभ बताने में खुशी होगी।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।