कई राज्य शीतलहर की चपेट में, कड़ाके की ठंड में होगा नया साल

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  दिसंबर 29, 2020   08:40
कई राज्य शीतलहर की चपेट में, कड़ाके की ठंड में होगा नया साल

मौसम विभाग के अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि लुधियाना, पटियाला, बठिंडा, फरीदकोट, आदमपुर और हलवारा समेत कई स्थानों पर कोहरा छाए रहने से सुबह में दृश्यता घट गयी। अधिकतर स्थानों पर न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे रहने के कारण ठिठुरन बढ़ गयी है।

नयी दिल्ली। उत्तर भारत के हिस्सों में 29-31 दिसंबर से रात के तापमान में 3-5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। कई राज्यों में शीतलहर चल रही है। यह बात सोमवार को भारत मौसम विभाग (आईएमडी) ने कही। आईएमडी ने कहा कि कि शीतलहर की स्थिति में दो जनवरी से कमी आने की संभावना है। हिमालय से मैदानी इलाकों की ओर ठंडी हवाएं चलने के कारण दिल्ली के हिस्सों में अगले चार दिन शीतलहर चलने का पूर्वानुमान है। मौसम विज्ञान विभाग के अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी में न्यूनतम तामपान 5.6 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 20.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उत्तर प्रदेश में छिटपुट क्षेत्रों में शीतलहर चलने की संभावना है। 30-31 दिसंबर के दौरान बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल के हिस्सों और ओडिशा में कुछ स्थानों पर शीतलहर चलने की संभावना है। आईएमडी ने कहा, ‘अगले तीन दिनों (29-31 दिसंबर) के दौरान उत्तर पश्चिमी भारत में न्यूनतम तापमान में 3-5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट हो सकती है। उसके बाद तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की मामूली वृद्धि होगी।’’ राज्यों के लिए ऑरेंज चेतावनी भी जारी की गई है।

आईएमडी ने कहा कि 29-30 दिसंबर के दौरान उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली और उत्तरी राजस्थान में अलग-अलग इलाकों में हाड़ कंपाने वाली शीतलहर चल सकती है। आईएमडी ने कहा, ‘‘31 दिसंबर से 2 जनवरी तक पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम उत्तर प्रदेश में कुछ इलाकों में सुबह के दौरान घना कोहरा छाने की संभावना है।’’ मौसम विभाग के एक अधिकारी ने सोमवार को बताया कि इस बीच, हिमालयी क्षेत्र में बारिश और बर्फबारी के कारण राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान में 4 से 5 डिग्री की गिरावट आई। मौसम विभाग के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि प्रदेश में कड़ाके की सर्दी का असर 31 दिसंबर तक बने रहने की संभावना है। शर्मा ने कहा कि सोमवार को मैदानी इलाकों में सबसे न्यूनतम तापमान पश्चिमी राजस्थान के चूरू में 0.6 डिग्री सेल्सियस और पूर्वी राजस्थान के भीलवाड़ा में एक डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। माउंट आबू में न्यूनतम न्यूनतम तापमान शून्य से 0.2 डिग्री सेल्सियस कम रहा। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के दौरान जयपुर, अजमेर, कोटा और भरतपुर संभाग के जिलों में जबरदस्त ठंड का अनुमान जताया है। वहीं, उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्‍सों में अलग-अलग स्‍थानों पर गरज के साथ हल्‍की बारिश हुई जबकि पिछले 24 घंटों में पूर्वी जिलों में मौसम सर्द रहा। 

इसे भी पढ़ें: दिल्ली में नए साल तक शीत लहर चलने का पूर्वानुमान, तापमान में भी आ सकती है गिरावट

आंचलिक मौसम केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार राज्‍य के ज्‍यादातर मंडलों में दिन के तापमान में कोई विशेष बदलाव नहीं हुआ और उनकी स्थिति सामान्‍य बनी हुई है। राज्‍य में सबसे कम तापमान 4.1 डिग्री सेल्सियस चुर्क में दर्ज किया गया जबकि सबसे अधिक तापमान 27.6 डिग्री सेल्सियस झांसी में दर्ज किया गया। जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले कई इलाकों में बर्फबारी हुई है। वहीं, समूची घाटी में न्यूनतम तापमान में सुधार होने से लोगों को ठंड से काफी राहत मिली है। अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि कश्मीर और जम्मू क्षेत्रों के ऊंचाई वाले इलाकों में रात में फिर से बर्फबारी हुई है। उन्होंने बताया कि उत्तर कश्मीर के गुलमर्ग में दो इंच बर्फबारी रिकॉर्ड की गई है जबकि दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में और मध्य कश्मीर के सोनमर्ग में एक-एक इंच हिमपात दर्ज किया गया है। जम्मू क्षेत्र के भी कई हिस्सों में बर्फबारी हुई है। इस बीच, पंजाब और हरियाणा के विभिन्न हिस्सों में देर रात बारिश के बाद ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। मौसम विभाग के अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि लुधियाना, पटियाला, बठिंडा, फरीदकोट, आदमपुर और हलवारा समेत कई स्थानों पर कोहरा छाए रहने से सुबह में दृश्यता घट गयी। अधिकतर स्थानों पर न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे रहने के कारण ठिठुरन बढ़ गयी है।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।