Meerut Court ने पति की हत्या में पत्नी और प्रेमी को ठहराया दोषी, 16 अक्टूबर को सजा का ऐलान

Meerut Court ने पति की हत्या में पत्नी और प्रेमी को ठहराया दोषी, 16 अक्टूबर को सजा का ऐलान
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उत्तर प्रदेश के मेरठ में अदालत ने अमित कश्यप की हत्या के मामले में उसकी पत्नी रविता और पड़ोसी अमरदीप को दोषी करार दिया है। वारदात को छिपाने के लिए शव के पास बिना जहर वाला सांप रखकर इसे सर्पदंश का रूप देने की कोशिश की गई थी। पोस्टमार्टम में दम घुटने से मौत की पुष्टि और कॉल डिटेल के आधार पर अदालत 16 अक्टूबर को सजा सुनाएगी।

मेरठ, सात अक्टूबर उत्तर प्रदेश के मेरठ में पति की हत्या के चर्चित मामले में अदालत ने बुधवार को पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को दोषी करार दिया। दोनों को 16 अक्टूबर को सजा सुनाई जाएगी। अदालत ने माना कि दोनों ने मिलकर अमित कश्यप उर्फ मिक्की की हत्या की थी।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, अकबरपुर सादात गांव निवासी अमित कश्यप की 12 अप्रैल 2025 को उसके घर में मौत हुई थी। शुरुआत में परिजनों ने उसकी मौत सांप के डसने से होने की आशंका जताई थी। शव के नीचे एक सांप दबा मिला था, जिसे पकड़कर डिब्बे में बंद कर दिया गया था।

बाद में सपेरों ने सांप की जांच कर बताया कि उसके विषदंत के नीचे जहर की थैली नहीं थी और उसे निकाल दिया गया था। ऐसे में उसके काटने से अमित की मौत संभव नहीं थी। अमित के गले पर चोट और शरीर पर नाखून जैसे खरोंच के निशान भी मिले।

पोस्टमार्टम में मौत का कारण सर्पदंश के बजाय दम घुटना सामने आया। इसके बाद पुलिस ने हत्या के कोण से जांच शुरू की। जांच में अमित की पत्नी रविता और उसके पड़ोसी अमरदीप के बीच कथित प्रेम संबंधों की जानकारी मिली।

अभियोजन के मुताबिक, दोनों ने अमित की गला दबाकर हत्या की और वारदात को सर्पदंश का रूप देने के लिए शव के पास सांप छोड़ दिया। पुलिस ने मामले में 500 से अधिक पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया और अभियोजन ने 12 से अधिक गवाह पेश किए। सरकारी वकील फरजाना के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अलावा मोबाइल फोन की कॉल डिटेल महत्वपूर्ण साक्ष्य बनी।

उन्होंने बताया कि अमित की मौत के बाद भी रविता और अमरदीप के बीच लगातार बातचीत हुई और चार दिन में दोनों के बीच 70 से अधिक बार बातचीत हुई। अमरदीप जिस नंबर से रविता से बात करता था, वह जागृति विहार निवासी सोनू के नाम पर था। सोनू ने अदालत में कहा कि वह नंबर का इस्तेमाल नहीं करता था और न ही रविता या अमरदीप को जानता था।

जांच में सामने आया कि अमरदीप ने किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर सिम लिया था। दोनों के बीच इस नंबर से 500 से अधिक बार बातचीत का रिकॉर्ड मिला। जांच के दौरान सांप उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति से भी पूछताछ की गई।

इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। रविता तब से जेल में है, जबकि अमरदीप जमानत पर बाहर है।

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