'मनमाने ढंग से नौकरी से निकाल रहे', Jammu Kashmir में 5 कर्मचारियों पर एक्शन से Mehbooba Mufti नाराज

जम्मू-कश्मीर में आतंकी संबंधों के आरोप में पांच सरकारी कर्मचारियों की बर्खास्तगी पर महबूबा मुफ्ती ने उपराज्यपाल प्रशासन की आलोचना की है। उन्होंने इस कार्रवाई को मनमाना, अन्यायपूर्ण और परिवारों के लिए 'सामूहिक सजा' बताया, जबकि प्रशासन ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में उठाया गया कदम कहा है।
जम्मू और कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने मंगलवार को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों से कथित संबंधों के आरोप में पांच सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त करने के फैसले की आलोचना करते हुए इस कदम को मनमाना और अन्यायपूर्ण बताया। X पर एक पोस्ट में मुफ्ती ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश में इस तरह की कार्रवाइयों को खतरनाक रूप से सामान्य मान लिया गया है।
इसे भी पढ़ें: Terror Funding Case | आखिर 6 साल से हिरासत में क्यों? अलगाववादी नेता शब्बीर अहमद शाह मामले में सुप्रीम कोर्ट ने NIA को लगाई कड़ी फटकार
महबूबा मुफ्ती ने लिखा कि यह सिर्फ कर्मचारी का मामला नहीं है। हर 'बर्खास्तगी' के पीछे एक परिवार है जिसे अंधकार में धकेल दिया गया है और यह एक तरह की सामूहिक सजा है, जिसमें भारत सरकार की कठोर नीतियों के कारण पूरे परिवार रातोंरात बर्बाद हो जाते हैं। ये नीतियां कानून के शासन का मजाक उड़ाती हैं और उचित प्रक्रिया को नजरअंदाज करती हैं। उन्होंने आगे कहा कि अन्याय को सामान्य मानना बंद होना चाहिए। उनकी ये टिप्पणियां उपराज्यपाल द्वारा प्रतिबंधित उग्रवादी संगठनों से सक्रिय संबंध रखने के आरोपी पांच कर्मचारियों को बर्खास्त करने के आदेश के एक दिन बाद आईं।
इसे भी पढ़ें: Shaksgam Valley Dispute Explained: PoK में पाकिस्तान की 1963 वाली वो हरकत, जिसको लेकर आज भारत-चीन भिड़े
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, बर्खास्त किए गए लोगों में एक सरकारी स्कूल शिक्षक, एक प्रयोगशाला तकनीशियन, एक सहायक लाइनमैन, वन विभाग का एक कर्मचारी और स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में कार्यरत एक ड्राइवर शामिल हैं। खबरों के मुताबिक, ड्राइवर, जो फिलहाल श्रीनगर की केंद्रीय जेल में बंद है, की पहचान हिजबुल मुजाहिदीन के एक सूचीबद्ध ओवरग्राउंड वर्कर के रूप में हुई है और आरोप है कि वह पाकिस्तान स्थित एक हैंडलर के लगातार संपर्क में था। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में की गई है।
अन्य न्यूज़














