भारत में ओमीक्रोन के अब तक 25 मामले आए, अधिकतर मरीजों में हल्के लक्षण : सरकार

Omicron Variant
भार्गव ने बताया कि टीके की प्रभावशीलता पर वैज्ञानिक आंकड़ों के लिए तीन चीजें महत्वपूर्ण हैं एंटीबॉडी प्रतिक्रिया, सेलुलर प्रतिरक्षा और म्यूकोसल प्रतिरक्षा। उन्होंने कहा कि सेलुलर इम्युनिटी और म्यूकोसल इम्युनिटी को मापना मुश्किल, महंगा और समय लेने वाला है।

नयी दिल्ली|  सरकार ने शुक्रवार को कहा कि भारत में अब तक कोरोना वायरस के ओमीक्रोन स्वरूप के 25 मामलों का पता चला है और सभी मामलों में मुख्य रूप से हल्के लक्षण देखे गए हैं।

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अनुसार, चिकित्सकीय रूप से, ओमीक्रोन अभी तक स्वास्थ्य सेवा प्रणाली पर बोझ नहीं डाल रहा है, लेकिन सतर्कता बनाए रखनी होगी।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि एक दिसंबर से विदेश से आए 96 लोग संक्रमित पाए गए और उनमें से 83 लोग ‘जोखिम वाले’ देशों से आए थे। उन्होंने कहा कि संक्रमण के इन 96 मामलों में जीनोम अनुक्रमण किया जा रहा है।

अग्रवाल ने कहा अब तक 59 देशों में ओमीक्रोन स्वरूप के मामले आ चुके हैं। अग्रवाल ने कहा कि भारत में ओमीक्रोन स्वरूप के अब तक 25 मामले सामने आए हैं।

महाराष्ट्र में 10, राजस्थान में नौ, गुजरात में तीन, कर्नाटक में दो और दिल्ली में एक व्यक्ति में इस संक्रमण की पुष्टि हुई है।

स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव ने कहा, ‘‘विभिन्न स्वरूपों में से ओमीक्रोन के 0.04 प्रतिशत से भी कम मामले हैं। ओमीक्रोन स्वरूप से संक्रमित मरीजों में मुख्य रूप से हल्के लक्षण देखे गए हैं।’’

उन्होंने यूरोप के कई देशों में कोविड-19 मामलों में वृद्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि संक्रमण रोकने के लिए लोगों का कोविड-उपयुक्त व्यवहार का सख्ती से पालन करना चाहिए।

टीकाकरण दर में वृद्धि के साथ सार्वजनिक स्वास्थ्य और सामाजिक उपायों का अनुपालन घटने के बारे में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के एक हालिया विश्लेषण का हवाला देते हुए अधिकारियों ने मास्क पहनने की गिरावट की प्रवृत्ति के बारे में आगाह किया।

नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ वी के पॉल ने ‘इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ मेट्रिक्स’ के एक विश्लेषण का हवाला देते हुए कहा कि देश में मास्क का इस्तेमाल दूसरी लहर से पहले के स्तर तक कम हो गया है।

उन्होंने कहा, ‘‘एक तरह से हम फिर से एक खतरे के क्षेत्र में प्रवेश कर गए हैं। सुरक्षा क्षमता की दृष्टि से, हम अब निम्न स्तर पर, जोखिम भरे और अस्वीकार्य स्तर पर काम कर रहे हैं। हमें यह याद रखना होगा कि टीके और मास्क दोनों ही महत्वपूर्ण हैं।’’

पॉल ने कहा, ‘‘एक या दो क्षेत्रों में संक्रमण के बहुत मामले आए हैं। ऐसे करीब 70 ‘क्लस्टर’ पर नजर रखी जा रही है। मुख्य रूप से इसके लिए डेल्टा स्वरूप जिम्मेदार है। इसके बावजूद हम सतर्कता बरत रहे हैं। टीके की दोनों खुराक लेना और मास्क पहनना जरूरी है।’’

पॉल ने कहा कि सरकार को अभी तक कोविड​​-19 के खिलाफ बच्चों को टीका देने के लिए टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (एनटीएजीआई) से कोई सिफारिश नहीं मिली है।

क्या भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद ओमीक्रोन के खिलाफ कोविशील्ड और कोवैक्सीन टीके के असर पर कोई अध्ययन कर रही है, इस पर आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ बलराम भार्गव ने कहा कि राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (एनआईवी) पुणे में ओमीक्रोन के 25 मामलों के नमूने एकत्र किए गए हैं।

यह पूछे जाने पर कि टीकाकरण के कारण प्रतिरक्षा कितने समय तक कायम रहती है, भार्गव ने बताया कि टीके की प्रभावशीलता पर वैज्ञानिक आंकड़ों के लिए तीन चीजें महत्वपूर्ण हैं एंटीबॉडी प्रतिक्रिया, सेलुलर प्रतिरक्षा और म्यूकोसल प्रतिरक्षा। उन्होंने कहा कि सेलुलर इम्युनिटी और म्यूकोसल इम्युनिटी को मापना मुश्किल, महंगा और समय लेने वाला है।

यदि एंटीबॉडी क्षमता घट रही है तो इसे मापा जा सकता है। डेटा से पता चलता है कि एंटीबॉडी छह महीने से एक साल तक कायम रहती है और टीके स्वरूप के आधार पर प्रभावी हो सकती हैं। साथ ही कहा कि अलग-अलग व्यक्ति में एंटीबॉडी का स्तर भी भिन्न होता है।

कोरोना वायरस के नवीनतम स्वरूप के मामलों के बारे में भार्गव ने कहा, ‘‘चिकित्सकीय रूप से, ओमीक्रोन ने अभी तक स्वास्थ्य प्रणाली पर बोझ नहीं बढाया है। हालांकि, सतर्कता बनाए रखनी होगी।’’ उन्होंने कहा कि वैश्विक परिदृश्य पर नजर रखने के लिए नियमित बैठकें आयोजित की जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि केवल 25 जिले ऐसे हैं जहां संक्रमण दर पांच प्रतिशत से अधिक है। राज्यों को जांच में तेजी लानी होगी। देश में 86.2 प्रतिशत वयस्कों को कोविड-19 रोधी टीके की पहली खुराक मिल चुकी है, वहीं 53.5 प्रतिशत को दोनों खुराक दी जा चुकी हैं।

देश के 19 जिलों में कोविड-19 की साप्ताहिक संक्रमण दर पांच से 10 प्रतिशत के बीच है, जबकि तीन राज्यों के आठ जिलों में यह दर 10 प्रतिशत से अधिक है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा शुक्रवार सुबह आठ बजे अद्यतन किए गए आंकड़ों के मुताबिक देश में पिछले 24 घंटे में कोविड-19 के 8,503 नए मामले सामने आए हैं, जिसके बाद संक्रमितों की कुल संख्या 3,46,74,744 हो गई है तथा उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 94,943 हो गई है। संक्रमण से 624 और मरीजों की मौत हो जाने से मृतकों की संख्या बढ़कर 4,74,735 हो गई।

देश में लगातार 43 दिन से संक्रमण के दैनिक मामलों की संख्या 15,000 से नीचे है।

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