'पीठ में छुरा या वफादारी का कत्ल?'... मंत्री ज़मीर अहमद खान के कथित ऑडियो लीक से हिली कांग्रेस

Zameer Ahmed Khan
ANI
रेनू तिवारी । Jun 1 2026 3:46PM

मंत्री ज़मीर अहमद खान को निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का बेहद करीबी और वफादार सिपहसालार माना जाता है। लेकिन राजनीतिक गलियारों से आ रही खबरों के मुताबिक, वह कांग्रेस के उस फैसले से अंदर ही अंदर बेहद नाखुश और आक्रोशित थे।

कर्नाटक में एक तरफ कांग्रेस पार्टी पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता के शीर्ष पर पहुंचने का जश्न मना रही है और 3 जून को होने वाले डी.के. शिवकुमार के भव्य शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियों में जुटी है, वहीं दूसरी तरफ पार्टी के भीतर से वफादारी और विश्वासघात की एक ऐसी खौफनाक कहानी सामने आई है जिसने आलाकमान की नींद उड़ा दी है। कैबिनेट गठन की चर्चाओं के बीच एक कथित ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह वायरल हो रही है, जिसने कांग्रेस खेमे में भारी असंतोष और हड़कंप मचा दिया है। इस लीक ऑडियो में कथित तौर पर राज्य के कद्दावर नेता और मंत्री बी. ज़मीर अहमद खान को दावणगेरे दक्षिण विधानसभा सीट के उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार को ही हराने की गुप्त साजिश रचते हुए सुना जा सकता है।

 मुस्लिम टिकट न मिलने से नाराजगी: 'अपनों' की पीठ में छुरा?

मंत्री ज़मीर अहमद खान को निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का बेहद करीबी और वफादार सिपहसालार माना जाता है। लेकिन राजनीतिक गलियारों से आ रही खबरों के मुताबिक, वह कांग्रेस के उस फैसले से अंदर ही अंदर बेहद नाखुश और आक्रोशित थे, जिसमें दावणगेरे दक्षिण उपचुनाव के लिए किसी भी मुस्लिम उम्मीदवार को टिकट नहीं दिया गया था।

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यह उपचुनाव कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शमनूर शिवशंकरप्पा के निधन के बाद खाली हुई सीट पर कराया गया था। टिकट वितरण से निराश होकर, खान ने कथित तौर पर कांग्रेस की घोषित नीतियों के विपरीत जाकर कट्टरपंथी रुख रखने वाली सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) के उम्मीदवार अफ़सर कोडलीपटे को गुप्त रूप से समर्थन देने का मन बना लिया।

खान को निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का वफादार माना जाता है, लेकिन खबरों के मुताबिक, वह कांग्रेस के उस फैसले से नाखुश थे जिसमें उपचुनाव के लिए किसी मुस्लिम उम्मीदवार को मैदान में नहीं उतारा गया था। यह उपचुनाव वरिष्ठ नेता शमनूर शिवशंकरप्पा के निधन के बाद ज़रूरी हो गया था। निराश होकर, खान ने कथित तौर पर सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ़ इंडिया (SDPI) के उम्मीदवार अफ़सर कोडलीपटे का समर्थन किया।

खान के विश्वासघात से कांग्रेस हैरान

सूत्रों के अनुसार, इस विवाद ने कांग्रेस की राज्य इकाई को हिलाकर रख दिया है, और पार्टी खान के कथित विश्वासघात को लेकर चर्चा कर रही है। गौरतलब है कि खान शिवकुमार की सरकार में अपने लिए मंत्री पद की मांग कर रहे हैं। लेकिन अभी तक, न तो पार्टी और न ही खान ने इस घटना के संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी किया है। इस बीच, यह ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गई है। हालांकि, इंडिया टीवी डिजिटल इस ऑडियो की सत्यता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सकता है।

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दावणगेरे दक्षिण उपचुनाव की बात करें तो, मल्लिकार्जुन ने 69,478 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार श्रीनिवास T दासकरियप्पा को हराया, जिन्हें 63,799 वोट मिले थे। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के अनुसार, SDPI उम्मीदवार अफ़सर कोडलीपटे 18,971 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। शिवकुमार की बात करें तो, वह 3 जून को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। उनके साथ नौ और नेताओं के भी शपथ लेने की उम्मीद है। सूत्रों ने इंडिया टीवी को बताया है कि बाकी मंत्री बाद में 18 जून को शपथ लेंगे। कर्नाटक में मुख्यमंत्री सहित अधिकतम 34 मंत्री हो सकते हैं।

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