बयान देकर फसे विधायक रामेश्वर शर्मा, मांगी राजपूतों से क्षमा

बयान देकर फसे विधायक रामेश्वर शर्मा, मांगी राजपूतों से क्षमा

शर्मा ने कहा कि लेकिन फिर भी मेरे किसी शब्द से मेरे किसी भी राजपूत हिंदू भाई को किंचित मात्र भी ठेस पहुंची हो तो आपका भाई रामेश्वर शर्मा 100 बार आपके सामने झुकने को तैयार है और आपसे इसके लिए क्षमा चाहता है।

भोपाल। मध्य प्रदेश के सागर में 'हिंदुत्व धर्म संवाद' कार्यक्रम में सम्राट अकबर और जोधाबाई की प्रेम कहानी पर बयान देकर विधायक रामेश्वर शर्मा फंस गए हैं। विधायक ने सफाई देते हुए कहा कि मैं चालाक मुगलों की फूट नीति का वर्णन कर रहा था। राजपूत समाज को ठेस पहुंचना मकसद नहीं था। मैं हिंदुत्व के रक्षक राजपूतों से क्षमा चाहता हूं।

इसे भी पढ़ें:विधायक रामबाई ने समझाया भ्रष्टाचार का गणित, कहा - आटे में नमक बराबर रिश्वत चलती है 

दरअसल रविवार को सागर के रविन्द्र भवन में 'हिंदुत्व धर्म संवाद' कार्यक्रम में रामेश्वर शर्मा ने कहा था- जोधाबाई से रिश्ता किसने किया। उनके बीच कोई प्रेम नहीं था। जब लोग सत्ता के लोभी हो जाएं और सत्ता को चाहने के लिए बेटी को दांव पर लगा दें। ऐसे लुटेरों से भी सावधान रहो। जो तुम्हारे हैं, लेकिन धर्म को धोखा दे सकते हैं।

वहीं राजधानी भोपाल से रामेश्वर शर्मा ने सोमवार को सफाई देते हुए कहा कि राजपूत समाज शुरू से हिंदुत्व का रक्षक रहा है। आदिकाल से आज तक क्षत्रिय वीरों की गाथाएं देश को गौरवान्वित करती रही है। मैं रामेश्वर शर्मा सदैव हिंदुत्व के रक्षक महाराणा प्रताप और पृथ्वीराज चौहान की वीर गाथाओं का गौरव गान करता रहा हूं।

इसे भी पढ़ें:CM शिवराज ने दिग्विजय सिंह को याद दिलाया पुराना नारा , कहा - जब तक रहेंगे दिग्गी, जलती रहेगी डिब्बी 

उन्होंने कहा कि हिंदुत्व धर्म संवाद में अकबर एवं जोधा बाई के प्रसंग के वर्णन का उद्देश्य मुगलों की चालाकी और फूट-नीति का उल्लेख करना था। महाराणा प्रताप, वीर शिवाजी और पृथ्वीराज चौहान से प्रेरणा पाकर हिंदुत्व के लिए लड़ने वाला रामेश्वर शर्मा कभी राजपूत समाज पर उंगली उठा ही नहीं सकता।

शर्मा ने कहा कि लेकिन फिर भी मेरे किसी शब्द से मेरे किसी भी राजपूत हिंदू भाई को किंचित मात्र भी ठेस पहुंची हो तो आपका भाई रामेश्वर शर्मा 100 बार आपके सामने झुकने को तैयार है और आपसे इसके लिए क्षमा चाहता है।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।