Disha Salian Case: चचेरे भाई Aaditya Thackeray के बचाव में उतरे मनसे नेता Amit Thackeray

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के नेता अमित ठाकरे ने दिशा सालियन मौत मामले में शिवसेना विधायक आदित्य ठाकरे का खुलकर बचाव किया है। उन्होंने कहा कि एक भाई के नाते वह आश्वस्त हैं कि आदित्य किसी भी ऐसी गतिविधि में संलिप्त नहीं हो सकते। इससे पहले आदित्य ने भी सालियन से कभी मिलने या उन्हें जानने से साफ इनकार किया था।
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के नेता अमित ठाकरे ने शुक्रवार को अपने चचेरे भाई और शिवसेना (उबाठा) के विधायक आदित्य ठाकरे का बचाव करते हुए कहा कि वह दिशा सालियन की मौत के मामले में कभी शामिल नहीं हो सकते। मनसे नेता का यह बयान आदित्य के उस दावे के कुछ दिनों बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह सालियन को न तो जानते थे और न ही उनसे कभी मिले थे। आदित्य ने साथ ही आरोप लगाया था कि राजनीतिक विरोधी जानबूझकर इस दुखद घटना से उनका नाम जोड़कर उनकी छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
मनसे प्रमुख राज ठाकरे के बेटे अमित ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मुझे नहीं पता कि इसे कैसे देखा जाए, लेकिन एक भाई के तौर पर मैं आपको बता सकता हूं कि आदित्य कभी भी ऐसी किसी चीज में संलिप्त नहीं हो सकते।’’ केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने दिशा सालियन की मौत के मामले में प्राथमिकी दर्ज की है। उनके पिता की याचिका पर मुंबई उच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए इसमें किसी भी आरोपी का नाम शामिल नहीं किया गया है। दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की 28 वर्षीय पूर्व मैनेजर सालियन की आठ जून, 2020 को मुंबई के मलाड इलाके में एक रिहायशी इमारत की 12वीं मंजिल से गिरने से मौत हो गई थी।
मुंबई पुलिस ने सालियान के मामले में दुर्घटनावश मौत की प्राथमिकी दर्ज की थी और बाद में दावा किया था कि यह आत्महत्या का मामला था। सालियान की मौत के एक हफ्ते बाद, 14 जून 2020 को राजपूत अपने बांद्रा स्थित अपार्टमेंट में मृत पाए गए, जिससे दोनों मौतों के बीच किसी संभावित संबंध को लेकर अटकलें शुरू हो गईं। मुंबई उच्च न्यायालय ने दो सितंबर को सालियन की मौत की सीबीआई जांच का आदेश दिया।
अदालत ने मुंबई पुलिस को छह साल तक प्राथमिकी दर्ज न करने के लिए फटकार लगाई और कहा कि उनकी जांच से जवाबों के बजाय और सवाल खड़े होते हैं।
अन्य न्यूज़













