संघ प्रमुख मोहन भागवत बोले, जब तक कोरोना का संकट मिटे नहीं, धैर्य के साथ करें सेवा

संघ प्रमुख मोहन भागवत बोले, जब तक कोरोना का संकट मिटे नहीं, धैर्य के साथ करें सेवा

साधुओं की हत्या पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख ने कहा कि पालघर की घटना को लेकर बयानबाजी हो रही है। ये कृत्य होना चाहिए क्या? कानून व्यवस्था को हाथ में लेना चाहिए क्या? ऐसा जब होता है तो पुलिस को क्या करना चाहिए?

कोरोना संकट पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसए,) की ओर से संवाद शुरू किया गया। महामारी काल में संघ प्रमुख मोहन भागवत ने 'वर्तमान परिदृश्य और हमारी' भूमिका विषय पर अपने विचार रखे। संघ प्रमुख ने कहा कि महामारी ने कहर मचाया हुआ है, लेकिन डरने की जरूरत नहीं है। योजना बनाकर काम करने से सफलता मिलती है। कोरोना जल्द खत्म हो यही प्रयास है। साथ ही संघ सरचालक ने कहा कि कोरोना के दौरान लोगों की सेवा करनी है।

इसे भी पढ़ें: मन की बात में पीएम मोदी ने कहा- योग के बाद दुनिया ने अब आयुर्वेद को भी अपनाया

संघ प्रमुख ने अपने संबोधन में कहा, "हम अपना डंका बजाने के लिए कार्य नहीं करते। दुनिया के दुखों को दूर करना संघ का काम है। साधुओं की हत्या पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख ने कहा कि पालघर की घटना को लेकर बयानबाजी हो रही है। ये कृत्य होना चाहिए क्या? कानून व्यवस्था को हाथ में लेना चाहिए क्या? ऐसा जब होता है तो पुलिस को क्या करना चाहिए? ये सारी बातें सोचने की बातें हैं, पुलिस उस दौरान क्या कर रही थी?

इसे भी पढ़ें: RSS प्रमुख मोहन भागवत रविवार को करेंगे कार्यकर्ताओं को ऑनलाइन संबोधित

संबोधन की बड़ी बातें

  • सबको सामूहिकता से काम करना है, अपनत्व अपने व्यवहार में होना चाहिए।
  • काम के दौरान सावधानी आवश्यक है।
  • संघ ने जून अंत तक सारे कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं।
  • सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें, मास्क लगाएं। 
  • भड़काने वालों की कमी नहीं है और इसका लाभ लेने वाली ताकतें भी हैं। 
  • हर समाज में दोष रखने वाले लोग होते हैं, भड़काने वालों से दूर रहने की जरूरत।
  • स्वदेशी वस्तुओँ से काम चल जाता है तो उसे अपनाएं। विदेशी वस्तुओँ का कम से कम प्रयोग करें। 
  • अपनी अच्छाई से दुनिया को अच्छा बनाएं। 
  • सफलता और असफलता के बीच तीन फीट का अंतर है, इसलिए बिना थके प्रयास लगातार करने चाहिए। 





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।