भारत को आत्मनिर्भर बनाने और विश्व में शांति फैलाने के लिए समर्पण से काम करें स्वयंसेवक: मोहन भागवत

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने ओडिशा के संबलपुर में कार्यकर्ताओं से राष्ट्र को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने के लिए जुटने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संघ के 100 वर्ष पूरे होने पर संतुष्ट होकर नहीं बैठना है, बल्कि अनुशासन और सत्य को अपनाकर देश को हर क्षेत्र में समृद्ध करना है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने शनिवार को संघ के स्वयंसेवकों से देश को आत्मनिर्भर बनाने और पूरी दुनिया में शांति का संदेश फैलाने के लिए समर्पण भाव से काम करने का आह्वान किया। राज्य के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे भागवत ने कहा कि आरएसएस ने 100 वर्ष पूरे कर लिए हैं, लेकिन हमें इतने से ही संतुष्ट होकर बैठ नहीं जाना है। भागवत ने कहा, विश्व का मार्गदर्शन करने और दुनिया भर में शांति फैलाने के लिए भारत को आध्यात्मिक, सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से समृद्ध होना होगा।
भारत माता को आत्मनिर्भर बनाने के लिए संघ के स्वयंसेवकों को निष्ठापूर्वक काम करना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए स्वयंसेवकों को अपने जीवन में अनुशासन, सत्य और प्रतिबद्धता को अपनाना चाहिए। संघ के एक पदाधिकारी ने बताया कि इससे पहले भागवत झारसुगुड़ा हवाई अड्डे पहुंचे और वहां से सड़क मार्ग से संबलपुर गए, जहां उन्होंने स्वयंसेवकों से बातचीत कर उनका मनोबल बढ़ाया।
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