Monsoon Heavy Rainfall Alert | देश में फिर एक्टिव हुआ मानसून, मध्य और दक्षिण भारत में भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट

Monsoon
ANI
रेनू तिवारी । Jun 20 2026 9:52AM

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, मानसून की मौजूदा सुस्ती के दौरान मध्य भारत सबसे ज़्यादा प्रभावित रहा है। आधिकारिक आगमन के बावजूद मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ के बड़े हिस्सों में आसमान साफ़ था और तेज़ गर्मी पड़ रही थी।

देश के बड़े हिस्सों में पिछले लगभग दो हफ़्तों से मानसून की सुस्त रफ्तार और सूखे के बाद अब राहत की खबर है। दक्षिण-पश्चिम मानसून (South-West Monsoon) एक बार फिर सक्रिय होने जा रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मध्य भारत में बारिश लाने वाले बादल धीरे-धीरे ज़ोर पकड़ रहे हैं, जिससे उन इलाकों को बहुत ज़रूरी राहत मिलेगी जो लंबे समय से अच्छी बारिश का इंतज़ार कर रहे थे।

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मध्य भारत को मिलेगी भीषण गर्मी से निजात

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, मानसून की मौजूदा सुस्ती के दौरान मध्य भारत सबसे ज़्यादा प्रभावित रहा है। आधिकारिक आगमन के बावजूद मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ के बड़े हिस्सों में आसमान साफ़ था और तेज़ गर्मी पड़ रही थी। बारिश में इस देरी से किसानों की चिंताएँ भी बढ़ गई थीं, क्योंकि वे खरीफ़ फसलों की बुवाई के लिए ज़मीन में पर्याप्त नमी का इंतज़ार कर रहे हैं। अब IMD ने 19 जून से 25 जून के बीच छत्तीसगढ़, पूर्वी व पश्चिमी मध्य प्रदेश और विदर्भ में कहीं-कहीं अच्छी बारिश होने की संभावना जताई है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बादलों की गतिविधि का लौटना महत्वपूर्ण है क्योंकि मानसून के आधिकारिक आगमन के बावजूद मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ के बड़े हिस्सों में आसमान साफ़ रहा है और तेज़ गर्मी पड़ रही है।

बारिश में देरी से खेती को लेकर चिंताएँ बढ़ गई हैं क्योंकि किसान खरीफ़ की बुवाई के लिए ज़मीन में पर्याप्त नमी का इंतज़ार कर रहे हैं।

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बारिश और आंधी-तूफ़ान की संभावना

IMD ने इस पूरे इलाके में कई बार आंधी-तूफ़ान आने का भी पूर्वानुमान लगाया है।

पश्चिमी मध्य प्रदेश में 21 जून से 23 जून के बीच बिजली कड़कने और 40-50 किमी/घंटा (झोंकों के साथ 60 किमी/घंटा तक) की तेज़ हवाओं के साथ आंधी-तूफ़ान आने की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 20 जून से 23 जून तक और विदर्भ में 19 जून से 23 जून तक ऐसे ही हालात रहने की उम्मीद है।

छत्तीसगढ़ में 19 जून से 23 जून तक आंधी-तूफ़ान और बिजली कड़कने की संभावना है, जिसमें 22 और 23 जून को ज़्यादा तेज़ गतिविधि होने का अनुमान है।

अच्छी बारिश शुरू होने से पहले, कुछ इलाकों में मानसून-पूर्व का तेज़ मौसम देखने को मिल सकता है। IMD ने 19 और 20 जून को पश्चिमी मध्य प्रदेश में तेज़ आंधी (थंडरस्क्वॉल) की चेतावनी दी है, जिसमें हवा की गति 50-60 किमी/घंटा (झोंकों के साथ 70 किमी/घंटा तक) हो सकती है। पूर्वी मध्य प्रदेश में भी 19 जून को ऐसे ही हालात रहने की उम्मीद है।

यह सुधार सिर्फ़ मध्य भारत तक ही सीमित नहीं है। आने वाले हफ़्ते में देश के दक्षिणी राज्यों में भी अच्छी बारिश होने की उम्मीद है। 19 से 21 जून के बीच तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि केरल और माहे में 19 से 23 जून के बीच भारी बारिश हो सकती है।

अनुमान है कि कर्नाटक के तटीय इलाकों में 21 से 25 जून के बीच भारी बारिश होगी, और उत्तरी व दक्षिणी अंदरूनी कर्नाटक में 22 और 23 जून को ज़ोरदार बारिश हो सकती है। लक्षद्वीप में भी 21 जून को भारी बारिश होने की उम्मीद है।

अनुमान बताते हैं कि मॉनसून, जो शुरुआती तेज़ी के बाद रुका हुआ लग रहा था, अब शायद फिर से बड़े पैमाने पर आगे बढ़ने की तैयारी कर रहा है।

हालांकि उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में अभी भी बड़े पैमाने पर भारी बारिश नहीं हो रही है, लेकिन बादलों की बढ़ती गतिविधि और आंधी-तूफान के बनने से संकेत मिलता है कि आने वाले दिनों में मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए माहौल धीरे-धीरे अनुकूल हो रहा है।

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