Sabeer Bhatia की पोस्ट की गई विवादित डॉक्यूमेंट्री पर Mumbai Police ने 24 X हैंडल को भेजा नोटिस

मुंबई पुलिस की साइबर सेल ने उद्योगपति सबीर भाटिया द्वारा साझा की गई एक डॉक्यूमेंट्री को रीपोस्ट करने वाले 24 एक्स खातों को कानूनी नोटिस भेजे हैं। पुलिस ने यह कदम एक प्रमुख कारोबारी समूह की औपचारिक शिकायत के बाद उठाया, जिसमें झूठी और अपमानजनक सामग्री पोस्ट करने का आरोप लगाया गया था। नोटिस में मंच और उपयोगकर्ताओं से आपत्तिजनक सामग्री की तत्काल समीक्षा करने और उसे हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
मुंबई पुलिस ने मशहूर उद्यमी सबीर भाटिया की ओर से कुछ दिन पहले पोस्ट की गई एक विवादित डॉक्यूमेंट्री को साझा करने वाले 24 एक्स उपयोगकर्ताओं को कानूनी नोटिस जारी किए हैं। ये नोटिस 18 अक्टूबर को जारी किए गए। डॉक्यूमेंट्री में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उद्योगपति गौतम अदाणी के बारे में कथित तौर पर झूठे और अपमानजनक दावे किए गए थे, जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया।
नोटिस में कहा गया है कि साइबर पुलिस को एक औपचारिक शिकायत मिली थी, जिसमें आरोप लगाया गया है कि कई एक्स अकाउंट से एक प्रमुख कारोबारी समूह को निशाना बनाते हुए अत्यंत आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट की गई है। नोटिस में दिए गए लिंक भाटिया के एक्स खाते पर ले जाते थे। नोटिस में कहा गया है कि संबंधित सामग्री में कंपनी के खिलाफ कथित तौर पर झूठे, भ्रामक और अपमानजनक बयान एवं आरोप थे, जिन्हें बिना किसी तथ्यात्मक या कानूनी आधार के प्रसारित किया गया।
इसमें कहा गया है कि इससे कंपनी की प्रतिष्ठा, साख और सार्वजनिक छवि को लगातार नुकसान पहुंचा। नोटिस में कहा गया है कि इस तरह की सामग्री प्रकाशित करना मंच के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 352 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना) तथा धारा 356 (मानहानि) के तहत दंडनीय अपराध है। नोटिस में मंच (एक्स) और उपयोगकर्ताओं से आपत्तिजनक पोस्ट की तत्काल समीक्षा करने तथा संबंधित सामग्री को हटाने या उस तक पहुंच बंद करने को कहा गया है।
वर्ष 1996 में पहली मुफ्त वेब-आधारित ईमेल सेवा हॉटमेल डॉट कॉम की सह-स्थापना करने वाले भारतीय-अमेरिकी उद्यमी भाटिया ने एक्स पर कहा, मुंबई पुलिस ने मुझसे कुछ बेहद आपत्तिजनक ट्वीट हटाने को कहा। मैंने निर्देश का पालन किया और उन्हें हटा दिया। उन्होंने कहा, इस बेहद आपत्तिजनक ट्वीट में केवल सत्ता के सर्वोच्च स्तरों पर कथित भ्रष्टाचार की ओर इशारा किया गया था।
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