Delhi में 25 साल से फरार चल रहा हत्या का दोषी पकड़ा गया

मार्च 1997 में अदालत ने योगिंदर को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। बाद में 2010 में दिल्ली उच्च न्यायालय ने उसकी अपील खारिज कर दी और उसे भगोड़ा घोषित कर दिया गया।
दिल्ली पुलिस ने अपनी पत्नी की हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया है जो 25 वर्ष पहले पैरोल खत्म होने के बाद से फरार था। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि आरोपी की पहचान योगिंदर सिंह (58) के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि 1992 में अपनी पत्नी की गला घोंटकर हत्या करने के मामले में योगिंदर को वर्ष 1997 में दोषी ठहराया गया था और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।
अधिकारी ने बताया कि उसे जून 2000 में चार सप्ताह की पैरोल पर रिहा किया गया था लेकिन उसने आत्मसमर्पण नहीं किया और तब से फरार था। पुलिस ने बताया कि आरोपी को पंजाब के लुधियाना से एक टीम ने गिरफ्तार किया।
गिरफ्तारी से बचने के लिए योगिंदर सिंह फर्जी पहचान के तहत रह रहा था। उसने अपना नाम, पिता का नाम और आवासीय पता बदल लिया था और नए पहचान पत्र भी बनवा लिए थे।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया, योगिंदर हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार और कर्नाटक सहित कई राज्यों में रहने के बाद 2012 में लुधियाना में आकर बस गया जहां वह बढ़ई के रूप में काम कर रहा था और पंजाबी सीखकर स्थानीय लोगों में घुलमिल गया था।
पुलिस के मुताबिक, यह मामला 15 मार्च 1992 का है, जब दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के पिलंजी गांव में एक महिला की हत्या की सूचना मिली थी। इसके बाद मार्च 1997 में अदालत ने योगिंदर को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। बाद में 2010 में दिल्ली उच्च न्यायालय ने उसकी अपील खारिज कर दी और उसे भगोड़ा घोषित कर दिया गया।
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