• बकरीद पर बद्रीनाथ धाम में मुसलमानों ने पढ़ी नमाज? VHP और बजरंग दल ने पर्यटन मंत्री को सौंपा ज्ञापन

अभिनय आकाश Jul 22, 2021 17:25

बद्रीनाथ धाम में ईद की नमाज अदा करने पर बवाल मच गया है। इस मामले में हिन्दू संगठनों ने कड़ी नाराजगी जताई है। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने आपत्ति जाहिर करते हुए पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज को ज्ञापन दिया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि बदरीनाथ धाम में ईद की नमाज पढ़ी गई।

बकरीद का मौका था और निर्माण कार्य में लगे कुछ मजदूरों ने नमाज अदा कर ली। लेकिन उसके बाद हंगामा मच गया। मामला बद्रीनाथ से जुड़ा है। जहां बकरीद के मौके पर कुछ श्रमिकों ने नमाज अदा कर ली और जिससे मामला देखते ही देखते इतना बड़ा हो गया कि मंत्री सतपाल महराज तक भी जा पहुंचा। दरअसल, बद्रीनाथ धाम में आस्था पथ नामक संस्था के पार्किंग स्थल का निर्माण कार्य चल रहा है। इसी निर्माण कार्य में संलग्न श्रमिकों में से कुछ श्रमिक मुस्लिम समुदाय के भी हैं।  मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि 21 जुलाई 15 मुस्लिम श्रमिकों ने बद्रीनाथ धाम में बकरीद की नमाज पढ़ी। 

हिन्दू संगठनों ने जताई नाराजगी

बद्रीनाथ धाम में ईद की नमाज अदा करने पर बवाल मच गया है। इस मामले में हिन्दू संगठनों ने कड़ी नाराजगी जताई है। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने आपत्ति जाहिर करते हुए पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज को ज्ञापन दिया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि बदरीनाथ धाम में ईद की नमाज पढ़ी गई। धाम में तीर्थ यात्रा पूरी तरह से बंद है। किसी को भी बदरीनाथ के दर्शन की अनुमति नहीं है, ऐसे में एक समुदाय के लोगों की ओर से कैसे धाम में ईद की नमाज पढ़ी जा रही है। इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। विहिप के कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन में कहा है कि बदरीनाथ धाम हिंदुओं का पवित्र स्थल है। यहां पर जानबूझकर नमाज पढ़ी गई। इससे करोड़ों हिंदुओं की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने मांग की कि इस मामले की जल्द से जल्द जांच कराकर ऐसे कार्य करने वालों के खिलाफ कठोर कर्रवाई होनी चाहिए। यदि ऐसा नहीं हुआ तो वे उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।

इसे भी पढ़ें: कुल्लू की वादियों में आने वाले कई विदेशी अब तक वापस अपने वतन नहीं लौट पाए

पुलिस का ये है कहना

चमोली के पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंह चौहान ने इस तरह की बातों का खंडन करते हुए कहा कि ऐसा कुछ नहीं हुआ है। एसपी चौहान ने स्पष्ट किया, 'मंदिर के पास पार्किंग बनाने में लगे मुस्लिम मजदूरों ने लाउडस्पीकर का इस्तेमाल किए बिना अपने कमरों के अंदर नमाज अदा की। उन्होंने मास्क पहनने और सामाजिक दूरी बनाए रखने के कोविड प्रोटोकॉल का भी पालन किया।