ठाकरे के खिलाफ ‘थप्पड़’ वाली टिप्पणी पर नारायण राणे गिरफ्तार, BJP ने कहा- ना डरेंगे, ना झुकेंगे

Narayan Rane
पूर्व मुख्यमंत्री राणे की टिप्पणी के बाद राज्य में सत्तारूढ़ दल शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने व्यापक विरोध प्रदर्शन किया है। राणे को उनकी जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान रत्नागिरि जिले में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के पूर्व प्रमुख सदाशिवराव गोलवलकर गुरुजी के पैतृक गांव गोलवली में हिरासत में लिया गया।

मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बारे में विवादित टिप्पणी के कारण राजनीतिक घमासान शुरू होने और राज्य में व्यापक विरोध प्रदर्शन के बाद केंद्रीय मंत्री नारायण राणे को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस सूत्रों ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद राणे को रायगढ़ जिले के महाड ले जाया गया जहां उन्हें मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया गया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता राणे की विवादास्पद टिप्पणी के खिलाफ रायगढ़ जिले के महाड के साथ-साथ नासिक और पुणे में मामले दर्ज किए गए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री राणे की टिप्पणी के बाद राज्य में सत्तारूढ़ दल शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने व्यापक विरोध प्रदर्शन किया है। राणे को उनकी जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान रत्नागिरि जिले में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के पूर्व प्रमुख सदाशिवराव गोलवलकर गुरुजी के पैतृक गांव गोलवली में हिरासत में लिया गया और संगमेश्वर थाना ले जाया गया। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि मुंबई से 160 किलोमीटर दूर महाड में दर्ज प्राथमिकी के सिलसिले में राणे को दोपहर करीब पौने तीन बजे रायगढ़ पुलिस के हवाले कर दिया गया।

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महाड में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 189 (लोक सेवक को नुकसान पहुंचाने की धमकी), 504 (लोक शांति भंग करने के लिए जानबूझकर अपमान करने का कृत्य), और 505 (शांति भंग करने वाली टिप्पणी) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। गिरफ्तारी के बाद राणे के समर्थकों ने संगमेश्वर थाने के पास विरोध प्रदर्शन किया। हिरासत में लिए जाने के बाद एक डॉक्टर ने राणे की जांच की। भाजपा के एक नेता ने दावा किया कि राणे का रक्तचाप और ‘शुगर लेवल’ बढ़ गया है और डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी है क्योंकि वह मधुमेह से पीड़ित हैं। राणे ने दावा किया था कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर अपने संबोधन में ठाकरे यह भूल गए कि देश की आजादी को कितने साल हुए हैं। राणे ने रायगढ़ जिले में सोमवार को ‘जन आशीर्वाद यात्रा’ के दौरान कहा, ‘‘यह शर्मनाक है कि मुख्यमंत्री को यह नहीं पता कि आजादी को कितने साल हो गए हैं। भाषण के दौरान वह पीछे मुड़कर इस बारे में पूछते नजर आए थे। अगर मैं वहां होता तो उन्हें एक जोरदार थप्पड़ मारता।’’ राणे अपनी इस टिप्पणी के बाद विवादों में घिर गए और शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने राज्य के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन किया है। इससे पहले, राणे ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के खिलाफ दिए गए अपने कथित बयान का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने ऐसी टिप्पणी कर कोई अपराध नहीं किया है।

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गिरफ्तारी से पहले- मामले में उनकी गिरफ्तारी की खबरों पर राणे ने कहा कि वह कोई ‘‘आम’’ आदमी नहीं हैं और इस तरह की खबरों के खिलाफ उन्होंने मीडिया को आगाह किया। राणे ने कहा, ‘‘मैंने कोई अपराध नहीं किया है। आप खबरों का सत्यापन कर उन्हें टीवी पर दिखाएं नहीं तो मैं आपके (मीडिया के) खिलाफ मामला दर्ज कराऊंगा। कोई अपराध ना करने के बावजूद मीडिया में मेरी ‘‘आसन्न’’ गिरफ्तारी की अटकलें लगाई जा रही हैं। आपको क्या लगता है कि मैं कोई आम आदमी हूं?’’ ठाकरे के खिलाफ राणे के बयान की शिवसेना ने कड़ी निंदा की है। पार्टी कार्यकर्ताओं ने मुंबई और कई अन्य स्थानों पर पोस्टर लगाए हैं, जिसमें राणे को ‘कोम्बडी चोर’ (मुर्गी चोर) बताया गया है। गौरतलब है कि करीब पांच दशक पहले चेंबूर में राणे ‘पॉल्ट्री’ की दुकान चलाते थे। मुंबई में राणे के आवास के पास शिवसेना की युवा शाखा और भाजपा के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर पथराव किया, जिसके बाद भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। राणे के आवास के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। एक अधिकारी ने कहा कि सांताक्रूज पुलिस ने कोविड-19 नियमों का उल्लंघन करने के लिए भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत युवा सेना के 50 से अधिक कार्यकर्ताओं के साथ-साथ कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। पुलिस सोशल मीडिया पर सामने आए सीसीटीवी फुटेज और वीडियो की जांच कर रही है। अधिकारी ने कहा कि समाचार चैनलों पर प्रसारित वीडियो क्लिप को बाद में झड़प में शामिल कार्यकर्ताओं के खिलाफ सबूत के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा ने राणे की गिरफ्तारी को ‘‘संवैधानिक मूल्यों का हनन’’ करार दिया और कहा कि पार्टी की ओर से आरंभ की गई ‘जन आशीर्वाद यात्रा’ से महाराष्ट्र की सरकार परेशान है। भाजपा की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने राणे के ठाकरे को थप्पड़ मारने संबंधी बयान से खुद को अलग कर लिया, लेकिन साथ ही कहा कि वह मंत्री के बयान पर खेद प्रकट नहीं करेंगे। पाटिल ने कहा, ‘‘मैं राणे के बयान का बचाव नहीं कर रहा, लेकिन उसको लेकर खेद भी व्यक्त नहीं करूंगा।’’ विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि भाजपा राणे की टिप्पणियों का समर्थन नहीं करती है, लेकिन ‘‘पार्टी पूरी एकजुटता से उनके साथ खड़ी है।’’ यह आरोप लगाते हुए कि राज्य पुलिस बल का ‘‘प्रतिशोध की राजनीति’’ के लिए एक औजार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है, पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून और व्यवस्था सुनिश्चित होनी चाहिए न कि ‘‘तालिबान जैसी शासन।’’ केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने राणे का बचाव करते हुए कहा कि मंत्री का इरादा मुख्यमंत्री का अपमान करने का नहीं था और वह अपने बयान पर स्पष्टीकरण देंगे। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री आठवले ने पत्रकारों से कहा, ‘‘राणे के कहने का मतलब केवल इतना था कि ठाकरे महाराष्ट्र के विकास के लिए कुछ नहीं कर रहे हैं और लोगों की समस्याओं को समझने के लिए वह मुंबई में अपने आवास ‘मातोश्री’ से कभी-कभार ही बाहर निकलते हैं। राणे का मतलब था कि ऐसे मुख्यमंत्री को पद पर बने रहने का अधिकार नहीं है। वह यही कहना चाहते थे।’’ शिवसेना के सांसद विनायक राउत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर नारायण राणे को केंद्रीय मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग की है। बयान के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद नासिक के पुलिस आयुक्त दीपक पांडे ने राणे की तत्काल गिरफ्तारी के आदेश जारी किए थे, जिसके बाद सिटी पुलिस की एक टीम कोंकण क्षेत्र के लिए गयी। राणे ने ठाकरे के खिलाफ अपनी टिप्पणी को लेकर दर्ज प्राथमिकियों को चुनौती देते हुए बंबई उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर गिरफ्तारी से सुरक्षा का अनुरोध किया। रत्नागिरि की एक अदालत ने भी राणे की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।

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