उपाध्यक्ष पद की मांग करने पर नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस पर कसा तंज

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 23, 2021   14:37
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उपाध्यक्ष पद की मांग करने पर नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस पर कसा तंज

उन्हें कोई भी नहीं रोक रहा है लेकिन उन्हें उपाध्यक्ष पद क्यों मिलना चाहिए। जब वह 15 साल बाद 15 महीने के लिए पावर में आए तो उन्होंने प्रदेश को क्या दिया, जिसका वह तर्क दे रहे हैं कि हमने अध्यक्ष का चुनाव लड़ा था।

इन दिनों मध्य प्रदेश में विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है। मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष पद पर भाजपा द्वारा गिरीश गौतम की नियुक्ति की गयी, गिरीश गौतम की नियुक्ति के बाद से उपाध्यक्ष पद को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच जंग शुरू हो गयी है। कांग्रेस पार्टी ने अपना पूरा ध्यान उपाध्यक्ष पद पर कब्जा करने पर दिया हुआ है। इसी के बीच मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस पर तंज कस्ते हुए कहा कि उन्हें कोई भी नहीं रोक रहा है लेकिन उन्हें उपाध्यक्ष पद क्यों मिलना चाहिए। जब वह 15 साल बाद 15 महीने के लिए पावर में आए तो उन्होंने प्रदेश को क्या दिया, जिसका वह तर्क दे रहे हैं कि हमने अध्यक्ष का चुनाव लड़ा था। मेरा उनसे प्रश्न है कि वह सरकार अल्पमत की सरकार थी बहुमत की सरकार नहीं थी। अल्पमत की सरकार में विसंगतियां आती हैं। उनको अपना मन बड़ा करना था, हमारी सरकार बहुमत की सरकार है। 

बंगाल में चल रहे कोयला घोटाले को लेकर उन्होंने कहा, "कोयले की दलाली में सब काला हो गया है। अगर ईमानदार है तो सामने आए भागते क्यों है। सीबीआई के पास जाने में दिक्कत है तो मीडिया के माध्यम से अपनी बात रख दें, अपनी निष्पक्षता साबित तो करें। क्योकि  डेमोक्रेसी में कई फोरम है सिर्फ एक फोरम नहीं है। उनका पलायन करना इस बात का सूचक है कि उनके हाथ काले हैं।"

कमलनाथ पर तंज कस्ते हुए नरोत्तम मिश्रा ने कहा, "कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ जी से मेरा आग्रह है कि जब इस तरह के कार्यक्रम हो जिसमें थोड़ा भी शारीरिक श्रम करना पड़ता हो तो पहले अपने विधायकों का स्वास्थ्य परीक्षण कराए। सदन को उनके स्वास्थ्य की उनके सम्मान की पूरी चिंता है लेकिन कल जिस तरह का वाकया देखने पर आया वह काफी चिंताजनक है।"

प्रदेश में बढ़ते कोरोना मामलों को लेकर उन्होंने कहा, "महाराष्ट्र से सटे हुए जो हमारे जिले हैं उनमें सभी जिला कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया है कि जो कोरोना की गाइडलाइन है उसकी पूरी सावधानियों का ध्यान रखें। इसी के साथ भोपाल तथा इंदौर में विशेष सतर्कता बरतने को कहा है।"





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


देश में कोरोना के मामलों में तेजी से हो रही वृद्धि, 16,752 नए मामले दर्ज, 113 मरीजों की मौत

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 28, 2021   11:01
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देश में कोरोना के मामलों में तेजी से हो रही वृद्धि, 16,752 नए मामले दर्ज, 113 मरीजों की मौत

आंकड़ों के मुताबिक, संक्रमण का इलाज करा रहे मरीजों की संख्या बढ़कर 1,64,511 पहुंच गई है जो कुल मामलों का 1.48 प्रतिशत है। देश में अबतक कुल 1,07,75,169 मरीज संक्रमण से मुक्त हो चुके हैं।

नयी दिल्ली। भारत में बीते 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण के 16,752 नए मरीजों की पुष्टि हुई है जो पिछले 30 दिनों में सबसे ज्यादा हैं। इसके बाद संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 1,10,96,731 हो गई। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सुबह आठ बजे तक के अद्यतन आंकड़ों के मुताबिक, 113 और संक्रमितों की मौत के बाद महामारी से जान गंवाने वालों की संख्या 1,57,051 पहुंच गई है। देश में 29 जनवरी को 18,855 नए मामले आए थे। 

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आंकड़ों के मुताबिक, संक्रमण का इलाज करा रहे मरीजों की संख्या बढ़कर 1,64,511 पहुंच गई है जो कुल मामलों का 1.48 प्रतिशत है। देश में अबतक कुल 1,07,75,169 मरीज संक्रमण से मुक्त हो चुके हैं। इसके बाद संक्रमण से मुक्त होने की दर 97.10 फीसदी है। कोरोना वायरस संक्रमण से मृत्यु दर 1.42 प्रतिशत है। देश में पिछले साल सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितम्बर को 40 लाख से अधिक हो गई थी। 

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वहीं, संक्रमण के कुल मामले 16 सितम्बर को 50 लाख, 28 सितम्बर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख और 20 नवम्बर को 90 लाख और 19 दिसम्बर को एक करोड़ के पार चले गए थे। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के मुताबिक, 27 फरवरी तक 21,62,31,106 नमूनों की जांच की गई है। शनिवार को ही 7,95,723 नमूनों का परीक्षण किया गया है।





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जब तक यमुना का पानी साफ नहीं होगा, शाही स्नान में नहीं लेंगे भाग: हिंदू संत

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 28, 2021   10:54
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जब तक यमुना का पानी साफ नहीं होगा, शाही स्नान में नहीं लेंगे भाग: हिंदू संत

अयोध्या स्थित महा निर्वाणी अखाड़ा के प्रमुख महंत धर्मदास ने आगामी कुंभ मेले के लिए भी ऐसी घोषणाएं कीं। महंत धर्मदास ने दो अन्य वैष्णवी अखाड़ों- महा निर्मोही और महा दिगंबर अखाड़ा के प्रमुखों की उपस्थिति में यह घोषणा की।

मथुरा। यमुना के गंभीर जल प्रदूषण को रेखांकित करते हुए, देश के तीन प्रमुख हिंदू संतों ने शनिवार को संकल्प लिया कि वे वर्तमान में चल रहे वृंदावन कुंभ के दौरान बाकी शाही स्नान’ में तब तक भाग नहीं लेंगे, जब तक कि नदी का पानी साफ नहीं हो जाता। अयोध्या स्थित महा निर्वाणी अखाड़ा के प्रमुख महंत धर्मदास ने शेष तीन शुभ दिनों- 9, 13 और 25 मार्च को नदी में शाही स्नान का बहिष्कार करने की घोषणा की। 

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उन्होंने आगामी कुंभ मेले के लिए भी ऐसी घोषणाएं कीं। महंत धर्मदास ने दो अन्य वैष्णवी अखाड़ों- महा निर्मोही और महा दिगंबर अखाड़ा के प्रमुखों की उपस्थिति में यह घोषणा की। महंत धर्मदास ने कहा, अगले शाही स्नान में, हम यमुना में पवित्र डुबकी तभी लगाएंगे, जब पानी साफ होगा। दो अन्य अखाड़ों के प्रमुखों ने इस पर सहमति व्यक्त की।





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किसान आंदोलन के प्रति समर्थन जुटाने के लिए राकेश टिकैत पांच राज्यों का करेंगे दौरा

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 28, 2021   10:42
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किसान आंदोलन के प्रति समर्थन जुटाने के लिए राकेश टिकैत पांच राज्यों का करेंगे दौरा

बीकेयू के मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक ने कहा, मार्च में उत्तराखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना में किसानों की बैठकें होंगी, उत्तर प्रदेश में भी दो बैठकें होंगी।

गाजियाबाद। केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसानों के आंदोलन के लिए समर्थन जुटाने की खातिर किसान नेता राकेश टिकैत मार्च में पांच राज्यों का दौरा करेंगे। भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के एक पदाधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। पदाधिकारी ने कहा कि बीकेयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता और किसान आंदोलन का एक प्रमुख चेहरा टिकैत एक मार्च से दौरे की शुरुआत करेंगे। बीकेयू के मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक ने कहा, मार्च में उत्तराखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना में किसानों की बैठकें होंगी, उत्तर प्रदेश में भी दो बैठकें होंगी। मलिक ने कहा कि राजस्थान में दो बैठकें और मध्य प्रदेश में तीन बैठकें होंगी। 20, 21 और 22 मार्च को अंतिम तीन बैठकें कर्नाटक में होंगी। 

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उन्होंने कहा, ‘‘तेलंगाना में छह मार्च को एक कार्यक्रम निर्धारित है, लेकिन राज्य में कुछ चुनावों के कारण हमें अभी तक इसकी अनुमति नहीं मिली है। यदि अनुमति मिल जाती है, तो तेलंगाना में बैठक निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होगी।’’ गौरतलब है कि नवंबर से ही सिंघू, टीकरी और गाजीपुर बॉर्डर पर हजारों किसान तीनों नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं और केंद्र सरकार से इन कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग कर रहे हैं। सरकार ने किसान यूनियनों के साथ 11 दौर की औपचारिक बातचीत की है। सरकार का कहना है कि ये कानून किसानों के हित में हैं।





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