दिग्गी राजा के शिशु मंदिर वाले बयान को राष्ट्रीय बाल आयोग ने लिया संज्ञान, लिखा डीजीपी को पत्र

दिग्गी राजा के शिशु मंदिर वाले बयान को राष्ट्रीय बाल आयोग ने लिया संज्ञान, लिखा डीजीपी को पत्र

दिग्‍विजय सिंह ने कहा था कि सरस्वती शिशु मंदिर बचपन से लोगों के दिल और दिमाग में दूसरे धर्मों के खिलाफ नफरत का बीज बोतें है। वही नफरत का बीज धीरे-धीरे आगे बढ़कर देश में सांप्रदायिक सदभाव को बिगाड़ता है, सांप्रदायिक कटुता पैदा करता है, धार्मिक उन्माद फैलाता है और देश में दंगे फसाद होते हैं।

भोपाल। मध्‍य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ द्वारा संचालित सरस्वती शिशु मंदिर के खिलाफ विवादित बयान दिया है। उनकी इस बयान को लेकर राष्ट्रीय बाल आयोग ने मामले को संज्ञान में लेकर डीजीपी विवेक जौहरी को कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखा है।

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आपको बता दें कि सरस्वती विद्या मंदिर के छात्रों ने राष्ट्रीय बाल आयोग ने शिकायत की है। शिकायत में छात्रों में कहा है कि दिग्विजय सिंह के इस बयान से हम सभी को बेहद अघात लगा है। हमारी प्रतिष्ठा धूमिल हुई है। शिकायत पत्र में बच्चों ने कहा कि हमारे साथ आस-पास के बच्चे खेलने, मेल-जोल करने में हिचकिचा रहे हैं और हमें दंगाई कह कर चिढ़ा रहे हैं।

वहीं इस मामले को संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय बाल आयोग ने पत्र लिखते हुए सात दिनों के अंदर कार्रवाई कर जांच प्रतिवेदन की मांग की है। आयोग ने ये भी कहा कि शिकायत करने वालों बच्चों की पहचान गोपनीय रखी जाए।

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दरअसल बीते दिनों दिग्‍विजय सिंह ने कहा था कि सरस्वती शिशु मंदिर बचपन से लोगों के दिल और दिमाग में दूसरे धर्मों के खिलाफ नफरत का बीज बोतें है। वही नफरत का बीज धीरे-धीरे आगे बढ़कर देश में सांप्रदायिक सदभाव को बिगाड़ता है, सांप्रदायिक कटुता पैदा करता है, धार्मिक उन्माद फैलाता है और देश में दंगे फसाद होते हैं।





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