NCERT Unconditional Apology! न्यायपालिका पर विवादित अध्याय के बाद कक्षा 8 की पूरी किताब वापस, सुप्रीम कोर्ट ने लगाया था बैन

Supreme Court
ANI
रेनू तिवारी । Mar 10 2026 11:42AM

कक्षा 8 की इस नई किताब के अध्याय 'समाज में न्यायपालिका की भूमिका' (Role of Judiciary in our Society) में कुछ ऐसी टिप्पणियाँ की गई थीं जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी आपत्ति जताई थी।

राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक में न्यायपालिका (Judiciary) से जुड़े एक अध्याय पर उपजे विवाद के बाद 'बिना शर्त और बिना किसी योग्यता के' (Unconditional and Unqualified) माफी मांग ली है। परिषद ने न केवल माफी मांगी है, बल्कि उस पूरी किताब को ही बाजार और डिजिटल प्लेटफॉर्म से वापस ले लिया है।

सोशल मीडिया और किताबों पर 'सर्जिलक स्ट्राइक'

NCERT ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट के जरिए घोषणा की कि विवादित अध्याय (अध्याय IV) के लिए परिषद के निदेशक और सदस्य खेद प्रकट करते हैं। NCERT ने अपनी एडवाइजरी में कहा है कि जिस किसी के पास भी इस प्रतिबंधित किताब 'Exploring Society: India and Beyond' की प्रतियां हैं, वे इसे तुरंत परिषद के मुख्यालय में वापस कर दें। केंद्र सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और आईटी मंत्रालय को पत्र लिखकर निर्देश दिया है कि इस किताब से संबंधित किसी भी सामग्री को डिजिटल प्लेटफॉर्म या सोशल मीडिया से तुरंत हटाया जाए।

आखिर विवाद क्या था?

कक्षा 8 की इस नई किताब के अध्याय 'समाज में न्यायपालिका की भूमिका' (Role of Judiciary in our Society) में कुछ ऐसी टिप्पणियाँ की गई थीं जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी आपत्ति जताई थी। पाठ्यपुस्तक में भारतीय न्यायिक प्रणाली की चुनौतियों का जिक्र करते हुए 'न्यायिक भ्रष्टाचार' (Judicial Corruption), मामलों का भारी बैकलाग (लंबित मामले) और न्यायाधीशों की अपर्याप्त संख्या जैसे गंभीर शब्दों का प्रयोग किया गया था। अदालत ने इसे न्यायपालिका की गरिमा को ठेस पहुँचाने वाला और "अनुचित सामग्री" माना, जिसके बाद NCERT पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

 

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इससे पहले सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद, NCERT ने एक एडवाइज़री जारी की थी जिसमें कहा गया था कि अगर किसी के पास बैन क्लास 8 की टेक्स्टबुक की कॉपी है, जिसमें "ज्यूडिशियल करप्शन" पर एक चैप्टर है, तो उसे काउंसिल हेडक्वार्टर लौटा दिया जाए।

एक कड़े शब्दों वाली एडवाइज़री में, NCERT ने उन सभी सोशल मीडिया पोस्ट को भी डिलीट करने को कहा जिनमें चैप्टर का कंटेंट है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को सूचना और प्रसारण मंत्रालय और इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्रालयों को चिट्ठी लिखकर कहा कि वे NCERT की विवादित किताब को डिजिटल प्लेटफॉर्म और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के ज़रिए फैलाना बंद करें। सुप्रीम कोर्ट ने इस सोशल साइंस की किताब पर बैन लगा दिया है।

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एडवाइजरी में कहा गया, "जिस किसी भी व्यक्ति या संगठन के पास NCERT की किताब 'एक्सप्लोरिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड' है, वह इसे (NCERT) हेडक्वार्टर में वापस कर सकता है। 'हमारे समाज में न्यायपालिका की भूमिका' चैप्टर से जुड़ा कोई भी कंटेंट अगर सोशल मीडिया या किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किया गया है, तो उसे जल्द से जल्द हटा दिया जाए।"

यह सारा विवाद किस बारे में था?

NCERT की क्लास 8 की सोशल साइंस की किताब में कहा गया है कि भ्रष्टाचार, केसों का बहुत बड़ा बैकलॉग और जजों की सही संख्या की कमी ज्यूडिशियल सिस्टम के सामने आने वाली चुनौतियों में से हैं। NCERT ने इस चैप्टर पर सुप्रीम कोर्ट की नाराज़गी का सामना करने के बाद "गलत कंटेंट" के लिए माफ़ी भी मांगी है और कहा है कि किताब को सही अधिकारियों से सलाह करके फिर से लिखा जाएगा। 

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