NCW प्रमुख Vijaya Rahatkar बोलीं, महिला सुरक्षा पर न हो राजनीति

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राष्ट्रीय महिला आयोग की प्रमुख विजया रहाटकर ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं के सशक्तीकरण और सुरक्षा के लिए आयोग सभी राज्य सरकारों के साथ मिलकर कार्य करता है। उन्होंने कहा कि सत्ता में कोई भी दल हो, महिलाओं के कल्याण से जुड़े मामलों में मतभेद आड़े नहीं आने चाहिए। देश की 50 प्रतिशत आबादी की सुरक्षा सुनिश्चित करना हर सरकार का दायित्व है।

(कोमल शर्मा) नयी दिल्ली, सात नवंबर राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने कहा है कि महिलाओं की सुरक्षा एवं सशक्तीकरण सुनिश्चित करने के लिए आयोग सभी राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम करता है, चाहे वहां किसी भी दल की सरकार हो और महिलाओं के कल्याण के मामले में राजनीतिक मतभेद आड़े नहीं आने चाहिए। रहाटकर ने राज्यों से कार्रवाई रिपोर्ट प्राप्त करने में आयोग के सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में पूछे जाने पर कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान ऐसे मुद्दे हैं, जिन पर हर सरकार को ध्यान देना चाहिए। उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ से एक विशेष साक्षात्कार में कहा, ‘‘चाहे केंद्र सरकार हो या राज्य सरकार, सत्ता में कोई भी दल हो, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।

महिलाएं आबादी का 50 प्रतिशत हिस्सा हैं और उनके सशक्तीकरण के लिए काम करना जरूरी है।’’ रहाटकर ने कहा कि राष्ट्रीय महिला आयोग केंद्र एवं सभी राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम करने का प्रयास करता है और कई राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम करने में सफल भी रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘हम सभी सरकारों और संबंधित पक्षों के साथ खुले मन से बातचीत करते हैं। हमें महिलाओं के कल्याण के लिए काम करना है और सभी को इसके लिए आगे आना चाहिए।’’ आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि महिलाओं के सशक्तीकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पूरी करने के लिए सभी संबंधित पक्षों को मिलकर काम करना चाहिए।

विपक्षी दलों की सरकार वाले राज्यों के साथ आयोग के संबंध समय-समय पर चर्चा में रहे हैं। फरवरी 2024 में पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तत्कालीन सरकार के साथ आयोग के संबंध उस समय सवालों के घेरे में आ गए थे, जब आयोग की तत्कालीन अध्यक्ष रेखा शर्मा ने हिंसा प्रभावित संदेशखालि का दौरा करने के बाद राज्य प्रशासन पर आयोग के दल के साथ सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया था। तृणमूल कांग्रेस के नेताओं पर यौन उत्पीड़न और जमीन हड़पने के आरोप सामने आने के बाद शर्मा ने बनर्जी के इस्तीफे और राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू किए जाने की मांग की थी।

उस समय राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने आयोग पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एजेंडे को आगे बढ़ाने का आरोप लगाया था। पार्टी ने सवाल उठाया था कि आयोग ने भाजपा शासित राज्यों में सामने आए मामलों में ऐसी तत्परता क्यों नहीं दिखाई। केंद्र के अलावा कई राज्यों में भाजपा या उसके सहयोगी दलों की सरकारें हैं।

वहीं, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और झारखंड सहित कुछ राज्यों में अन्य दलों की सरकारें हैं। विपक्षी दल अक्सर राष्ट्रीय महिला आयोग जैसी संस्थाओं पर भाजपा के राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने का आरोप लगाते रहे हैं, हालांकि इन संस्थाओं ने ऐसे आरोपों से इनकार किया है।

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