महंगाई के पीछे नेहरू का हाथ, विश्वास सारंग का दावा, कांग्रेस बोली- मानसिक संतुलन खो बैठे हैं

महंगाई के पीछे नेहरू का हाथ, विश्वास सारंग का दावा, कांग्रेस बोली- मानसिक संतुलन खो बैठे हैं

बढ़ती महंगाई को लेकर विश्वास सारंग ने बयान देते हुए कहा कि इसका मुख्य कारण नेहरू परिवार है। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त 1947 के दिन लाल किले पर जवाहरलाल नेहरू ने जो बयान दिया था उसी के कारण देश में महंगाई बढ़ी है।

भोपाल। मध्य प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास कैलाश सारंग के बयान पर कांग्रेस आक्रमक हो गई है। बढ़ती महंगाई को लेकर विश्वास सारंग ने बयान देते हुए कहा कि इसका मुख्य कारण नेहरू परिवार है। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त 1947 के दिन लाल किले पर जवाहरलाल नेहरू ने जो बयान दिया था उसी के कारण देश में महंगाई बढ़ी है।

इसे भी पढ़ें:खांडव उपचुनाव को लेकर कांग्रेस में मचा घमासान , बीजेपी ने कसा तंज 

इस बयान के बाद मध्यप्रदेश कांग्रेस ने ट्वीट करते हुए कहां कि मध्यप्रदेश के मंत्री को सुनिये-नेहरू जी ने 15 अगस्त 1947 को जो भाषण दिया, उसकी वजह से महंगाई बढ़ रही है। हँसो मत ! ये अफ़लातूनी लोग जनता को मूर्ख समझने और बनाने की सारी मर्यादाएँ रोज इसी तरह लांघते हैं।शिवराज जी,मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सेवाएँ इतनी ख़राब ?

वहीं युवा कांग्रेस के प्रवक्ता सैय्यद सऊद हसन ने कहा कि नरेला विधायक एवं मंत्री विश्वास सारंग का कहना है - नेहरू जी ने 15 अगस्त 1947 को जो भाषण दिया उसके कारण आज 2021 में महंगाई है। क्या इससे ज़्यादा मूर्खतापूर्ण बात कुछ और हो सकती है ?या इतने ज़िम्मेदार पद पर रहने के बावजूद ऐसे निराधार बातें करना सही है ?मुझे दुःख है के आज हमारी विधानसभा का नेतृत्व ऐसे बुद्धिजीवी लोग कर रहे हैं।

इसे भी पढ़ें:कांग्रेस का दावा , प्रदेश में जल्द ही निकल सकती है मुख्यमंत्री पद की गोपनीय वेकैंसी 

आपको बता दें कि सारंग के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस प्रवक्ता के के मिश्रा ने कहा है कि इनके तो सपने में भी गांधी-नेहरू ही आते होंगे। वहीं कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष विवेक त्रिपाठी ने कहा है कि सारंग अपना मानसिक संतुलन खो चुके हैं।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।