स्मृति ईरानी की बेटी पर आरोप क्या थी कांग्रेस की साजिश? बार मालिक के बयान से मामले में आया नया ट्विस्ट

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अभिनय आकाश । Jul 30, 2022 2:11PM
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की बेटी द्वारा चलाया जाता था और एक मृत व्यक्ति के नाम पर "धोखाधड़ी से" अपने बार लाइसेंस का नवीनीकरण किया था। उसके मालिकाना हक एक स्थानीय परिवार के पास होने की बात सामने आई है।

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और उनकी बेटी व गोवा के बार विवाद में अब नया ट्विस्ट आ गया है। कांग्रेस की तरफ से जिस असागाव के  में सिली सोल्स कैफे और बार को लेकर आरोप लगाया गया कि केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की बेटी द्वारा चलाया जाता था और एक मृत व्यक्ति के नाम पर "धोखाधड़ी से" अपने बार लाइसेंस का नवीनीकरण किया था। उसके मालिकाना हक एक स्थानीय परिवार के पास होने की बात सामने आई है। गोवा के एक्‍साइज कमिश्‍नर के सामने इस परिवार ने कहा कि संपत्ति "विशेष रूप से" इसका "व्यवसाय" है और इसमें "कोई अन्य व्यक्ति / व्यक्ति" शामिल नहीं है।

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आबकारी आयुक्त नारायण एम गाड द्वारा जारी एक कारण बताओ नोटिस का जवाब देते हुए, मालिकों मेरलिन एंथोनी डी'गामा और उनके बेटे डीन डी'गामा ने यह भी कहा कि उन्होंने "गोवा उत्पाद शुल्क अधिनियम के किसी भी प्रावधान के उल्लंघन के तहत कोई काम नहीं किया है। कारण बताओ नोटिस वकील एरेस रोड्रिग्स द्वारा दायर एक शिकायत पर जारी किया गया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि भोजनालय का शराब लाइसेंस जून में एक एंथनी डी'गामा के नाम पर नवीनीकृत किया गया था, जिसकी मई 2021 में मृत्यु हो गई थी। उसका मृत्यु प्रमाण पत्र, बृहन्मुंबई नगर निगम द्वारा जारी किया गया था।

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सात दिनों में रेस्तरां से जवाब मांगा गया था। जिसके बाद शुक्रवार को दोनों पक्षों को एक घंटे से अधिक समय तक सुना गया। अपने लिखित जवाब में बताया गया कि एंथनी डी'गामा मेरलिन के पति थे, मां और बेटे ने कहा कि शिकायत में लगाए गए आरोप "पूरी तरह से निराधार हैं"। परिवार के वकील बेनी नाजरेथ ने कहा, 'हम पुर्तगाली नागरिक संहिता के तहत शासित हैं। संहिता के तहत, संपत्ति का स्वामित्व संयुक्त रूप से पति और पत्नी के नाम पर अनुच्छेद 1117 (पुर्तगाली नागरिक संहिता, 1867 के) के अनुसार है। कानून की दृष्टि से प्रशासन हमेशा पति के नाम पर होता है। लेकिन जब किसी पति या पत्नी की मृत्यु हो जाती है तो प्रशासन स्वत: ही उसके जीवनसाथी को चला जाता है। तो, यहां पति या पत्नी स्वतः ही संपत्ति के प्रशासक बन जाते हैं। 

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