पटना में विक्षिप्त युवक ने नीतीश पर हमला किया

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 28, 2022   07:32
पटना में विक्षिप्त युवक ने नीतीश पर हमला किया

प्रशासन ने बताया कि बहरहाल, मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि कोई दंडात्मक कार्रवाई न की जाए और हमलावर को सभी जरूरी चिकित्सा सहायता मुहैया कराई जाए। इस बीच, राजनीतिक समुदाय खासतौर से सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के सदस्यों ने मुख्यमंत्री पर हमले को लेकर आक्रोश जताया।

पटना|  बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर रविवार को पटना के बाहरी इलाके में एक विक्षिप्त युवक ने सुरक्षा घेरे में सेंध लगाकर हमला कर दिया। जिला प्रशासन द्वारा एक बयान जारी कर यह जानकारी दी गई।

बयान के मुताबिक, पटना जिले के बख्तियारपुर शहर में अबू मोहम्मदपुर इलाके के निवासी शंकर कुमार वर्मा उर्फ छोटू (32) ने मुख्यमंत्री पर हमला कर दिया।

नीतीश एक सार्वजनिक कार्यक्रम के सिलसिले में बख्तियारपुर गए थे। वह पड़ोसी नालंदा जिले से ताल्लुक रखते हैं और उनका प्रारंभिक जीवन बख्तियारपुर में बिता है, जहां उनके पिता एक स्वतंत्रता सेनानी और सफल आयुर्वेद चिकित्सक थे। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है।

बयान के अनुसार, घटना के समय नीतीश महान स्वतंत्रता सेनानी और राज्यसभा के पूर्व सदस्य पंडित शीलभद्र याजी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर रहे थे। याजी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस का करीबी माना जाता था। वीडियो में देखा जा सकता है कि नीतीश जब आदमकद प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने के लिए आगे की ओर झुकते हैं, तभी हमलावर तेजी से सीढ़ियां चढ़कर वहां पहुंचता है और उन पर पीछे से वार कर देता है। हमले के तुरंत बाद सुरक्षाकर्मी उसे काबू में कर लेते हैं। वीडियो में मुख्यमंत्री को सुरक्षाकर्मियों को संयम बरतने और यह पता लगाने का निर्देश देते हुए देखा जा सकता है कि हमलावर के साथ क्या दिक्कत है।

प्रशासन की ओर से जारी बयान में कहा गया है, “जांच के दौरान यह पता चला है कि शंकर वर्मा मानसिक रूप से बीमार है। उसने दो मंजिला इमारत की छत से कूदकर और अपने कमरे से फंदा लगाने की कोशिश कर दो बार आत्महत्या का प्रयास किया था।” बयान के मुकाबिक, शंकर वर्मा की दिमागी सेहत का असर उसके वैवाहिक जीवन पर भी पड़ा और उसकी पत्नी अपने बच्चों के साथ अलग रहती है।

प्रशासन ने बताया कि बहरहाल, मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि कोई दंडात्मक कार्रवाई न की जाए और हमलावर को सभी जरूरी चिकित्सा सहायता मुहैया कराई जाए। इस बीच, राजनीतिक समुदाय खासतौर से सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के सदस्यों ने मुख्यमंत्री पर हमले को लेकर आक्रोश जताया।

उनके मंत्रिमंडल और जनता दल (यूनाइटेड) के सदस्यों के साथ ही गठबंधन के सहयोगी दल भारतीय जनता पार्टी के नेताओं व पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने भी घटना की निंदा की है।





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