अखिलेश यादव पर बरसे योगी आदित्यनाथ, बोले- UP में अब पलायन नहीं प्रगति होती है

Yogi Adityanath
प्रतिरूप फोटो
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि आपने देखा होगा कि कैसे समाजवादी पार्टी के 'इत्र वाले मित्र' के घर की दीवारों के बीच भारी मात्रा में करेंसी नोट मिले। यह गरीबों का पैसा था, जनता के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए था।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के चलते सियासी पारा गर्माता जा रहा है। इसी बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सपा ने राम भक्तों पर गोलियां चलाईं, शिवभक्त कांवड़ियों की यात्रा रद्द कर दी। जब हम सत्ता में आए तो राम मंदिर का सपना साकार हुआ। हमारी सरकार ने एक्सप्रेस-वे बनाकर दिल्ली से मेरठ की यात्रा का समय 4 घंटे से घटाकर 40 मिनट कर दिया है। 

इसे भी पढ़ें: अखिलेश यादव पर केशव मौर्य का पलटवार, नौटंकी बंद करके 11 मार्च को सैफई जाने की तैयारी करें 

उन्होंने कहा कि आपने देखा होगा कि कैसे समाजवादी पार्टी के 'इत्र वाले मित्र' के घर की दीवारों के बीच भारी मात्रा में करेंसी नोट मिले। यह गरीबों का पैसा था, जनता के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए था। मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 2017 से पहले हर परिवार से एक शिकायत आती थी कि हम अपने बेटियों को स्कूल नहीं भेज पाते थे। मुजफ्फरनगर में दंगे हो जाते हैं। गौरव और सचिन की निर्मम हत्या हुई थी क्योंकि वो अपनी बहन को बचाने गए थे ? क्या पश्चिमी उत्तर प्रदेश गौरव और सचिन की शहायत को भूल गया है ?

उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने इनकी हत्या की थी वह लोग गुमराह करके फिर उसी दंगे की आग में झोंकने की साजिश का हिस्सा बनाना चाहते हैं। कैराना में फिर से पलायन कराना चाहते हैं। उत्तर प्रदेश में अब पलायन नहीं होता है, प्रगति होती है। अब 12 लेन के हाई-वे बन रहे हैं। जेवर में दुनिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बन रहा है। युवाओं के लिए रोजगार भी बन रहा है। नहीं तो पहले भर्ती निकलती थी और सैफई खानदान के सब लोगों को भर लिया जाता था। 

इसे भी पढ़ें: सपा-रालोद की संयुक्त प्रेस वार्ता: अखिलेश का बड़ा ऐलान, कहा- 15 दिनों में होगा गन्ने का भुगतान, 300 यूनिट बिजली मुफ्त 

उन्होंने कहा कि हमने 5 लाख लोगों को सरकारी नौकरी दी है। हर गांव का कोई-न-कोई युवक पुलिस में भर्ती हुआ होगा, हर गांव की कोई-न-कोई बेटी पुलिस भर्ती में या फिर शिक्षक बनी होगी। यह लोग पहले भी भर्ती हो सकते थे लेकिन पहले चेहरा देखा जाता था। पहले पैसा लिया जाता था। पहले सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था नहीं थी। पहले फ्री राशन नहीं था।

नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।

अन्य न्यूज़