Rahul Gandhi निभा रहे नेता प्रतिपक्ष का कर्तव्य, Omar Abdullah ने किया समर्थन

श्रीनगर में एक कार्यक्रम के दौरान जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता की मुख्य जिम्मेदारी केंद्र सरकार से सवाल पूछना और उसे जवाबदेह बनाना है। उन्होंने मीडिया के कथित दोहरे मापदंडों पर सवाल उठाते हुए स्पष्ट किया कि राहुल गांधी वही कर रहे हैं जिसकी देश उनसे अपेक्षा करता है। दिल्ली में छात्र प्रदर्शन के दौरान घायल युवक मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद कांग्रेस नेता ने अपना सात घंटे लंबा धरना समाप्त किया।
सरकार के खिलाफ कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आक्रामक रुख को सही ठहराते हुए, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सरकार को जवाबदेह ठहराकर बस अपना संवैधानिक कर्तव्य निभा रहे हैं। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के करीब सात घंटे के धरने के बाद दिल्ली पुलिस ने 20 जुलाई को छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर पैलेट गन से घायल हुए एक युवक के मामले में प्राथमिकी दर्ज की। इसके साथ ही राष्ट्रीय राजधानी में संसद मार्ग स्थित पुलिस उपायुक्त कार्यालय के बाहर राहुल गांधी का धरना समाप्त हो गया।
पोलो व्यू के नजदीक ‘वेस्ट टू वंडर’ थीम वाले पार्क का उद्घाटन करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘अगर विपक्ष का नेता विरोध नहीं करेगा, तो उसका क्या फायदा?’’ जब उनसे गांधी के बार-बार विरोध करने के बारे में सवाल पूछा गया, तो उमर ने विपक्षी नेताओं के मामले में मीडिया के कथित दोहरे मापदंडों पर तंज कसा। मुख्यमंत्री उमर ने कहा कि जहां पत्रकार जम्मू-कश्मीर में विपक्ष के नेता सुनील शर्मा द्वारा उठाए गए ‘‘बेवजह’’ के सवालों का मजा लेते दिखते हैं, वहीं वे केंद्र सरकार के खिलाफ इसी तरह की चुनौतियां पेश करने के लिए गांधी के इरादों पर अक्सर सवाल उठाते हैं। उमर अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘आप विपक्षी नेताओं को इस तरह अलग-अलग पैमानों से नहीं तौल सकते।
राहुल गांधी बस वही कर रहे हैं जिसकी देश उनसे उम्मीद करता है।’’ उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विपक्ष के नेता का मुख्य काम सत्ता में बैठे लोगों से जवाब मांगना है और उम्मीद जताई कि गांधी अहम राष्ट्रीय मुद्दों पर प्रशासन पर दबाव बनाना जारी रखेंगे। इस बीच, महाराष्ट्र में विपक्षी पार्टी राकांपा (शरदचंद्र पवार) ने शुक्रवार को मांग की कि पिछले महीने दिल्ली में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर पैलेट गन के इस्तेमाल से घायल हुए युवक साहिल लोचब के मामले की पूरी जांच हो और इसके लिए आदेश देने वालों पर कार्रवाई की जाए। राकांपा (एसपी) के प्रवक्ता क्लाइड क्रास्टो ने इस घटना के संबंध में दिल्ली पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज किए जाने का स्वागत किया, लेकिन कहा कि जांच में यह पता लगाया जाना चाहिए कि पैलेट गन के इस्तेमाल का आदेश किसने दिया था।
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