Omar Abdullah और Mehbooba की जुबानी जंग में Afzal Guru और Maqbool Bhat की एंट्री से बड़ा 'राजनीतिक धमाका'

Omar Abdullah Mehbooba Mufti
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महबूबा का बयान सामने आते ही मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अफजल गुरु और मकबूल भट के डेथ वारंट पर जम्मू-कश्मीर में किसी ने हस्ताक्षर नहीं किए थे, क्योंकि ये फैसले अदालतों और केंद्र सरकार के स्तर पर लिए गए थे।

जम्मू-कश्मीर की राजनीति में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती के बीच जारी जुबानी जंग अब अफजल गुरु और मकबूल भट तक पहुंच गई है। जंतर-मंतर पर कश्मीरियों के खिलाफ बल प्रयोग को लेकर दिए गए बयान पर महबूबा मुफ्ती भले ही खेद जता चुकी हों, लेकिन विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है।

श्रीनगर में मीडिया से बातचीत के दौरान महबूबा मुफ्ती ने आरोप लगाया कि नेशनल कॉन्फ्रेंस ने उनके बयान को जानबूझकर गलत संदर्भ में पेश किया है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। इसी दौरान उन्होंने कहा, "नेशनल कॉन्फ्रेंस मेरे बयान को ऐसे पेश कर रही है, जैसे मैंने अफजल गुरु और मकबूल भट के डेथ वारंट पर हस्ताक्षर किए हों, या जैसे मैंने कहा हो कि कश्मीरियों को गोली मारो।"

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महबूबा का यह बयान सामने आते ही मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अफजल गुरु और मकबूल भट के डेथ वारंट पर जम्मू-कश्मीर में किसी ने हस्ताक्षर नहीं किए थे, क्योंकि ये फैसले अदालतों और केंद्र सरकार के स्तर पर लिए गए थे। उमर अब्दुल्ला ने यह भी कहा कि केवल "अफसोस" जताना पर्याप्त नहीं है, बल्कि महबूबा मुफ्ती को अपने बयान के लिए कश्मीर की जनता से साफ शब्दों में माफी मांगनी चाहिए।

हम आपको याद दिला दें कि संसद पर वर्ष 2001 में हुए आतंकी हमले के दोषी अफजल गुरु को 9 फरवरी 2013 को दिल्ली की तिहाड़ जेल में फांसी दी गई थी। वहीं जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के संस्थापक मकबूल भट को 11 फरवरी 1984 को फांसी दी गई थी।

अब सवाल यह है कि आखिर इस राजनीतिक विवाद में अफजल गुरु और मकबूल भट का जिक्र क्यों हो रहा है? दरअसल, जम्मू-कश्मीर की दो प्रमुख क्षेत्रीय पार्टियां नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी, एक-दूसरे को कश्मीरी हितों का विरोधी साबित करने की कोशिश में जुटी हैं।

नेशनल कॉन्फ्रेंस का आरोप है कि महबूबा मुफ्ती दिल्ली में अलग और कश्मीर में अलग राजनीति करती हैं। पार्टी यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि महबूबा आज भी कश्मीरियों के खिलाफ पैलेट गन के इस्तेमाल को सही ठहराती हैं। दूसरी ओर, महबूबा मुफ्ती का कहना है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस राजनीतिक फायदे के लिए उन्हें जानबूझकर "कश्मीरी विरोधी" साबित करने की कोशिश कर रही है और उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश कर रही है।

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