बजट सत्र से पहले विपक्ष ने दिखाए सख्त तेवर, राष्ट्रपति के भाषण का करेंगे बहिष्कार

  •  अंकित सिंह
  •  जनवरी 28, 2021   14:39
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बजट सत्र से पहले विपक्ष ने दिखाए सख्त तेवर, राष्ट्रपति के भाषण का करेंगे बहिष्कार

कांग्रेस सहित कई विपक्षी दल केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ है। उनकी मांग है कि सरकार तत्काल इन तीन कृषि कानूनों को निरस्त करें।

कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा है कि राष्ट्रपति के संसद की संयुक्त बैठक के संबोधन का 16 विपक्षी दल किसानों के मुद्दे को लेकर बहिष्कार करेंगे। विपक्षी दलों ने गणतंत्र दिवस के दिन हिंसा के मामले में केंद्र की भूमिका की जांच की मांग की। आजाद ने कहा कि इस फैसले के पीछे प्रमुख कारण यह है कि विधेयकों (फार्म कानून) को विपक्ष के बिना, सदन में जबरन पारित किया गया।

आपको बता दें कि कांग्रेस सहित कई विपक्षी दल केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ है। उनकी मांग है कि सरकार तत्काल इन तीन कृषि कानूनों को निरस्त करें। गौरतलब है कि इन तीन कृषि कानूनों को लेकर किसान लगभग 60 दिनों से दिल्ली के अलग-अलग बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे हैं।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


बिहार की तरह अन्य राज्यों में भी महागठबंधन बनाने की कोशिश में RJD, सहयोगियों को साधने में लगे तेजस्वी

  •  अभिनय आकाश
  •  फरवरी 27, 2021   19:04
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बिहार की तरह अन्य राज्यों में भी महागठबंधन बनाने की कोशिश में RJD, सहयोगियों को साधने में लगे तेजस्वी

असम में तेजस्वी ने बीजेपी सरकार पर जमकर निशाना भी साधा है। उन्होंने कहा कि असम में जो लोग काबिज हैं उन्होंने अपने वादे को पूरा नहीं किया। इस बजट में असम के लिए कुछ नहीं है। हम लोग की असम में कोशिश है कि देश के कम्युनल फोर्स दोबारा सत्ता में आए न।

बिहार में बीजेपी-जदयू की जोड़ी को कड़ी टक्कर देने के बाद चुनाव में परास्त  हो चुके लालू के लाल तेजस्वी यादव के हौसले बेहद ही बुलंद नजर आ रहे हैं। अब बिहार से निकलकर तेजस्वी यादव अन्य राज्यों में भी पार्टी के लिए संभावनाएं तलाशते नजर आ रहे हैं। तेजस्वी यादव असम के दौरे पर हैं और सहयोगियों की तलाश में हैं। आगामी विधानसभा चुनाव के लिए असम में गठबंधन के गठन पर राजद नेता तेजस्वी यादव हमारी पार्टी राष्ट्रीय पार्टी हुआ करती थी, अब हम इसका विस्तार करना चाहते हैं। 

इस दौरान असम में तेजस्वी ने बीजेपी सरकार पर जमकर निशाना भी साधा है। उन्होंने कहा कि असम में जो लोग काबिज हैं उन्होंने अपने वादे को पूरा नहीं किया। इस बजट में असम के लिए कुछ नहीं है। हम लोग की असम में कोशिश है कि देश के कम्युनल फोर्स दोबारा सत्ता में आए न। अब्बदुल बारी सिद्दीकी और श्याम रजक को असम की जिम्मेदारी दी गई है। हमारी कोशिश है आसाम आने का सेक्यिुलरिज्म की विचारधारा को ताकत देना। असम नॉर्थ ईस्ट का गेट-वे है। हम सभी का दायित्व बनता है कि असम से जुड़े जो मुद्दे हैं, जो समस्याएं हैं, जन आकांक्षाएं हैं, उन मुद्दों के साथ हम भी जनता के साथ खड़े हों।  हमारी पार्टी ने तय किया है कि हम असम विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। 

 तेजस्वी ने की बदरुद्दीन अजमल से मुलाकात

तेजस्वी यादव ने ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के प्रमुख बदरुद्दीन अजमल से मुलाकात की।  इस मुलाकात के दौरान दोनों दलों के बीच चुनाव में गठबंधन को लेकर भी चर्चा हुई। इस दौरान बदरुद्दीन अजमल ने पीएण मोदी और अमित शाह के असम दौरे पर कहा कि इससे मालूम पड़ता है कि उनकी गद्दी हिली हुई है। 

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तेजस्वी तलाश रहे जगह

तेजस्वी यादव ने असम में डेरा डाला हुआ है। कहा जा रहा है उनकी कांग्रेस नेताओं संग मुलाकात हो चुकी है और उन्हें अपनी मंशा से तेजस्वी अवगत करा चुके हैं। तेजस्वी यादव को बदरुद्दीन अजमल की एआईयूडीएफ के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही कांग्रेस गठबंधन में अपने लिए जगह मिलने की उम्मीद है। 





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केंद्र और राज्यों ने कोरोना के नये मामलों में वृद्धि पर की चर्चा, नियंत्रण के उपायों पर दिया जोर

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 27, 2021   18:47
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केंद्र और राज्यों ने कोरोना के नये मामलों में वृद्धि पर की चर्चा, नियंत्रण के उपायों पर दिया जोर

बयान के अनुसार बैठक में राज्यों से उन जिलों में प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण करने को कहा गया है जहां अधिक मामले सामने आ रहे हैं। महाराष्ट्र, केरल, पंजाब, कर्नाटक , तमिलनाडु और गुजरात में पिछले 24 घंटे में नये मामले में वृद्धि हुई है।

नयी दिल्ली। केंद्र ने कोरोना वायरस मामलों में वृद्धि से जूझ रहे राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को स्थिति बहुत बिगड़ जाने की आशंका को देखते हुए कोविड-19 के नियंत्रण संबंधी उपायों को दृढता से लागू करने, नियमों के उल्लंघनों से कड़ाई से निपटने तथा प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने की शनिवार को सलाह दी ताकि वह बेहतर स्थित ना गंवा दी जाए जो पिछले साल हासिल की गयी थी। कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने महाराष्ट्र, पंजाब, गुजरात, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना और जम्मू कश्मीर के मुख्य सचिवों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। इन राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में बड़ी संख्या में उपचाररत मरीज हैं और पिछले सप्ताह नये मामलों में वृद्धि देखी गयी।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘ उन्हें अपनी निगरानी नहीं कम नहीं करने, कोविड नियंत्रण संबंधी उपाय दृढ़ता से लागू करने और उल्लंघनों से कड़ाई से निपटने की सलाह दी गयी है। इस बात पर बल दिया गया कि उन्हें स्थिति बहुत बिगड़ जाने की आशंका को ध्यान में रखकर प्रभावी निगरानी रणनीतियों का पालन करने की जरूरत है।’’ बैठक में प्रभावी जांच, समग्र ट्रैकिंग, मरीजों का पृथकवास एवं उनके संपर्क में आये व्यक्तियों को पृथक-वास में भेजने पर भी बल दिया गया। राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों से उन जिलों में जांच बढ़ाने को कहा गया जहां जांच कम हो रही हैं या जहां उच्च एंटीजन जांच हैं। 

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बयान के अनुसार बैठक में राज्यों से उन जिलों में प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण करने को कहा गया है जहां अधिक मामले सामने आ रहे हैं। महाराष्ट्र, केरल, पंजाब, कर्नाटक , तमिलनाडु और गुजरात में पिछले 24 घंटे में नये मामले में वृद्धि हुई है। इन राज्यों में कोविड-19 की वर्तमान दशा पर विस्तृत प्रस्तुति दी और बताया गया कि किन जिलों में नये मामले अधिक बढ़ रहे हैं।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


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तृणमूल कांग्रेस सत्ता में लौटेगी, बंगाल के लोग अपनी बेटी की वापसी चाहते हैं: प्रशांत किशोर

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 27, 2021   18:41
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तृणमूल कांग्रेस सत्ता में लौटेगी, बंगाल के लोग अपनी बेटी की वापसी चाहते हैं: प्रशांत किशोर

उन्होंने कहा कि राज्य के लोग चाहते हैं कि उनकी बेटी सत्ता में वापस आए और दो मई को चुनाव परिणामों की घोषणा होने के साथ उनके इस ट्वीट को निकाल कर लोग देख सकते हैं।

कोलकाता। रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के सत्ता में लौटने का शनिवार को भरोसा जताते हुए कहा कि राज्य के लोग अपनी असली नेता की सत्ता में वापसी कराने का मन बना चुके हैं। राज्य में 27 मार्च से 29 अप्रैल तक आठ चरणों में विधानसभा चुनाव होने हैं। मतगणना दो मई को होगी। किशोर की टीम ‘आई-पैक’ तृणमूल कांग्रेस के चुनाव प्रचार अभियान की योजना बनाने की जिम्मेदारी संभाल रही है। किशोर ने अपने एक ट्वीट में कहा कि देश में लोकतंत्र के लिए मुख्य मुकाबला पश्चिम बंगाल में होगा। उन्होंने कहा कि राज्य के लोग चाहते हैं कि उनकी बेटी सत्ता में वापस आए और दो मई को चुनाव परिणामों की घोषणा होने के साथ उनके इस ट्वीट को निकाल कर लोग देख सकते हैं।

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘भारत में ‘लोकतंत्र के लिए’ एक महत्वपूर्ण लड़ाई पश्चिम बंगाल में लड़ी जाएगी और बंगाल के लोग अपना संदेश देने के लिए तैयार हैं। दो मई के लिए मेरे इस ट्वीट को रख लीजिए।’’ आई-पैक की योजना के अनुरूप तृणमूल कांग्रेस ने पिछले हफ्ते चुनावी नारा दिया था, ‘‘बंगाल को सिर्फ अपनी बेटी चाहिए।’’ साथ में, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तस्वीर थी, जिसके साथ पार्टी ने मुख्य रूप से महिला मतदाताओं और बंगाली उप-राष्ट्रवाद को लक्षित किया है हालांकि, भाजपा ने किशोर की खिल्ली उड़ाई और कहा कि उन्हें बंगाल में जमीनी हकीकत के बारे में कुछ भी मालूम नहीं है। 

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गौरतलब है कि पिछले साल दिसंबर में एक ट्वीट में किशोर ने यह संकल्प लिया था कि यदि 2021 के बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा दहाई के (दो अंकों के) आंकड़े को पार कर गई तो वह ट्विटर छोड़ देंगे। उनका यह ट्वीट केंद्रीय गृह मंत्री एवं भाजपा के पूर्व अध्यक्ष अमित शाह द्वारा 294 सदस्यीय विधानसभा में भगवा पार्टी के 200 से अधिक सीटें जीतने का लक्ष्य निर्धारित करने की प्रतिक्रिया में आया था।





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