Sansad Diary: Rajya Sabha ने Tribunal Reforms Bill पास किया, Lok Sabha में Keralam Bill पर मुहर

संसद सत्र के दौरान, लोकसभा ने विपक्ष के भारी हंगामे और गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति की मांग के बीच केरल का नाम बदलने वाले विधेयक और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम संशोधन विधेयक को बिना चर्चा के ध्वनिमत से पारित कर दिया। इसी बीच, राज्यसभा ने न्यायाधिकरण सुधार विधेयक 2026 को मंजूरी दी, हालांकि इस चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता को बोलने की अनुमति न मिलने पर 'इंडिया' गठबंधन ने सदन से बहिर्गमन किया।
मंगलवार को लोकसभा ने बिना किसी बहस के दो और बिल पास किए। हंगामे के बीच ही सदन ने केरल नाम परिवर्तन विधेयक, 2026 और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 को चर्चा के बिना ध्वनिमत से पारित कर दिया। इस दौरान सदस्यों ने सदन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी की मांग करते हुए नारे लगाए और प्लेकार्ड लेकर सदन के वेल में आ गए। दोनों बिल बिना किसी चर्चा के पास कर दिए गए, जिसके बाद सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। राज्यसभा ने देश भर के विभिन्न ट्रिब्यूनलों के लिए चेयरपर्सन और सदस्यों का चयन करने के लिए एक राष्ट्रीय ट्रिब्यूनल आयोग गठित करने वाला विधेयक पारित किया। यह विधेयक लोकसभा द्वारा सोमवार को पारित किया गया था।
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आज क्या कुछ हुआ
केंद्र सरकार ने मंगलवार को लोकसभा को बताया कि मनरेगा की जगह लागू किए गए विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन की गारंटी’ (वीबी-जीराम-जी) अधिनियम के लागू होने के एक महीने के भीतर ही 9.69 करोड़ से अधिक ‘श्रम दिवस’ (काम के दिन) सृजित किए गए हैं। ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि वीबी-जीराम-जी अधिनियम, 2025 को लागू कर दिया गया है और वीबी-जीराम-जी योजना को 1 जुलाई 2026 से पूरे देश के ग्रामीण इलाकों में शुरू कर दिया गया है।
विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के दलों ने मंगलवार को दोपहर बाद राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे को उपसभापति हरिवंश द्वारा बोलने की अनुमति नहीं दिए जाने पर विरोध जताते हुए सदन से बहिर्गमन किया। जब विपक्षी दलों के सदस्यों ने बहिर्गमन किया तब उच्च सदन में ‘न्यायाधिकरण सुधार विधेयक, 2026’ पर चर्चा हो रही थी।
राज्यसभा के सभापति सी पी राधाकृष्णन ने मंगलवार को अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी का मुद्दा उठाने की मल्लिकार्जुन खरगे की मांग को अस्वीकार करते हुए कहा कि वह हमेशा विपक्ष के नेता के दबाव में रहते हैं। राधाकृष्णन यह बात एक बार के स्थगन के बाद उच्च सदन की बैठक दोपहर बारह बजे पुन: शुरू होने पर कही।
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लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को विपक्षी दलों से सदन की कार्यवाही चलाने में सहयोग की अपील करते हुए कहा कि जब छात्रों के आंदोलन पर गृह मंत्री अमित शाह के जवाब की मांग पर सरकार ने सहमति दे दी है तो फिर विपक्ष को सदन चलने देना चाहिए। उन्होंने सदन की बैठक आरंभ होने के बाद यह भी कहा कि जब कार्यवाही बाधित होती है तो उनका मन दुखी होता है। बिरला ने सदन में कहा कि सदन सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों को मिलकर चलाना चाहिए।
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