आधी रात को दी स्पेशल ट्रेन, Patliputra Station बवाल पर Railway का बड़ा दावा, फिर भी क्यों बरपा हंगामा?

पाटलिपुत्र स्टेशन पर बिहार एक्साइज कॉन्स्टेबल परीक्षार्थियों के हंगामे पर रेलवे ने सफाई देते हुए कहा कि स्पेशल ट्रेन की व्यवस्था के बावजूद 150 उपद्रवियों ने जानबूझकर बवाल किया। हालांकि, चश्मदीदों के अनुसार हजारों छात्रों की भीड़ के मुकाबले ट्रेनों की भारी कमी इस हिंसा और पत्थरबाजी की मुख्य वजह थी।
पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर हुई पत्थरबाजी और हंगामे को लेकर हाजीपुर के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र ने स्थिति साफ की है। उन्होंने बताया कि शनिवार रात बिहार एक्साइज कॉन्स्टेबल परीक्षा के हजारों उम्मीदवार स्टेशन पर मौजूद थे। छात्रों ने एक ट्रेन (नंबर 2488) को रोक दिया और उसमें सवार हो गए। रेलवे प्रशासन छात्रों के लिए पूरी तरह तैयार था और रात 2:30 बजे ही कटिहार के लिए एक स्पेशल ट्रेन का इंतजाम कर दिया गया था, जो सुबह 5:47 बजे रवाना हुई।
150 उपद्रवियों ने जानबूझकर काटा बवाल
CPRO सरस्वती चंद्र के अनुसार, सिविल पुलिस की रिपोर्ट बताती है कि भीड़ में लगभग 150 ऐसे लोग शामिल थे जो खुद को छात्र बताकर जानबूझकर हंगामा करने की कोशिश कर रहे थे। फिलहाल स्टेशन पर स्थिति पूरी तरह सामान्य और नियंत्रण में है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि परीक्षा खत्म होने के बाद छात्रों की वापसी के लिए भी स्पेशल ट्रेनों की व्यवस्था की गई है।
इसे भी पढ़ें: Patliputra Railway Station Violence: एग्जाम स्पेशल ट्रेन में देरी पर भड़के छात्र, स्टेशन पर की तोड़फोड़
चश्मदीद बोले- 'दुकान तोड़ दी, मैं बमुश्किल जान बचाकर भागा'
इस हिंसक झड़प के बीच फंसे एक स्थानीय दुकानदार संजय कुमार शर्मा ने अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया, "शुरुआत में छात्रों ने ट्रेनें रोक दी थीं। जब प्रशासन रास्ता साफ कराने पहुंचा, तो भीड़ बिल्कुल नहीं मानी। देखते ही देखते भारी हंगामा और हिंसा शुरू हो गई। उपद्रवियों ने मेरी दुकान पूरी तरह तोड़-फोड़ दी और अंदर बड़े-बड़े पत्थर फेंके। मैं बमुश्किल अपनी जान बचाकर वहां से भागा, वरना कुछ भी हो सकता था।"
इसे भी पढ़ें: केजरीवाल ने दिया Punjab Elections जल्दी होने का संकेत, Bhagwant Mann ही होंगे CM चेहरा!
छात्रों की संख्या के आगे कम पड़ गईं ट्रेनें
दुकानदार संजय कुमार ने आगे बताया कि परीक्षा देने आए छात्रों की संख्या हजारों में थी, लेकिन उनके मुकाबले ट्रेनें बहुत कम थीं। ट्रेन न मिलने के कारण छात्र बहुत ज्यादा गुस्से में थे, जिसके बाद यह पूरा विवाद खड़ा हुआ।
अन्य न्यूज़














