बॉलीवुड में लोग प्रतिभा के आधार पर सफल हुए हैं, धर्म के आधार पर नहीं: शिवसेना

संपादकीय में यह भी कहा गया कि मुंबई फिल्म उद्योग लाखों लोगों को रोजगार देता है। उद्योग में “खानों” के प्रभुत्व पर संपादकीय में कहा गया कि एक समय में फिल्म उद्योग में पंजाबियों और महाराष्ट्रियन लोगों का प्रभुत्व था।
संपादकीय में कहा गया कि फाल्के द्वारा रखी गई आधारशिला का फल आज पूरे देश से आए कलाकारों को मिल रहा है। सामना में कहा गया, “मुंबई में इस उद्योग में अपना भाग्य आजमाने जो आता है वह पहले फुटपाथ पर सोता है और फिर जुहू, पाली हिल और मालाबार हिल में बंगला बनाकर रहने चला जाता है। यह सभी लोग इस शहर और राज्य के हमेशा आभारी रहे हैं जिसने उन्हें उनके सपनों को सच करने का अवसर दिया। उन्होंने मुंबई को कभी धोखा नहीं दिया और शहर के विकास में अपना योगदान दिया।”वाचा दै.सामनाचा आजचा अग्रलेखhttps://t.co/MBdDXYM8KU
— Saamana (@Saamanaonline) September 12, 2020
इसे भी पढ़ें: शिवसेना से महाभारत, कंगना का कुरुक्षेत्र तैयार! लगा दिया 'हर हर महादेव' का नारा
मुखपत्र में कहा गया, “बहुत से कलाकारों को भारत रत्न और निशान ए पाकिस्तान से नवाजा गया है।” संयोग से, कई साल पहले जब दिलीप कुमार ने निशान ए पाकिस्तान स्वीकार किया था तब शिवसेना ने इसका मुखर होकर विरोध किया था। संपादकीय में यह भी कहा गया कि मुंबई फिल्म उद्योग लाखों लोगों को रोजगार देता है। उद्योग में “खानों” के प्रभुत्व पर संपादकीय में कहा गया कि एक समय में फिल्म उद्योग में पंजाबियों और महाराष्ट्रियन लोगों का प्रभुत्व था।
अन्य न्यूज़














