त्योहारों को लेकर दिल्ली सरकार की अलग-अलग नीति, रामलीला की अनुमति, लेकिन सार्वजनिक स्थानों पर छठ पूजा पर रोक

त्योहारों को लेकर दिल्ली सरकार की अलग-अलग नीति, रामलीला की अनुमति, लेकिन सार्वजनिक स्थानों पर छठ पूजा पर रोक

दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने नए कोविड-19 दिशानिर्देश में कहा है कि बड़ी संख्या में लोगों के जमा होने और समारोह के लिए नियमों में ढील त्योहार मनाने के लिए केवल 15 नवंबर तक दी गई है।

त्यौहारों को लेकर दिल्ली सरकार का दोहरा रवैया सामने आया है। राजधानी दिल्ली में कोरोना संक्रमण के मामले काबू में हैं. प्रतिदिन संक्रमण के 100 से भी कम मामले देखने को मिल रहे हैं. इसका नतीजा यह है कि दिल्ली सरकार ने रामलीला के आयोजन का फैसला लिया है। लेकिन वहीं सार्वजनिक स्थानों और नदी के किनारे छठ का त्योहार मनाने पर रोक लगा दी गई है। यह घोषणा दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की तरफ से की गई है। 

रामलीला मंचन की अनुमति 

रामलीला मंचन को लेकर दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की अनुमति की घोषणा के बाद रामलीला समितियों ने मंचन को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। डीडीए, नगर निगम और दूसरे ग्राउंड की बुकिंग रामलीला आयोजन के लिए खोल दी गई है। हालांकि इस दौरान कोविड प्रोटोकॉल के तहत कहीं पर पांच या दस दिन लीला का मंचन होगा तो कहीं एक दिन में संपूर्ण लीला का मंचन होगा। 

पब्लिक प्लेस पर छठ मनाने पर रोक

दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने नए कोविड-19 दिशानिर्देश में कहा है कि बड़ी संख्या में लोगों के जमा होने और समारोह के लिए नियमों में ढील त्योहार मनाने के लिए केवल 15 नवंबर तक दी गई है। डीडीएमए ने एक आधिकारिक आदेश में कहा, ‘‘दिल्ली में त्योहारों के दौरान प्रदर्शनी, मेला, खाने - पीने की दुकानें, झूला, रैली और जुलूस निकालने की अनुमति नहीं होगी। सार्वजनिक स्थानों पर छठ मनाने की भी अनुमति नहीं दी जाएगी और लोगों को सलाह दी जाती है कि वे इस त्योहार को अपने घर में ही मनाएं।’’ 





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