गणतंत्र दिवस पर पूरे भारत की तस्वीरें, कहीं तिरंगे से प्यार दिखा तो कहीं नफरत की आग

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 27, 2020   10:38
गणतंत्र दिवस पर पूरे भारत की तस्वीरें, कहीं तिरंगे से प्यार दिखा तो कहीं नफरत की आग

देशभर में विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में रविवार को 71वें गणतंत्र दिवस पर रंगबिरंगी परेड हुईं जिनमें भारत की सांस्कृतिक विविधता का शानदार प्रदर्शन हुआ। इस दौरान राज्यों ने अपनी उपलब्धियां सूचीबद्ध की और विकास एजेंडा रेखांकित किये।

 नयी दिल्ली। देशभर में विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में रविवार को 71वें गणतंत्र दिवस पर रंगबिरंगी परेड हुईं जिनमें भारत की सांस्कृतिक विविधता का शानदार प्रदर्शन हुआ। इस दौरान राज्यों ने अपनी उपलब्धियां सूचीबद्ध की और विकास एजेंडा रेखांकित किये। ऊपरी असम में बम विस्फोटों को छोड़कर देश में बाकी जगह गणतंत्र दिवस शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न हुआ। असम में 10 मिनट के अंतराल पर चार बम विस्फोट हुए जिसकी जिम्मेदारी उल्फा (आई) ने ली। समारोह पूरे देश में कड़ी सुरक्षा के बीच आयोजित हुए। सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों ने कई स्थान पर तिरंगा फहराया और मानव श्रृंखला बनाकर ‘संविधान की रक्षा’ का संकल्प लिया। असम के मंत्री हेमंत विश्व सरमा और भाजपा विधायक अंगूरलता डेका को उस समय राज्य में अलग अलग स्थानों पर सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों द्वारा काले झंडे दिखाये गए जब वे कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए जा रहे थे।

इसे भी पढ़ें: लीजिये दिल्ली चुनावों में भी पाकिस्तान आ गया, बजट में आखिर किन बड़ी राहतों का होगा ऐलान ?

पिछले साल पांच अगस्त में जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त किये जाने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के बाद यह पहला गणतंत्र दिवस था। उपराज्यपाल जी. सी. मुर्मू ने जम्मू में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। कश्मीर में गणतंत्र दिवस कड़ी सुरक्षा के बीच मनाया गया। प्राधिकारियों ने मोबाइल सेवाओं पर शाम तक रोक लगा दी थी। मुख्य समारोह शेरे कश्मीर क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित हुआ जहां उपराज्यपाल के सलाहकार ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की लेकिन मुख्यधारा के अधिकतर नेता इससे दूर रहे। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। जमीन से हवा तक की सुरक्षा के लिए हजारों सशस्त्र कर्मी, दर्जनों ड्रोन और सैकड़ों सीसीटीवी कैमरे और चेहरा पहचानने वाले उपकरणों के माध्यम से कड़ी नजर रखी गई।

इसे भी पढ़ें: दिल्ली चुनाव काम के आधार पर लड़ा जाएगा, न कि जाति या धर्म के आधार पर: केजरीवाल

दिल्ली के शाहीन बाग में सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया, राष्ट्रगान गाया। इस दौरान ‘‘सीएए से आजादी, एनआरसी से आजादी, भाजपा से आजादी’’ जैसे नारे लगाये गए। इस बीच सरकारी विमानन कंपनी एयर इंडिया ने 71वें गणतंत्र दिवस के मौके पर पर्यावरण के अनुकूल एक खास किस्म के कागज से बनाए गए 30 हजार झंडे मेट्रो शहरों और श्रीनगर के हवाई अड्डे पर यात्रियों में वितरित किये।  उत्तर प्रदेश में गणतंत्र दिवस परंपरागत हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। राज्य की राजधानी लखनऊ में 71वें गणतंत्र दिवस पर परंपरागत रूप से परेड हुई जिसमें सेना, पुलिस तथा अर्धसैनिक बलों के जवानों और छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया।

उत्तराखंड में राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने अपने संबोधन में कन्या भ्रूण हत्या का मुद्दा उठाया और इसे सबसे बड़ा पाप बताया। पंजाब, हरियाणा और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में 71वां गणतंत्र दिवस समारोह पारंपरिक तरीके से मनाया गया। देश के पूर्वी और पूर्वोत्तर हिस्सों में राज्यों के राज्यपालों ने अपने अपने राज्यों में तिरंगा फहराया और परेड समारोह की अध्यक्षता की। परंपरा से अलग मेघालय में मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा ने शिलांग में तिरंगा झंडा फहराया क्योंकि राज्यपाल तथागत राय दिसम्बर से छुट्टी पर हैं। असम में राज्यपाल जगदीश मुखी ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और कहा कि असम की सरकार मूल लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।  पश्चिम बंगाल में राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने राज्य में समारोह का नेतृत्व किया और राष्ट्रीय ध्वज फहराया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपने मंत्रिमंडल सहयोगियों के साथ कार्यक्रम में शामिल हुईं और कार्यक्रम संपन्न होने के बाद उन्होंने राज्यपाल का अभिवादन किया।

सूत्रों ने बताया कि बनर्जी शाम को राजभवन में धनखड़ द्वारा आयोजित कार्यक्रम में भी शामिल हुईं। कोलकाता में विभिन्न आस्था वाले लोगों का समूह सड़कों पर उतरा और शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सीएए के खिलाफ मानव श्रृंखला बनायी। झारखंड में राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने इस बात पर जोर दिया कि बेरोजगारी एक ज्वलंत मुद्दा है और सरकार पंचायत कार्यालयों और राज्य विभागों में रिक्तियों को भरने के लिए कदम उठाएगी। एक अलग कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लोगों से राज्य के कल्याण के लिए काम करने का आह्वान किया। बिहार के राज्यपाल फागू चौहान ने जलवायु परिवर्तन पर चिंता जताते हुए पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर जोर दिया और इस मुद्दे पर जागरुकता पैदा करने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रयासों की प्रशंसा की। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक राज्य की राजधानी भुवनेश्वर में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में विशिष्ट अतिथि थे। इस कार्यक्रम का नेतृत्व राज्यपाल गणेशी लाल ने किया। राज्यपाल ने लोगों से आह्वान किया कि वे राज्य के लाभ के लिए नि:स्वार्थ भाव से सेवा करें।

नगालैंड में न्याय एवं कानून मंत्री सी एम चांग ने दीमापुर में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘केंद्र की सभी नगा राजनीतिक समूहों के साथ वार्ता सफल तरीके से सम्पन्न हुई है और हमें जल्द एक समाधान की उम्मीद है।’’ अरुणाचल प्रदेश में राज्यपाल बी डी मिश्रा ने कहा कि राज्य में सभी विकास परियोजनाओं पर नजर रखने के लिए उपग्रह आधारित निगरानी और जियो टैगिंग प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल किया जाएगा। मिजोरम में राज्यपाल पी एस श्रीधरन पिल्लई ने लोगों को एकीकृत विकास के लिए समन्वित प्रयास करने की अपील की। त्रिपुरा में राज्यपाल रमेश बैस ने सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि बांग्लादेश के साथ व्यापार को बढ़ावा देने के प्रयास किये जा रहे हैं जिससे पूरे क्षेत्र को लाभ होगा। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि ऊपरी असम में सुबह सवा आठ बजे से आठ बजकर 25 मिनट के बीच चार शक्तिशाली विस्फोट हुए। इनमें से तीन डिब्रूगढ़ और एक चराईदेव जिले में हुआ। उन्होंने कहा कि हालांकि इसमें किसी के भी हताहत होने की सूचना नहीं है। प्रतिबंधित संगठन उल्फा (इंडिपेंडेंट) ने असम में गणतंत्र दिवस समारोह से पहले हुए विस्फोटों की जिम्मेदारी ली है। दक्षिणी राज्यों में भी गणतंत्र दिवस समारोह पूरे जोश और उत्साह के साथ मनाया गया।

तेलंगाना में राज्यपाल तमिलसाई सुंदरराजन ने अपने भाषण में कहा कि कई क्षेत्रों में तेलंगाना पहले स्थान पर रहा है, लेकिन साक्षरता में वह पिछड़ रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जल्द ही राज्य को पूर्ण साक्षर बनाने के लिए एक कार्ययोजना की घोषणा करेगी। एआईएमआईएम के सूत्रों ने बताया कि पार्टी अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने पुराने हैदराबाद शहर में तिरंगा झंडा फहराया और संविधान की प्रस्तावना पढ़ी। केरल में गणतंत्र दिवस समरोहों का नेतृत्व राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने किया। उन्होंने राज्य स्तरीय कार्यक्रम में तिरंगा झंडा फहराया। वक्फ बोर्ड के तहत आने वाली मस्जिदों और लातिन चर्चों में राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया और नियमित प्रार्थना के बाद संविधान की प्रस्तावना पढ़ी गई।

उत्तर केरल के कासरगोड से कालियाक्कवीलई तक 620 किलोमीटर लंबी मानव श्रृंखला माकपा नीत एलडीएफ ने बनायी और संशोधित नागरिकता कानून को वापस लेने की मांग की गई। तमिलनाडु में राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित ने राज्य में गणतंत्र दिवस समारोह का नेतृत्व किया और मरीना में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। आंध्रप्रदेश के राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन ने कहा कि राज्य प्रशासन विकेंद्रीकरण के माध्यम से समावेशी वृद्धि और समेकित विकास के मार्ग पर आगे बढ़ने को तैयार है। कर्नाटक में गणतंत्र दिवस परंपरागत तरीके से मनाया गया । इस दौरान मार्च पास्ट, सांस्कृतिक कार्यक्रम और रक्षा कर्मियों द्वारा स्टंट किये गए।

गुजरात में सौराष्ट्र के राजकोट में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में जांबाज़ पुलिस कर्मियों ने मोटरसाइकिलों और घोड़ों पर हैरतअंगेज़ करतब दिखाए और राज्य की उपलब्धियों का प्रदर्शन करने वाली झांकियां निकाली गईं। साथ में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी पेश किए गए। वरिष्ठ नागरिकों और बच्चों के एक समूह ने पोरबंदर तट पर समुद्र के पानी में खड़े होकर तिरंगा फहराया जबकि जामनगर में छात्रों ने 111 मीटर राष्ट्रीय ध्वज लेकर एक तिरंगा यात्रा निकाली। महाराष्ट्र में राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने आधिकारिक कार्यक्रम में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस दौरान मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, राज्य के डीजीपी सुबोध जायसवाल, मुम्बई पुलिस आयुक्त संजय भरवे आदि मौजूद थे। छत्तीसगढ़ में रायपुर के पुलिस परेड मैदान में राज्यपाल अनुसुईया उइके ने अपने भाषण में कहा कि राज्य में सचेत पुलिस बल और न्याय दिलाने की पहल के कारण नक्सली हिंसा और अपराधों में कमी आई है। मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि लोगों के दिलों को जोड़ना भारत के साथ ही कांग्रेस की संस्कृति है तथा जो लोग इसके एवं संविधान के खिलाफ जाने का प्रयास कर रहे हैं उनसे दृढ़ता से निपटा जाएगा।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।

Prabhasakshi logoखबरें और भी हैं...

राष्ट्रीय

झरोखे से...