राज्यसभा के 250वें सत्र पर बोले PM मोदी, विचार, व्यवहार और सोच ही हमारे औचित्य को करेगी साबित

pm-modi-addressed-the-250th-session-of-the-rajya-sabha-said-thought-behavior-and-thinking-will-prove-our-justification
अभिनय आकाश । Nov 18 2019 2:22PM

राज्यसभा के 250वें सत्र के विशेष मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदन को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने राज्यसभा में योगदान देने वालों का अभिनंदन किया। साथ ही कहा कि राज्यसभा के 250वें सत्र में शामिल होना मेरा सौभाग्य है।

संसद के शीतकालीन सत्र की शुरूआत आज से हो गई है। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने, दो राज्यों में विधानसभा होने और अयोध्या विवाद का फैसला आने के बाद यह संसद का पहला सत्र है। राज्यसभा का 250वां सत्र आज से शुरू हो गया। संसद का शीतकालीन सत्र राज्यसभा के लिए 250वां अधिवेशन होने की वजह से बेहद खास है। राज्यसभा के 250वें सत्र के विशेष मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदन को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने राज्यसभा में योगदान देने वालों का अभिनंदन किया। साथ ही कहा कि राज्यसभा के 250वें सत्र में शामिल होना मेरा सौभाग्य है। एक विचार यात्रा रही। समय बदलता गया, परिस्थितियां बदलती गई और इस सदन ने बदली हुई परिस्थितियों को आत्मसात करते हुए अपने को ढालने का प्रयास किया।

इसे भी पढ़ें: सदन में बैठे अनुभवी लोगों ने शासन व्यवस्था में नहीं आने दी निरंकुशता: मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि अनुभव कहता है संविधान निर्माताओं ने जो व्यवस्था दी वो कितनी उपयुक्त रही है। कितना अच्छा योगदान इसने दिया है। जहां निचला सदन जमीन से जुड़ा है, तो उच्च सदन दूर तक देख सकता है। भारत की विकास यात्रा में निचले सदन से जमीन से जुड़ी चीजों का प्रतिबिंब झलकता है, तो उच्च सदन से दूर दृष्टि का अनुभव होता है। इस सदन ने बनते हुए इतिहास को देखा है। पीएम ने स्थायित्व और विविधता को इस सदन की सबसे बड़ी खासियत बताया।स्थायित्व इसलिए महत्वपूर्ण है कि लोकसभा तो भंग होती रहती है लेकिन राज्य सभा कभी भंग नहीं होती और विविधता इसलिए महत्वपूर्ण है कि क्योंकि यहां राज्यों का प्रतिनिधित्व प्राथमिकता है। इस सदन का एक और लाभ भी है कि हर किसी के लिए चुनावी अखाड़ा पार करना बहुत सरल नहीं होता है, लेकिन देशहित में उनकी उपयोगिता कम नहीं होती है, उनका अनुभव, उनका सामर्थय मूल्यवान होता है। मोदी ने कहा कि राज्यसभा का फायदा है कि यहां वैज्ञानिक, कलाकार और खिलाड़ी जैसे तमाम व्यक्ति आते हैं जो लोकतांत्रिक तरीके से चुने नहीं जाते हैं। बाबा साहेब इसके सबसे बड़े उदाहरण हैं। वे लोक सभा के लिए नहीं चुने जा सके लेकिन वे राज्यसभा पहुंचे। बाबा साहेब अंबेडकर के कारण देश को बहुत कुछ प्राप्त हुआ।

बता दें कि राज्यसभा की बैठक व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। नई व्यवस्था के मुताबिक निर्मला सीतारमण और पीयूष गोयल को पहली पंक्ति में जगह मिली वहीं हरदीप पुरी को पांचवी पंक्ति से दूसरी लाइन में लाया गया। सुरेश प्रभु को दूसरी पंक्ति में जगल मिली। शरद पवार को टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन टीएमसी के बगल में जगह दी गई। इसके साथ ही शिवसेना को विपक्षी दलों के साथ एनसीपी के बदल जगह दी गई। इसके साथ ही राज्यसभा में मार्शलों की वर्दी बदली गई। 

We're now on WhatsApp. Click to join.
All the updates here:

अन्य न्यूज़