• PM मोदी ने महेंद्र प्रताप सिंह यूनिवर्सिटी का किया शिलान्यास, बोले- कल्याण सिंह की कमी महसूस कर रहा हूं

उप मुख्यमंत्री डॉक्टर दिनेश शर्मा ने बताया कि राजा महेंद्र प्रताप सिंह वर्ष 1915 में काबुल में स्थापित भारत की पहली प्रोविजनल सरकार के राष्ट्रपति भी थे। उस सरकार का गठन विभिन्न अफगान कबीलों के प्रमुखों तथा जापान समेत कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों की मदद से किया गया था।

अलीगढ़। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अलीगढ़ में राजा महेंद्र प्रताप यूनिवर्सिटी का शिलान्यास किया। इस दौरान राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे। आपको बता दें कि राजा महेंद्र प्रताप यूनिवर्सिटी 92 एकड़ में बनेगी। 

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उन्होंने कहा कि आज अलीगढ़ के लिए, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए बहुत बड़ा दिन है। आज राधाष्टमी है, जो आज के दिन को और भी पुनीत बनाता है। बृज भूमि के कण-कण में राधा ही राधा हैं। मैं पूरे देश को राधाष्टमी की हार्दिक बधाई देता हूं। 

कल्याण सिंह को दी श्रद्धांजलि 

इसी बीच पीएम मोदी ने पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह को श्रद्धांजलि दी और कहा कि उनकी कमी महसूस कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि आज कल्याण सिंह जी हमारे साथ होते तो राजा महेन्द्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय और डिफेंस सेक्टर में बन रही अलीगढ़ की नई पहचान को देखकर बहुत खुश हुए होते।

देश मना रहा आजादी का अमृत महोत्सव

पीएम मोदी ने कहा कि आज जब देश अपनी आजादी के 75 वर्ष का पर्व मना रहा है, आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है, तो इन कोशिशों को और गति दी गई है। भारत की आजादी में राजा महेन्द्र प्रताप सिंह जी के योगदान को नमन करने का ये प्रयास ऐसा ही एक पावन अवसर है। उन्होंने कहा कि आज देश के हर उस युवा हो जो बड़े सपने देख रहा है, जो बड़े लक्ष्य पाना चाहता है, उसे राजा महेन्द्र प्रताप सिंह जी के बार में अवश्य जानना चाहिए, अवश्य पढ़ना चाहिए।

भारत सुधार रहा 20वीं सदी की गलतियां

पीएम मोदी ने कहा कि राजा महेन्द्र प्रताप सिंह जी के जीवन से हमें अदम्य इच्छाशक्ति अपने सपनों को पूरा करने के लिए कुछ भी कर गुजरने वाली जीवटता आज भी हमें सीखने को मिलती है। उन्होंने आगे कहा कि हमारी आजादी के आंदोलन में ऐसे कितने ही महान व्यक्तित्वों ने अपना सब कुछ खपा दिया। लेकिन ये देश का दुर्भाग्य रहा कि आजादी के बाद ऐसे राष्ट्र नायक और राष्ट्र नायिकाओं की तपस्या से देश की अगली पीढ़ियों को परिचित ही नहीं कराया गया। 

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उन्होंने कहा कि उनकी गाथाओं को जानने से देश की कई पीढ़ियां वंचित रह गईं। 20वीं सदी की उन गलतियों को आज 21वीं सदी का भारत सुधार रहा है।

उन्होंने कहा कि आज देश के प्रधानमंत्री के नाते मुझे फिर से एक बार ये सौभाग्य मिला है कि मैं राजा महेंद्र प्रताप सिंह जैसे विजनरी और महान स्वतंत्रता सेनानी के नाम पर बन रहे विश्वविद्यालय का शिलान्यास कर रहा हूं।

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