एक जनवरी को छह स्थानों पर लाइट हाउस परियोजना की आधारशिला रखेंगे PM मोदी

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  दिसंबर 31, 2020   08:14
एक जनवरी को छह स्थानों पर लाइट हाउस परियोजना की आधारशिला रखेंगे PM मोदी

केन्‍द्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने 2017 को जीएचटीसी-इंडिया के तहत ‘लाइट हाउसद्ध परियोजनाओं के निर्माण के लिए पूरे देश में छह स्‍थानों का चयन करने के लिए राज्‍यों व केन्‍द्रशासित प्रदेशों के लिए एक चुनौती की शुरूआत की थी।

नयी दिल्ली।  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अगले साल एक जनवरी को वैश्विक आवास निर्माण प्रौद्योगिकी प्रतियोगिता-भारत (जीएचटीसी-इंडिया) के तहत छह राज्यों में छह स्थानों पर ‘लाइट हाउस’ परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक वीडियो कांफ्रेस से आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री आशा इंडिया यानी ‘‘अफोर्डेबल सस्टेनेबल हाउसिंग एक्सेलरेटर’’ के विजेताओं की घोषणा भी करेंगे और साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के क्रियान्वयन के लिए उत्कृष्टता का वार्षिक पुरस्कार देंगे। 

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इस कार्यक्रम के दौरान मोदी नवप्रर्वतक निर्माण प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक नये पाठ्यक्रम की भी शुरुआत करेंगे। इस पाठ्यक्रम का नाम ‘‘नवारितिह’’ रखा गया है। इस कार्यक्रम में आवासीय और शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी के अलावा त्रिपुरा, झारखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री भी शामिल होंगे। केन्‍द्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय ने 2017 को जीएचटीसी-इंडिया के तहत ‘लाइट हाउसद्ध परियोजनाओं के निर्माण के लिए पूरे देश में छह स्‍थानों का चयन करने के लिए राज्‍यों व केन्‍द्रशासित प्रदेशों के लिए एक चुनौती की शुरूआत की थी। 

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मंत्रालय ने इस चुनौती में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए सभी राज्‍यों व केन्‍द्रशासित प्रदेशों को प्रोत्‍साहित किया था तथा निर्धारित मानदंडों के अनुसार सबसे अधिक अंक अर्जित करने वाले छह राज्‍यों व केन्‍द्रशासित प्रदेशों को ‘लाइट हाउस’ परियोजनाएं प्रदान करने की घोषणा की थी। इन प्रदेशों को प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई-शहरी) के दिशा-निर्देशों के अनुसार इन परियोजनाओं के निर्माण के लिए केन्‍द्रीय सहायता उपलब्‍ध कराई गई। इसके अलावा नयी प्रौद्योगिकी के उपयोग और अर्थव्‍यवस्‍थाओं से संबंधित मुद्दों से निपटने और अन्‍य संबंधित कारकों के कारण होने वाले किसी अतिरिक्‍त लागत के प्रभाव को दूर करने के लिएप्रौद्योगिकी नवाचार अनुदान (टीआईजी) का भी प्रावधान किया गया था।





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