जहांगीरपुरी को लेकर चढ़ा सियासी पारा, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- यथास्थिति बनी रहेगी

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अंकित सिंह । Apr 21 2022 11:39AM

बुलडोजर वाली कार्रवाई को लेकर राजनीति भी तेज हो गई है। भाजपा पर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी लगातार हमला हुआ है। विपक्ष ने आरोप लगाया कि भारत के संवैधानिक मूल्यों को ध्वस्त किया गया है और इसमें गरीबों तथा अल्पसंख्यकों को निशाना गया है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने जोर देते हुए कहा कि यह एक कानूनी कवायद है और इसका धर्म से कोई लेना-देना नहीं है।

दिल्ली का जहांगीरपुर लगातार सुर्खियों में 16 अप्रैल यानी कि हनुमान जयंती के दिन यहां पर शोभा यात्रा के दौरान हिंसा हुई थी। इस हिंसा के बाद अब तक 25 लोगों को गिरफ्तार किया गया है जबकि क्राइम ब्रांच ने जांच के लिए 14 टीमों का गठन किया है। इसके साथ ही जहांगीरपुरी बुधवार को भी खूब सुर्खियों में रहा, जब एमसीडी ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ इलाके में बुलडोजर चलाया। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस अभियान पर रोक लगा दी। एमसीडी का दावा है कि यह एक नियमित कार्रवाई है और इसका हिंसा से कोई लेना देना नहीं है। हालांकि यह अभियान वही हुआ जहां हिंसा हुई थी। सुप्रीम कोर्ट के रोक लगाए जाने से पहले लगभग 2 घंटे तक यहां तोड़फोड़ का अभियान चला। आज इस मामले में एक बार फिर से सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। वरिष्ठ अधिवक्ता दुष्यंत दवे ने कहा कि यह मामला संवैधानिक और राष्ट्रीय महत्व के दूरगामी प्रश्न उठाता है। उन्होंने कहा कि यह मामला जहांगीरपुरी तक सीमित नहीं है, अगर इसकी अनुमति दी गई तो कानून का राज नहीं बचेगा।

दवे ने साफ तौर पर कहा कि पुलिस और नागरिक प्राधिकरण संविधान से बंधे हैं न कि किसी भाजपा नेता द्वारा लिखे गए पत्रों से और यह एक दुखद स्थिति है। वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि अतिक्रमण एक गंभीर मुद्दा है लेकिन मुद्दा यह भी है कि मुसलमानों को अतिक्रमण से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामले दूसरे राज्यों में भी हो रहे हैं। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता का कहना है कि दोनों दलीलें जमीयत उलमा-ए-हिंद की हैं। उन्होंने कहा कि एक समुदाय को निशाना बनाने का आरोप गलत है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने साफ तौर पर कहा कि जहांगीरपुरी में यथास्थिति बनी रहेगी। फिलहाल इस मामले को लेकर 2 हफ्ते बाद सुनवाई की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से हलफनामा भी मांगा है। 

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इन सब के बीच बुलडोजर वाली कार्रवाई को लेकर राजनीति भी तेज हो गई है। भाजपा पर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी लगातार हमला हुआ है। विपक्ष ने आरोप लगाया कि भारत के संवैधानिक मूल्यों को ध्वस्त किया गया है और इसमें गरीबों तथा अल्पसंख्यकों को निशाना गया है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने जोर देते हुए कहा कि यह एक कानूनी कवायद है और इसका धर्म से कोई लेना-देना नहीं है।  कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दिल्ली और मध्य प्रदेश के हिंसा प्रभावित इलाकों में अतिक्रमण विरोधी अभियान के तहत बुलडोजर चलाए जाने को लेकर सरकार पर निशाना साधा और कहा कि बुलडोजर से मकान नहीं, बल्कि देश के संविधान को ध्वस्त किया जा रहा है। राहुल ने कहा, ‘‘मोदी जी, मंदी निकट है। बिजली की कटौती से छोटे उद्योग खत्म हो जाएंगे जिससे और रोजगार जाएंगे। नफरत का बुलडोजर रोकिए, ऊर्जा संयंत्रों को शुरू करिये।’’आम आदमी पार्टी ने बुधवार को कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आवास और भाजपा मुख्यालय को बुलडोजर से गिरा देने से देश हमेशा के लिए सांप्रदायिक हिंसा और दंगों से मुक्त हो जाएगा। अरविंद केजरीवाल नीत पार्टी आप ने आरोप लगाया कि भाजपा ने पिछले सप्ताह हनुमान जयंती के जुलूस के दौरान जहांगीरपुरी में दो समुदायों के बीच संघर्ष कराया। आप ने भाजपा पर रामनवमी के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में हिंसा भड़काने का भी आरोप लगाया। आप ने आरोप लगाया कि सांप्रदायिक हिंसा और दंगे भड़काने के एकमात्र मकसद से, भाजपा ने पिछले आठ वर्षों के दौरान रोहिंग्या और बांग्लादेशियों को देश के विभिन्न हिस्सों में अवैध रूप से बसाया है। 

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भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि इस मुद्दे पर विपक्षी दलों द्वारा की जा रही राजनीति दुखद है। पात्रा ने विपक्ष पर 2014 से ही भाजपा सरकार पर हमला करने के लिए अस्थिरता पैदा करने की खातिर विभिन्न मुद्दों में धार्मिक पहलू लाने का आरोप लगाया। पात्रा ने कहा, जहां तक ​​भाजपा सरकार का सवाल है, हमारा एकमात्र मंत्र सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास है। मोदी सरकार की हर परियोजना और नीति एक समावेशी कवायद रही है जिसमें जाति, पंथ और धर्म के आधार पर किसी भेदभाव के बिना समाज के हर वर्ग को लाभ दिया गया है।’’ अखिलेश यादव ने बुधवार को आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) दिल्ली नगर निगम चुनाव जीतने के लिए माहौल बना रही है। अखिलेश ने सिलसिलेवार ट्वीट में कहा, ‘‘बुलडोज़र को लेकर देशभर में आक्रोश पैदा हो रहा है। भाजपाई ग़ैरक़ानूनी तरीक़े से अपने विरोधियों के निर्माण को अवैध घोषित कर बुलडोज़र चलवा रहे हैं। उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, भाजपा ने बुलडोज़र को अपनी ग़ैरक़ानूनी ताक़त दिखाने का प्रतीक बना लिया है। मुसलमान व अन्य अल्पसंख्यक, पिछड़े व दलित इनके निशाने पर हैं। अब तो इनके उन्माद का शिकार हिंदू भी हो रहे हैं। भाजपा दरअसल संविधान पर ही ये बुलडोज़र चला रही है। 

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