प्रभासाक्षी की 19वीं वर्षगाँठ: दो दिवसीय वेबिनार की हुई शुरुआत, दिनेश कामत ने संस्कृत भाषा के महत्व को समझाया

 Dinesh Kamath

प्रभासाक्षी के वेबिनार में संस्कृत के महत्व को प्रदर्शित किया गया और बताया गया कि कैसे यह भाषा तेजी से रोजगारपरक भाषा बन रही है।

भारत के प्रमुख हिंदी समाचार पोर्टल प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क की 19वीं वर्षगाँठ पर दो दिवसीय वेबिनार की शुरुआत हो चुकी है। इस आयोजन में देश के वरिष्ठ राजनीतिज्ञों के अलावा विभिन्न विश्वविद्यालयों से पत्रकारिता छात्र, मीडिया विशेषज्ञ और अन्य लोग उपस्थित रहने वाले हैं। वेबिनार के पहले दिन 26 अक्टूबर को हिंदी सभी क्षेत्रीय भाषाओं को साथ लेकर चलती है इसीलिए वेबिनार के पहले सत्र का विषय है- 'मेरी भाषा ग्लोबल भाषा'। इसमें सबसे पहले संस्कृत के महत्व को प्रदर्शित किया गया और बताया गया कि कैसे यह भाषा तेजी से रोजगारपरक भाषा बन रही है। इस विषय पर संस्कृत भारती के अखिल भारतीय संगठन मंत्री दिनेश कामत ने अपने विचार रखे। 

उन्होंने कहा कि संस्कृत की वजह से भारतीय भाषाओं का उच्चारण है। इस बीच उन्होंने कहा कि संस्कृत गीता की भाषा है, आयुर्वेद की भाषा है, योग की भाषा है और प्राचीन भाषा है। 

दिनेश कामत ने बताया कि आईआईटी मुंबई ने अधिकृत रूप से एक डिपार्टमेंट की शुरुआत की जहां पर संस्कृत की शिक्षा दी जाती है। आईआईटी गुवाहाटी के लोगों ने भी हमसे संपर्क शुरू किया है और जेएनयू ने भी एक सर्टिफिकेट कोर्स की शुरुआत की है। उन्होंने बताया कि नार्थईस्ट में पूर्वोत्तर संस्कृतम मंथन नामक वेबिनार किया। जो सात दिनों तक चला और इसमें एक हजार लोगों ने रजिस्टर किया। इसमें नार्थईस्ट के आठ विश्वविद्यालयों के चांसलर आए। 


प्रभासाक्षी के वेबिनार में जुड़ने के लिए लिंक पर क्लिक करें। 

26 Oct, 20 

 वेबिनार 1 (11am): us02web.zoom.us/s/81155120780 

 वेबिनार 2 (2pm): us02web.zoom.us/j/84996040482

 वेबिनार 3 (4pm): us02web.zoom.us/s/83897603046

27 Oct, 20 

 वेबिनार 4 (12pm): us02web.zoom.us/s/81975834959    

डिस्क्लेमर: प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


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