शिवसेना पर बरसे प्रसाद, बोले- विचारधाराओं की हत्या क्या लोकतंत्र की हत्या नहीं?

शिवसेना पर बरसे प्रसाद, बोले- विचारधाराओं की हत्या क्या लोकतंत्र की हत्या नहीं?

रविशंकर प्रसादव ने सवाल उठाने वालों को निशाने पर लेते हुए पूछा कि कहा जा रहा है कि लोकतंत्र की हत्या की हो गई है। जब शिवसेना स्वार्थ भाव से प्रेरित होकर अपनी 30 साल की दोस्ती तोड़कर अपने घोर विरोधियों का दामन थाम ले तो ये लोकतंत्र की हत्या नहीं है क्या?

महाराष्ट्र के उलटफेर पर बीजेपी की तरह से बड़ी प्रतिक्रिया आई है। बीजेपी ने महाराष्ट्र की सियासत पर प्रेस काफ्रेंस करते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव में भाजपा और शिवसेना ने जब बहुमत प्राप्त किया तो ये भाजपा गठबंधन की नैतिक और चुनावी विजय थी। चुनाव परिणाम के बाद शिवसेना किसके इशारे पर उत्तेजक हो गई थी? शरद पवार और कांग्रेस ने परिणाम के बाद बयान दिया था कि हमें विपक्ष में बैठने का जनमत मिला है। तो ये विपक्ष में बैठने का जनमत कुर्सी के लिए मैच फिक्सिंग कैसे हो गया था। रविशंकर प्रसादन ने कहा कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में मैनडेट था भाजपा और शिवसेना, लेकिन बड़ी पार्टी थी भाजपा और मुख्यमंत्री का मैनडेट था योग्य और ईमानदार मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के लिए था। 

रविशंकर प्रसादव ने सवाल उठाने वालों को निशाने पर लेते हुए पूछा कि कहा जा रहा है कि लोकतंत्र की हत्या की हो गई है। जब शिवसेना स्वार्थ भाव से प्रेरित  होकर अपनी 30 साल की दोस्ती तोड़कर अपने घोर विरोधियों का दामन थाम ले तो ये लोकतंत्र की हत्या नहीं है क्या? एक स्थाई सरकार के आग्रह पर देवेन्द्र फडणवीस की अगुवाई में अजीत पवार के साथ बड़ा तबका आकर सरकार को सहयोग करे तो इसे लोकतंत्र की हत्या कहा जाता है।





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