राष्ट्रपति कोविंद ने आर्मी एयर डिफेंस कोर को सर्वोच्च सैन्य सम्मान ‘प्रेजिडेंट्स कलर्स’ से नवाजा

राष्ट्रपति कोविंद ने आर्मी एयर डिफेंस कोर को सर्वोच्च सैन्य सम्मान ‘प्रेजिडेंट्स कलर्स’ से नवाजा

सेना की सबसे युवा कोर में से एक ‘आर्मी एयर डिफेंस कोर’ को 25 साल से अधिक समय पहले ‘आर्टिलरी’ से पृथक कर अलग अस्तित्व दिया गया था।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने आर्मी एयर डिफेंस कोर को ‘प्रेजिडेंट्स कलर्स’ सम्मान प्रदान किया। ओडिशा के गंजम जिले के गोपालपुर में स्थित कोर ऑफ़ आर्मी एयर डिफेंस को राष्ट्रपति ने यह सम्मान प्रदान किया। ‘प्रेजिडेंट्स कलर्स’ किसी सशस्त्र बल संगठन के लिए सर्वोच्च सैन्य सम्मान है। इस सर्वोच्च पुरस्कार के लिए चयन शांति और युद्धकाल दोनों में प्रदर्शन और उपलब्धि के आधार पर किया जाता है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द दो दिन के ओडिशा दौरे पर भुवनेश्वर पहुंचे। कोविन्द के साथ ही थलसेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत भी सेना के एएडीसी में आयोजित समारोह में शामिल हुए।

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बता दें कि सेना की सबसे युवा कोर में से एक ‘आर्मी एयर डिफेंस कोर’ को 25 साल से अधिक समय पहले ‘आर्टिलरी’ से हटा कर अलग अस्तित्व दिया गया था। 2,700 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैले संस्थान में आधुनिक सुविधाएं, उपकरण और हथियार हैं। वर्ष 1989 में एक स्वायत्त इकाई के रूप में स्थापित आर्मी एयर डिफेंस कॉलेज में एयर डिफेंस कोर के कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाता है। 

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आर्मी एयर डिफेंस (एएडी) की स्‍थापना 10 जनवरी, 1994 को की गई थी और तब से इसकी भूमिका और सक्रियता में काफी बढ़ोत्तरी हुई है। पिछले सभी प्रमुख युद्धों में इसने अपनी दिलेरी को दर्शाया है। नई हथियार प्रणाली और मौजूदा हथियार प्रणाली के आधुनिकीकरण के साथ एएडी इस समय परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। आकाश रेजीमेंट की स्‍थापना और एआरएसएएम शामिल करने की योजना आसमान में युद्ध के लिए क्रांतिकारी बदलाव है जिससे थल सेना को अधिक स्‍वतंत्रता, गतिशीलता और सुरक्षा मिलती है। अगले कुछ वर्षों में एएडी तकनीकी तौर पर आधुनिक युद्ध बल में परिवर्तित हो जाएगा। एएडी के आदर्श वाक्‍य ‘आकाशे शत्रु जाही’ के प्रति स्‍वयं को निस्‍वार्थ भाव से समर्पित करने की प्रतिज्ञा ली थी।





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