ICC Pre-Seeding विवाद पर बोले Sunil Gavaskar- 'टूर्नामेंट से पहले क्यों नहीं उठाए सवाल?'

Sunil Gavaskar
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ANI
Ankit Jaiswal । Feb 22 2026 9:31PM

आईसीसी द्वारा टी20 विश्व कप में अपनाई गई प्री-सीडिंग व्यवस्था की कड़ी आलोचना हो रही है, जिसके तहत सुपर 8 की ग्रुपिंग टीमों के ग्रुप चरण के प्रदर्शन के बजाय पूर्व-निर्धारित रैंकिंग के आधार पर की गई है। इस प्रारूप ने सुपर 8 को अप्रत्याशित रूप से प्रतिस्पर्धी बना दिया है, लेकिन इसने टूर्नामेंट की निष्पक्षता पर भी बहस छेड़ दी है।

टी20 विश्व कप 2026 अब अपने निर्णायक दौर में पहुंच चुका है और सुपर 8 मुकाबले शुरू हो गए हैं। कोलंबो में पाकिस्तान और न्यूजीलैंड का पहला मैच बारिश के कारण रद्द हो गया, लेकिन असली चर्चा अब टूर्नामेंट के प्रारूप को लेकर हो रही है।

दरअसल आईसीसी द्वारा अपनाई गई प्री-सीडिंग व्यवस्था पर सोशल मीडिया में सवाल उठ रहे हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार ग्रुप चरण की सभी शीर्ष टीमों भारतीय टीम, साउथ अफ्रिका, जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज को सुपर 8 के ग्रुप 1 में रखा गया। वहीं दूसरे ग्रुप में इंग्लैंड, श्रीलंका, पाकिस्तान और न्यूजीलैंड जैसी टीमें शामिल हैं, जो अपने-अपने ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहीं।

गौरतलब है कि इस व्यवस्था के कारण दो मजबूत टीमें सुपर 8 चरण में ही बाहर हो सकती हैं। आम तौर पर बड़े टूर्नामेंटों में ग्रुप विजेताओं को अपेक्षाकृत संतुलित ग्रुप मिलता है, लेकिन यहां उल्टा समीकरण बन गया है। इसी वजह से प्रशंसकों, खासकर श्रीलंका समर्थकों ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि श्रीलंका में ग्रुप चरण खेलने के बावजूद सेमीफाइनल में पहुंचने पर टीम को भारत में खेलना पड़ सकता है।

इस विवाद के बीच पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने कहा कि अब इस मुद्दे को उठाने का ज्यादा मतलब नहीं है। उनके मुताबिक अगर किसी को प्रारूप पर आपत्ति थी तो उसे टूर्नामेंट शुरू होने से पहले उठाना चाहिए था, जब कार्यक्रम घोषित किया गया था।

गावस्कर ने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट आयोजित करना आसान नहीं होता। चूंकि यह प्रतियोगिता दो देशों में खेली जा रही है, इसलिए यात्रा, वीजा, सीमा शुल्क और आवास जैसी व्यवस्थाएं भी ध्यान में रखनी पड़ती हैं। हर टीम के साथ सहयोगी स्टाफ की संख्या अलग-अलग होती है, जिससे होटल बुकिंग और अन्य इंतजाम प्रभावित होते हैं। संभव है कि इन्हीं व्यावहारिक कारणों से प्री-सीडिंग का फैसला लिया गया हो।

बता दें कि टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही शीर्ष आठ टीमों की अंतरराष्ट्रीय टी20 रैंकिंग के आधार पर सुपर 8 के स्लॉट तय कर दिए गए थे। इसी वजह से दक्षिण अफ्रीका अपने ग्रुप में शीर्ष पर रहने के बावजूद सीडिंग में नीचे माना गया, क्योंकि न्यूजीलैंड की रैंकिंग ऊंची थी।

क्रिकेट जानकारों का मानना है कि इस प्रारूप ने सुपर 8 को और प्रतिस्पर्धी जरूर बना दिया है, लेकिन इससे असंतुलन की बहस भी तेज हुई है। अब आने वाले मुकाबले तय करेंगे कि विवाद के बीच कौन सी टीम दबाव झेलते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाती है।

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