राम की नगरी में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, कहा- राम के बिना अयोध्या, अयोध्या है ही नहीं

राम की नगरी में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, कहा- राम के बिना अयोध्या, अयोध्या है ही नहीं

कोविंद ने आगे कहा कि राम के बिना अयोध्या, अयोध्या है ही नहीं। अयोध्या तो वहीं है जहां राम है। इस नगरी में प्रभु राम हमेशा के लिए विराजमान है इसलिए यह स्थान सही अर्थों में अयोध्या है।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद आज भगवान श्री राम की जन्मभूमि अयोध्या में हैं। आज राष्ट्रपति ट्रेन से अयोध्या पहुंचे थें। अयोध्या में राम कथा पार्क के उद्घाटन के बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि आप सब के बीच अयोध्या में इस रामकथा पार्क में आकर मुझे प्रसन्नता हो रही है। हम सब रामकथा के महत्व के बारे में जानते हैं। यह कहा जा सकता है कि भारतीय जीवन मूल्यों के आर्दश और उपदेश रामायण में समाहित है।

कोविंद ने आगे कहा कि राम के बिना अयोध्या, अयोध्या है ही नहीं। अयोध्या तो वहीं है जहां राम है। इस नगरी में प्रभु राम हमेशा के लिए विराजमान है इसलिए यह स्थान सही अर्थों में अयोध्या है। अयोध्या का शाब्दिक अर्थ है कि जिसके साथ युद्ध करना असंभव हो। अयोध्या का शाब्दिक अर्थ है, ‘जिसके साथ युद्ध करना असंभव हो’। रघु, दिलीप, अज, दशरथ और राम जैसे रघुवंशी राजाओं के पराक्रम व शक्ति के कारण उनकी राजधानी को अपराजेय माना जाता था। इसलिए इस नगरी का ‘अयोध्या’ नाम सर्वदा सार्थक रहेगा।

इसे भी पढ़ें: अयोध्या में दीपोत्सव के तर्ज पर मनाया जाएगा नंदीग्राम महोत्सव

राष्ट्रपति ने आगे कहा कि रामायण में दर्शन के साथ-साथ आदर्श आचार संहिता भी उपलब्ध है जो जीवन के प्रत्येक पक्ष में हमारा मार्गदर्शन करती है। संतान का माता-पिता के साथ, भाई का भाई के साथ, पति का पत्नी के साथ, गुरु का शिष्य के साथ, मित्र का मित्र के साथ, शासक का जनता के साथ और मानव का प्रकृति व पशु-पक्षियों के साथ कैसा आचरण होना चाहिए, इन सभी आयामों पर, रामायण में उपलब्ध आचार संहिता, हमें सही मार्ग पर ले जाती है। 





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।