प्रधानमंत्री मोदी ने बांधा केसरिया रंग का ‘साफा’, अपनी सालों की परंपरा बरकरार रखी

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 26, 2020   12:16
प्रधानमंत्री मोदी ने बांधा केसरिया रंग का ‘साफा’, अपनी सालों की परंपरा बरकरार रखी

पिछले साल प्रधानमंत्री ने लाल किले की प्राचीर से छठवीं बार स्वतंत्रता दिवस का भाषण दिया था और उस दौरान उन्होंने कई रंगों वाला साफा बांधा था। वहीं 2014 में मोदी ने प्रधानमंत्री के तौर पर पहली बार अपने भाषण के दौरान लाल रंग का बंधेज वाला साफा पहना था जिसकी पीछे की पट्टी का रंग हरा था।

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस पर साफा बांधने की अपनी परंपरा को बरकरार रखते हुए इस बार गणतंत्र दिवस पर केसरिया रंग का ‘बंधेज’ का साफा बांधा। पारंपरिक कुर्ता पजामा और जैकेट पहने प्रधानमंत्री ने इंडिया गेट पर स्थित अमर जवान ज्योति के बजाय यहां नव निर्मित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर पहली बार शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी। गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री के परिधान में खास तौर पर उनके साफे की काफी चर्चा होती है।

इसे भी पढ़ें: गणतंत्र दिवस से पहले पुलवामा में गोलीबारी, सुरक्षाबलों ने 3 आतंकियों को घेरा

पिछले साल प्रधानमंत्री ने लाल किले की प्राचीर से छठवीं बार स्वतंत्रता दिवस का भाषण दिया था और उस दौरान उन्होंने कई रंगों वाला साफा बांधा था। 

वहीं 2014 में मोदी ने प्रधानमंत्री के तौर पर पहली बार अपने भाषण के दौरान लाल रंग का बंधेज वाला साफा पहना था जिसकी पीछे की पट्टी का रंग हरा था।

इसे भी पढ़ें: 15 दिन की NIA हिरासत में भेजा गया निलंबित डीएसपी दविंदर सिंह

प्रधानमंत्री ने 2015 में धारीदार पट्टियों वाला साफा बांधा था जिनमें से कुछ का रंग लाल और गहरा हरा था। इसके बाद 2016 में लाल किले से भाषण के दौरान वह गुलाबी और पीले रंग वाले साफे में नजर आए थे। वहीं 2017 में उन्होंने चमकदार लाल और पीले रंग का साफा पहना था।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।